# मऊ के अंकित स्वीट हाउस की बादशाही मिठाई 15 दिन तक रहती है ताज़ी, दिल्ली और मुंबई में भी है जबरदस्त मांग

> उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के भिखारीपुर बाज़ार में मिलने वाली बादशाही मिठाई सिर्फ मैदा और शक्कर से बनती है और लगभग 15 दिनों तक खराब नहीं होती। यह मिठाई 160 रुपए में उपलब्ध है और दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों में भी लोग इसे पैक करवाकर ले जाते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/mau-ke-ankit-sweet-house-ki-badshahi-mithai-15-dina-taka-rahati-hai-tazi-delhi-aura-mumbai-men-bhi-hai-jabaradasta-manga-3763 · **Language:** Hindi
**Tags:** बादशाही मिठाई, मऊ उत्तर प्रदेश, अंकित स्वीट हाउस, मिठाई रेसिपी, खस्ता मिठाई, 15 दिन टिकने वाली मिठाई, भिखारीपुर बाज़ार, पारंपरिक भारतीय मिठाई

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक ऐसी मिठाई की खुशबू उठती है जो लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूर दिल्ली और मुंबई तक भी बेचैन कर देती है। इस मिठाई का नाम है बादशाही, और इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि पूरे 15 दिनों तक बिना खराब हुए बिल्कुल ताज़ी बनी रहती है।

## भिखारीपुर बाज़ार की मशहूर दुकान
मऊ जनपद के भिखारीपुर बाज़ार में अंकित स्वीट हाउस नाम की मिठाई की दुकान इस बादशाही के लिए पूरे इलाके में जानी जाती है। यहां आने वाले ग्राहक केवल मऊ, आजमगढ़, बलिया और गाजीपुर से ही नहीं, बल्कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों से घर लौटने वाले लोग भी यहां से बादशाही पैक करवाकर अपने साथ ले जाते हैं। इस मिठाई की मांग जितनी स्थानीय स्तर पर है, उतनी ही महानगरों में भी है। मऊ जैसे छोटे शहर की एक दुकान का इतना व्यापक ग्राहक आधार होना इस मिठाई की गुणवत्ता और खासियत का सबसे बड़ा प्रमाण है।

## सिर्फ दो सामग्री, कमाल का स्वाद
अंकित स्वीट हाउस के मालिक बताते हैं कि बादशाही बनाने में केवल दो चीज़ें काम आती हैं: मैदा और शक्कर। मिठाई बनाने में किसी भी कृत्रिम रंग या अन्य पदार्थ का इस्तेमाल नहीं होता। इतनी सरल सामग्री से बनी यह मिठाई खाने में बिल्कुल मीठे खस्ते की तरह लगती है। जो कोई भी हल्का, कुरकुरा और मीठा कुछ खाना चाहता है, उसके लिए बादशाही एकदम सही विकल्प है। न बहुत भारी, न बहुत हल्की, बादशाही का यही संतुलन इसे सबकी पहली पसंद बनाता है।

## बादशाही बनाने की पूरी विधि
बादशाही बनाने की शुरुआत मैदे को गूंथने से होती है। गूंथते समय इसमें थोड़ा रिफाइंड तेल मिलाया जाता है ताकि मैदा मुलायम रहे और बाद में आसानी से आकार दिया जा सके। एक बार मैदा अच्छे से गूंथ लिया जाए तो उसे एक से दो घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, जिससे वह धीरे-धीरे फूले और पूरी तरह नरम हो जाए।

जब मैदा पूरी तरह तैयार हो जाता है तो उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। हर टुकड़े को हाथों से दबाकर बादशाही का लंबा और खास आकार दिया जाता है। यह आकार ही इसे दूसरी मिठाइयों से अलग पहचान देता है। आकार बन जाने के बाद इन्हें गर्म कढ़ाई में रिफाइंड तेल में तब तक तला जाता है जब तक ये पूरी तरह लाल नहीं हो जातीं। जैसे ही रंग गहरा लाल हो जाता है, इन्हें तेल से बाहर निकालकर ठंडा होने के लिए एक तरफ रख दिया जाता है।

ठंडा होने के बाद असली प्रक्रिया शुरू होती है। शक्कर की चाशनी अलग से तैयार की जाती है और जब वह हल्की गर्म हो जाती है, तब तली हुई बादशाही को उसमें डुबोकर कुछ देर के लिए छोड़ दिया जाता है। बादशाही जब पूरी तरह चाशनी सोख लेती है, तभी उसे बाहर निकाला जाता है। यह प्रक्रिया न सिर्फ मिठाई को मीठा बनाती है, बल्कि उसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी अहम भूमिका निभाती है।

## 15 दिन तक रहती है ताज़ी
बादशाही की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह लगभग 15 दिनों तक बिल्कुल खराब नहीं होती। यह गुण इसे उन अधिकतर मिठाइयों से एकदम अलग बना देता है जो कुछ ही दिनों में बासी पड़ जाती हैं। मैदे और शक्कर के अलावा कोई अतिरिक्त सामग्री न होने की वजह से यह लंबे समय तक ताज़ी बनी रहती है। यही कारण है कि मऊ से बाहर जाने वाले लोग इसे पैक करवाकर दिल्ली और मुंबई तक ले जाते हैं और वहां कई दिनों तक इसका आनंद उठाते रहते हैं।

## शादी-विवाह में भी है जबरदस्त मांग
बादशाही केवल रोज़मर्रा की मिठाई नहीं है। शादी-विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर भी इसकी मांग काफी अधिक रहती है। कई दिनों तक ताज़ी बनी रहने की वजह से इसे बड़े आयोजनों में पहले से तैयार रखना आसान होता है और मेहमानों में वितरित करना भी सुविधाजनक होता है। उपहार के रूप में भी यह एक आदर्श विकल्प है, क्योंकि जल्दी खराब होने की कोई चिंता नहीं रहती।

## 160 रुपए में मिलती है यह खास मिठाई
इस लाजवाब मिठाई की कीमत महज़ 160 रुपए है। इतनी कम कीमत पर इतने दिनों तक टिकने वाली और बेहतरीन स्वाद वाली मिठाई मिलना वाकई दुर्लभ है। सस्ती और टिकाऊ होने की इसी वजह से लोग इसे बेहद पसंद करते हैं और बड़े शहरों की ओर निकलते समय पैक करवाकर साथ ले जाते हैं। बादशाही अब सिर्फ मऊ ही नहीं, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर और दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी है। अंकित स्वीट हाउस की यह मिठाई अब महज़ एक स्थानीय स्वाद नहीं रही, यह मऊ की पहचान बन गई है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** जो लोग दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में रहते हैं, वे मऊ से आने-जाने पर यह मिठाई 15 दिनों तक ताज़ी रहने की वजह से आसानी से साथ ले जा सकते हैं और उपहार में भी दे सकते हैं।
- **मऊ में:** स्थानीय निवासियों के लिए यह मिठाई 160 रुपए में उपलब्ध है और शादी-विवाह से लेकर रोज़मर्रा की ज़रूरतों तक एक किफायती व टिकाऊ विकल्प है।

## सवाल-जवाब

### 1. बादशाही मिठाई क्या होती है?
बादशाही उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की एक खास मिठाई है जो मैदे को खस्ता रूप में तलकर शक्कर की चाशनी में डुबोकर बनाई जाती है।

### 2. बादशाही मिठाई कहां मिलती है?
यह मिठाई मऊ जनपद के भिखारीपुर बाज़ार में स्थित अंकित स्वीट हाउस पर मिलती है।

### 3. बादशाही बनाने में कौन-कौन सी सामग्री लगती है?
इसे बनाने में सिर्फ मैदा और शक्कर का इस्तेमाल होता है, इसके अलावा कोई और सामग्री नहीं डाली जाती।

### 4. यह मिठाई कितने दिनों तक ताज़ी रहती है?
बादशाही मिठाई लगभग 15 दिनों तक खराब नहीं होती।

### 5. बादशाही की कीमत क्या है?
यह मिठाई 160 रुपए में मिलती है।

### 6. बादशाही का स्वाद कैसा होता है?
यह खाने में मीठे खस्ते की तरह लगती है, यानी एक साथ कुरकुरा और मीठा दोनों स्वाद मिलते हैं।

### 7. क्या बादशाही शादियों में भी दी जाती है?
हां, शादी-विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर भी बादशाही की काफी मांग रहती है क्योंकि यह कई दिनों तक ताज़ी रहती है।

### 8. बादशाही मिठाई किन-किन शहरों में लोकप्रिय है?
मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर के अलावा दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी इसकी जबरदस्त मांग है।

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