मौसम बदलते ही चाय में मिलाते हैं तुलसी और अदरक? जानिए इसे बनाने का सही तरीका मौसम बदलने पर गले की खराश और खांसी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर अदरक और तुलसी वाली चाय पीते हैं। इसे बनाने का सही तरीका और इसमें किन चीजों को मिलाने से फायदा मिल सकता है, आइए जानते हैं। मौसम में बदलाव आते ही तमाम लोगों को गले में खराश, खांसी और जुकाम जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालातों में अदरक और तुलसी की गर्म चुस्कियां लेना काफी सुकूनदेह माना जाता है। भारतीय परिवारों में इन दोनों औषधीय घटकों का उपयोग सदियों से घरेलू उपचार और चाय के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, यह जानना भी बेहद आवश्यक है कि चाय बनाते समय अदरक और तुलसी को पानी में कब शामिल किया जाना चाहिए। सही प्रक्रिया अपनाकर चाय तैयार करने से इसका जायजा और महक दोनों ही बेहतर हो जाते हैं। तुलसी और अदरक की चाय बनाने की सामग्री इस चाय को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से पानी, चायपत्ती, अदरक, तुलसी की पत्तियां और आवश्यकतानुसार दूध व चीनी की जरूरत होती है। इसके अलावा गले की तकलीफ में आराम पाने के लिए कुछ अतिरिक्त मसालों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चाय बनाते समय तुलसी और अदरक डालने का सही समय पहला चरण: सबसे पहले एक पैन में पानी गर्म करने के लिए चढ़ा दें। अब अदरक को अच्छी तरह धोकर कूट लें या कद्दूकस कर लें। जब पानी में उबाल आने लगे, तो उसमें कुटा हुआ अदरक मिला दें। इसे लगभग 2 से 3 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें, ताकि अदरक का अर्क और स्वाद पानी में अच्छी तरह घुल-मिल जाए। दूसरा चरण: इसके बाद पानी में साफ की हुई तुलसी की पत्तियां डाल दें। तुलसी मिलाने के बाद मिश्रण को एक-दो मिनट तक और उबलने दें। इस बात का खास ख्याल रखें कि तुलसी की पत्तियों को बहुत ज्यादा देर तक तेज आंच पर पकाना जरूरी नहीं होता है। इसके बाद इसमें चायपत्ती डालें और अपनी पसंद के अनुसार थोड़ी देर और पकाएं। तीसरा चरण: यदि आप दूध वाली चाय पसंद करते हैं, तो इस स्तर पर इसमें दूध और चीनी मिला सकते हैं। चाय में एक अच्छा उबाल आने तक इसे पकाएं और फिर छानकर कप में सर्व करें। वहीं, अगर आप बिना दूध की यानी ब्लैक टी पीना पसंद करते हैं, तो इसे केवल पानी और मसालों के साथ ही तैयार किया जा सकता है। चाय में ये एक खास चीज मिलाना न भूलें अगर आपको गले की खराश या खांसी की वजह से काफी परेशानी हो रही है, तो आप इस चाय में लौंग, काली मिर्च या अजवाइन भी मिला सकते हैं। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि तुलसी और अदरक की चाय से गले की समस्या पूरी तरह ठीक होने के संबंध में कोई पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इससे गले को काफी राहत जरूर मिल सकती है। सावधानी और मात्रा का रखें ध्यान तुलसी और अदरक का उपयोग सामान्य मात्रा में ही चाय बनाने के लिए किया जाना चाहिए। जरूरत से ज्यादा अदरक का सेवन करने से कुछ लोगों को सीने में जलन, पेट में असुविधा या फिर मुंह और गले में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपने खानपान में इनका सीमित इस्तेमाल ही बेहतर परिणाम देता है। इसका आप पर असर मौसम बदलने पर गले की खराश और सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों को यह चाय राहत दे सकती है, लेकिन अत्यधिक अदरक के सेवन से पेट की समस्याएं भी हो सकती हैं। • स्वास्थ्य पर असर: सीमित मात्रा में अदरक और तुलसी का सेवन करने से गले की खराश और खांसी में सुकून मिल सकता है। हालांकि, जरूरत से ज्यादा अदरक खाने से सीने में जलन और पेट में तकलीफ जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। • सावधानी: जिन लोगों को गले या पेट में संवेदनशीलता की समस्या है, वे इसमें लौंग या काली मिर्च मिलाते समय मात्रा का ध्यान रखें। इसके वैज्ञानिक रूप से बीमारी ठीक करने की पुष्टि नहीं है, इसलिए यह केवल घरेलू राहत का एक साधन है। ऐसा क्यों हुआ मौसम बदलने के साथ ही वायरल संक्रमण और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण गले की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। प्राचीन भारतीय रसोई में अदरक और तुलसी के औषधीय गुणों को उनके तीखे और गर्म प्रभावों के कारण प्राथमिकता दी जाती रही है। • पारंपरिक उपयोग: भारतीय परिवारों में सदियों से बदलते मौसम की बीमारियों से लड़ने के लिए अदरक और तुलसी को प्राकृतिक प्रतिरक्षा वर्धक के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। • औषधीय गुण: अदरक में पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व और तुलसी की पत्तियों की सुंगधित विशेषताएं गले की जकड़न को कम करने में मदद करती हैं। • वैज्ञानिक दृष्टिकोण: हालांकि इनके सेवन से तात्कालिक राहत मिलती है, लेकिन चिकित्सा जगत में इसे किसी बीमारी का अचूक वैज्ञानिक इलाज नहीं माना गया है। सवाल-जवाब 1. तुलसी और अदरक की चाय कब पीनी चाहिए? मौसम बदलने पर गले की खराश, खांसी और जुकाम से राहत पाने के लिए इस चाय को पिया जा सकता है। 2. चाय बनाते समय अदरक कब डालना चाहिए? जब पैन में रखा पानी उबलने लगे, तब उसमें कुटा हुआ अदरक डालकर 2 से 3 मिनट तक धीमी आंच पर उबालें। 3. तुलसी की पत्तियों को पानी में कितनी देर उबालना चाहिए? तुलसी की पत्तियां डालने के बाद उन्हें एक-दो मिनट तक ही उबालना चाहिए, क्योंकि इन्हें बहुत देर तक तेज आंच पर पकाना जरूरी नहीं होता है। 4. गले की खराश के लिए चाय में और क्या मिला सकते हैं? अगर गले में ज्यादा परेशानी हो, तो आप चाय में लौंग, काली मिर्च या अजवाइन भी मिला सकते हैं। 5. क्या ज्यादा अदरक पीने से कोई नुकसान हो सकता है? हां, जरूरत से ज्यादा अदरक का सेवन करने से कुछ लोगों को सीने में जलन, पेट में परेशानी या गले में जलन हो सकती है। https://trendkia.com/food/mausama-badalate-hi-chaya-men-milate-hain-tulsi-aura-adaraka-janie-ise-banane-ka-sahi-tarika-48765 TrendKia — Har trend, sabse pehle.