मसाले भरपूर, फिर भी सब्जी बेस्वाद? रसोई की ये 6 छोटी चूकें बिगाड़ देती हैं पूरा खाना घर की सब्जी में रेस्टोरेंट जैसा स्वाद न आने की वजह खराब मसाले नहीं, बल्कि कुकिंग के दौरान होने वाली कुछ बारीक गलतियां हैं — भूनने से लेकर पानी और फिनिशिंग तक। रसोई में घंटों मेहनत, हर तरह का मसाला डालने के बाद भी जब सब्जी का स्वाद वैसा नहीं उतरता जैसा किसी रेस्टोरेंट की प्लेट में मिलता है, तो ज्यादातर लोग मसालों को दोष देने लगते हैं। हकीकत इससे अलग है। दिक्कत मसालों में नहीं, बल्कि पकाने के तरीके में छिपी उन छोटी-छोटी चूकों में होती है, जो अलग-अलग नहीं दिखतीं पर मिलकर पूरे खाने का जायका तय कर देती हैं। नीचे एक-एक करके समझिए कि असली गड़बड़ी कहां हो रही है। भूनना अधूरा रह जाना सबसे बड़ी गलती मसालों को ठीक से न पकने देना है। बहुत से लोग प्याज-टमाटर डालते ही उसके फौरन बाद मसाले झोंक देते हैं और चंद मिनटों में ऊपर से पानी भी डाल देते हैं। नतीजा यह होता है कि मसालों की कच्ची-सी गंध बनी रह जाती है और उनका असली फ्लेवर खुल ही नहीं पाता। सही तरीका है — मसालों को तब तक धीमी आंच पर भूनते रहना जब तक मसाले के किनारों से तेल अलग होकर तैरने न लगे और रसोई में भुनी हुई खुशबू न फैल जाए। तेल में कंजूसी दूसरी आम भूल तेल की मात्रा को लेकर है। जरूरत से कम तेल में मसाले ढंग से पक ही नहीं पाते और स्वाद फीका रह जाता है। खासकर देसी या रेस्टोरेंट स्टाइल सब्जी बनानी हो तो तेल की एक सही मात्रा जरूरी है, ताकि मसाले पूरी तरह खुलकर अपना रंग और जायका छोड़ सकें। प्याज-टमाटर का अधपका बेस तीसरी चूक है प्याज या टमाटर को आधा-कच्चा छोड़ देना। अगर ये अच्छी तरह गलते नहीं तो सब्जी की पूरी नींव यानी बेस ही कमजोर रह जाती है। रेस्टोरेंट जैसा स्वाद चाहिए तो प्याज को सुनहरा-भूरा (गोल्डन ब्राउन) होने तक भूनना और टमाटर को इतना पकाना जरूरी है कि वह पूरी तरह नरम होकर पेस्ट जैसा हो जाए। मसाले डालने की लेयरिंग स्वाद का एक बड़ा राज सही टाइमिंग में है। ज्यादातर घरों में सारी चीजें एक साथ कड़ाही में डाल दी जाती हैं, जबकि असली जायका परतों में, यानी लेयरिंग से बनता है। सबसे पहले साबुत मसाले, उसके बाद प्याज-टमाटर और आखिर में पाउडर वाले मसाले — इस क्रम में डालने पर हर चीज का फ्लेवर अलग से उभरकर सामने आता है। पानी और फिनिशिंग का खेल पानी की मात्रा भी स्वाद को सीधे प्रभावित करती है। जरूरत से ज्यादा पानी डालते ही मसाले पतले पड़ जाते हैं और टेस्ट हल्का हो जाता है, इसलिए पानी हमेशा उतना ही डालें जितने में ग्रेवी की सही कंसिस्टेंसी बनी रहे। और आखिर में, हरी धनिया तथा गरम मसाले जैसे फिनिशिंग टच को कभी हल्के में न लें — असल में यही छोटे-छोटे आखिरी कदम साधारण सब्जी को रेस्टोरेंट वाली प्लेट जैसा स्वाद देते हैं। https://trendkia.com/food/masale-bharapura-phira-bhi-sabji-besvada-rasoi-ki-ye-6-chhoti-chuken-bigara-deti-517 TrendKia — Har trend, sabse pehle.