# मेरठ की मिठास से महकेगा लखनऊ का यह आम उत्सव, 25 किस्मों ने बटोरी वाहवाही

> लखनऊ में शुरू हुए तीन दिवसीय आम महोत्सव में मेरठ जिले की 25 किस्मों के आमों ने अपनी खुशबू और मिठास से लोगों का दिल जीत लिया है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/meerut-ki-mithasa-se-mahakega-lucknow-ka-yaha-ama-utsava-25-kismon-ne-batori-vahavahi-4948 · **Language:** Hindi
**Tags:** आम महोत्सव, मेरठ, लखनऊ, बागवानी, आम की किस्में, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में तीन दिवसीय आम महोत्सव शुरू हो गया है, जिसमें देशभर के बागों से आए रंग-बिरंगे आम एक साथ नजर आ रहे हैं। इस महोत्सव की खास बात यह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के करीब 25 किस्म के आमों ने भी अपनी जगह बनाई है, जिनकी खुशबू और मिठास इस उत्सव को और रंगीन बना रही है।

## 35 में से 25 किस्मों का हुआ चयन
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि लखनऊ में हर साल आयोजित होने वाला यह आम महोत्सव इसलिए खास माना जाता है, क्योंकि देश के अलग-अलग हिस्सों में उगाई जाने वाली आम की तमाम किस्में एक ही मंच पर देखने को मिलती हैं। इन आमों की मांग सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बड़े पैमाने पर रहती है। इसी क्रम में मेरठ जिले की ओर से इस बार महोत्सव के लिए 35 किस्मों के नाम भेजे गए थे, जिनमें से आयोजकों ने 25 वैरायटी को अंतिम रूप से शामिल किया। यही 25 किस्में अब महोत्सव में लोगों के सामने प्रदर्शित की जा रही हैं।

## देखने में सुंदर, खाने में उतने ही स्वादिष्ट
अरुण कुमार के मुताबिक मेरठ से भेजी गई ये किस्में इसलिए भी खास हैं क्योंकि इनका रंग-रूप जितना आकर्षक है, स्वाद उतना ही लाजवाब है। उन्होंने बताया कि इन आमों की चमक और मिठास की वजह से इनकी मांग विदेशी बाजारों में भी बनी रहती है, जिससे मेरठ के आम की पहचान सरहद पार तक पहुंचती है।

## मेरठ की इन 25 किस्मों ने मारी बाजी
महोत्सव में शामिल की गई मेरठ की वैरायटी में अमरपाली, गुलाब खास, रजनीगंधा, गोदावरी, तोतापरी, हबीब पसंद, लेट लंगड़ा, रामकेला, चौसा, लंगड़ा, दशहरी, गुलाब जामुन और रटौल जैसे नाम शामिल हैं। यह सभी किस्में स्वाद में बेहद उम्दा मानी जाती हैं और लोगों के बीच पहले से ही लोकप्रिय हैं। पिछले साल भी मेरठ के किसानों की आम प्रजाति को खूब सराहा गया था, इसलिए इस बार भी उम्मीद जताई जा रही है कि मेरठ की यह वैरायटी लोगों की पसंद बनेगी। पिछली बार की तरह इस साल भी मेरठ के बागवानी क्षेत्र के इनाम राशि जीतकर अपना दबदबा कायम रखने की उम्मीद जताई जा रही है।

## किसानों के लिए मंच, कृषि क्षेत्र के लिए मौका
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस तरह के महोत्सव खेती और बागवानी के क्षेत्र के लिए बेहद अहम माने जाते हैं। जब किसानों को अपनी उपज दिखाने का मौका मिलता है, तो वे अपनी मेहनत और हुनर का प्रदर्शन करते हैं। इससे अलग-अलग इलाकों की खास वैरायटी चर्चा में आती है और किसानों को भी इसका सीधा फायदा मिलता है, चाहे वह पहचान के रूप में हो या फिर आर्थिक लाभ के रूप में।

## इसका आप पर असर
यह खबर सीधे तौर पर आम उत्पादक किसानों और मेले में जाने वाले आम प्रेमियों से जुड़ी है।

- **भारत में:** ऐसे महोत्सव देशभर के आम किसानों को अपनी उपज दिखाने और नए खरीदार व व्यापारी तलाशने का मौका देते हैं, जिससे बागवानी क्षेत्र को बढ़ावा मिलता है।
- **मेरठ में:** मेरठ जिले की 25 आम किस्मों को महोत्सव में जगह मिलने से स्थानीय किसानों की पहचान बढ़ेगी और इनाम राशि जीतने पर उन्हें सीधा आर्थिक फायदा भी मिल सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. लखनऊ में आम महोत्सव कितने दिनों तक चलेगा?
यह आम महोत्सव तीन दिवसीय है।

### 2. मेरठ जिले से कुल कितनी किस्में महोत्सव के लिए भेजी गई थीं?
मेरठ जिले की ओर से 35 किस्मों के नाम भेजे गए थे।

### 3. मेरठ की कितनी किस्मों को महोत्सव में अंतिम रूप से शामिल किया गया?
35 में से 25 वैरायटी को महोत्सव में शामिल किया गया है।

### 4. मेरठ की कौन-कौन सी आम किस्में महोत्सव में दिखाई देंगी?
इनमें अमरपाली, गुलाब खास, रजनीगंधा, गोदावरी, तोतापरी, हबीब पसंद, लेट लंगड़ा, रामकेला, चौसा, लंगड़ा, दशहरी, गुलाब जामुन और रटौल जैसी किस्में शामिल हैं।

### 5. यह जानकारी किसने दी?
यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार ने दी।

### 6. मेरठ की आम किस्में विदेशों में भी क्यों पसंद की जाती हैं?
इन आमों का रंग-रूप जितना आकर्षक है, स्वाद उतना ही लाजवाब है, इसी वजह से इनकी मांग विदेशी बाजारों में भी बनी रहती है।

### 7. क्या मेरठ ने पहले भी इस महोत्सव में पहचान बनाई है?
हां, पिछले साल भी मेरठ के किसानों की आम प्रजाति को खूब सराहा गया था और इस बार भी इनाम राशि जीतने की उम्मीद जताई जा रही है।

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