# मूली के पत्तों की यह ट्रिक बदल देगी घर के राम लड्डू का स्वाद, रणवीर बरार ने बताया आसान तरीका

> दिल्ली की सड़कों पर मिलने वाला चटपटा राम लड्डू अब घर पर भी बाजार जैसा बन सकता है, शेफ रणवीर बरार ने बैटर, तलने और मूली के पत्तों के पेस्ट की खास तरकीब बताई है.

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-07-06 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/muli-ke-patton-ki-yaha-trika-badala-degi-ghara-ke-rama-laddu-ka-svada-ranveer-brar-ne-bataya-asana-tarika-5234 · **Language:** Hindi
**Tags:** राम लड्डू रेसिपी, रणवीर बरार, दिल्ली स्ट्रीट फूड, मूली के पत्ते, मूंग दाल रेसिपी, स्नैक रेसिपी

दिल्ली की सड़कों पर ठेलों से मिलने वाला राम लड्डू नाम से भले लड्डू जैसा लगता हो, लेकिन इसका मिठास से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। यह असल में कुरकुरा, हल्का तीखा और मसालेदार स्ट्रीट फूड है, जिसे कद्दूकस की हुई मूली, हरी चटनी और ऊपर से बुरके गए मसालों के साथ परोसा जाता है। दिल्ली वालों के बीच इसकी अपनी अलग पहचान है, और अब मशहूर शेफ रणवीर बरार ने अपनी रेसिपी में यह राज़ खोला है कि घर बैठे बिल्कुल बाजार जैसा फूला हुआ और चटपटा राम लड्डू कैसे बनाया जाए। अगर आप दिल्ली से बाहर रहते हैं और यह स्वाद घर पर ट्राई करना चाहते हैं, तो शेफ की बताई ये तरकीबें काम आएंगी।

## दालों का सही मेल बनाता है असली बैटर
राम लड्डू का पूरा स्वाद उसके बैटर पर टिका होता है, और यह बैटर तीन तरह की दालों से तैयार होता है, मूंग दाल, उड़द दाल और चना दाल। इन तीनों दालों को अच्छी तरह धोकर 5 से 6 घंटे या फिर पूरी रात पानी में भिगोकर रखना जरूरी है। इतनी देर पानी में रहने से दाल पूरी तरह नरम हो जाती है और मिक्सर में आसानी से बारीक पिस जाती है। शेफ रणवीर बरार के मुताबिक इन तीनों दालों का अनुपात हर कोई अपनी पसंद के हिसाब से थोड़ा घटा-बढ़ा सकता है, लेकिन अगर मूंग दाल की मात्रा बाकी दोनों दालों से ज्यादा रखी जाए, तो राम लड्डू का स्वाद कहीं बेहतर निकलकर आता है। यही वजह है कि यह अनुपात इस रेसिपी की नींव माना जाता है।

## पिसाई और फेंटने की तरकीब से आता है फूलापन
भिगोई हुई दालों का पानी पूरी तरह निकाल देने के बाद इसमें कटा हुआ अदरक और हरी मिर्च डालकर मिक्सर में पीसा जाता है। इस दौरान एक बात का खास ध्यान रखना होता है, पानी बहुत ही कम मात्रा में डालें ताकि बैटर पतला न होकर गाढ़ा बना रहे। साथ ही मिक्सर को लगातार न चलाकर थोड़ी-थोड़ी देर रुक-रुक कर चलाना चाहिए, जिससे मशीन के साथ-साथ बैटर भी ज्यादा गर्म न हो। पिसने के बाद इस बैटर को एक बड़े बर्तन में निकाल लिया जाता है और उसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर करीब 5 से 7 मिनट तक जोर-जोर से फेंटा जाता है। यह फेंटने वाला कदम सबसे जरूरी है, क्योंकि इससे बैटर के भीतर हवा भरती है, और यही हवा तलते समय राम लड्डू को हल्का और फूला हुआ बनाती है। अगर यह फेंटाई ठीक से न हो, तो राम लड्डू भारी और सख्त बनकर रह जाते हैं।

## मूली के पत्तों का पेस्ट, स्वाद का असली राज़
शेफ रणवीर बरार खासतौर पर इस बात पर जोर देते हैं कि अगर बैटर में मूली के पत्तों का पेस्ट न मिलाया जाए, तो राम लड्डू का स्वाद बिल्कुल साधारण दाल के पकौड़ों जैसा ही रह जाएगा। इसीलिए मूली के ताजे पत्तों को थोड़ा पानी डालकर बारीक पीस लिया जाता है, और फिर इस पेस्ट को तैयार बैटर में अच्छी तरह मिला दिया जाता है। यही एक छोटी-सी तरकीब है जो राम लड्डू को उसका असली, पहचाना जाने वाला स्वाद देती है और उसे बाकी दाल के पकौड़ों से अलग खड़ा करती है।

## तलते समय तेल के तापमान का रखें खास ख्याल
राम लड्डू तलने के लिए सबसे पहले कढ़ाई में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म किया जाता है। यहां तेल का तापमान बेहद अहम है, यह न तो बहुत ठंडा होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा गर्म। अगर तेल ठंडा रहेगा तो बैटर कढ़ाई में फैल जाएगा और लड्डू का आकार नहीं बन पाएगा, जबकि बहुत तेज गर्म तेल में राम लड्डू ऊपर से जल्दी सिक तो जाएंगे, लेकिन अंदर से कच्चे रह जाने का खतरा रहेगा। इसके बाद हाथ या चम्मच की मदद से बैटर के छोटे-छोटे गोले बनाकर धीरे से गर्म तेल में डाला जाता है और उन्हें हल्का सुनहरा रंग आने तक तला जाता है। तलते समय बीच-बीच में इन्हें पलटते रहना जरूरी है, ताकि हर तरफ से बराबर और एक जैसा सुनहरा रंग आए।

## चटपटी चटनी और कद्दूकस मूली की टॉपिंग
राम लड्डू के साथ परोसी जाने वाली चटनी और टॉपिंग बनाना भी उतना ही आसान है। इसके लिए मिक्सर में मूली के पत्ते, धनिया, अदरक, हरी मिर्च और नमक डालकर बारीक पीस लिया जाता है, जरूरत पड़ने पर इसमें थोड़ा पानी भी मिलाया जा सकता है। इसके अलावा मूली को अलग से कद्दूकस कर लिया जाता है और उसमें बारीक कटी हरी मिर्च, धनिया और थोड़ा नींबू का रस मिलाया जाता है। यह दोनों चीजें राम लड्डू के ऊपर डाली जाने पर उसके स्वाद में चटपटापन और ताजगी दोनों जोड़ देती हैं।

## परोसने का सही तरीका
गरमागरम तले हुए राम लड्डू को एक प्लेट में निकाला जाता है, फिर उसके ऊपर कद्दूकस की हुई मूली डाली जाती है और उसके बाद हरी चटनी अच्छी तरह फैलाई जाती है। चाहें तो ऊपर से थोड़ा चाट मसाला और नींबू का रस भी छिड़का जा सकता है, जिससे स्वाद और निखर जाता है। कई लोग इसे दही के साथ खाना भी पसंद करते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। अगर घर पर कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाने का मन है, तो दिल्ली का यह मशहूर स्ट्रीट फूड जरूर आजमाया जा सकता है। सही बैटर बनाना, उसे सही तरीके से फेंटना, सही तापमान पर तलना और मूली के पत्तों का खास पेस्ट मिलाना, यही चार बातें राम लड्डू को बाकी दाल के पकौड़ों से बिल्कुल अलग और खास बनाती हैं।

## इसका आप पर असर
अगर आप स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं और घर पर सेहतमंद तरीके से यह स्वाद लेना चाहते हैं, तो यह रेसिपी काम की है।

- **घर के रसोइयों के लिए:** बाजार से बार-बार राम लड्डू खरीदने के बजाय घर पर मौजूद दाल और मूली से यह स्नैक कम खर्च में और साफ-सफाई के साथ बनाया जा सकता है.
- **बाहर रहने वालों के लिए:** दिल्ली से बाहर रहने वाले लोग अब बिना ठेले तक पहुंचे इस मशहूर स्वाद को अपनी रसोई में दोबारा बना सकते हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. राम लड्डू बनाने के लिए कौन-कौन सी दालें चाहिए?
मूंग दाल, उड़द दाल और चना दाल, तीनों को मिलाकर बैटर तैयार किया जाता है.

### 2. दालों को कितनी देर भिगोना चाहिए?
तीनों दालों को 5 से 6 घंटे या फिर पूरी रात पानी में भिगोकर रखना चाहिए.

### 3. मूली के पत्तों का पेस्ट डालना क्यों जरूरी है?
शेफ रणवीर बरार के मुताबिक इसके बिना राम लड्डू का स्वाद साधारण दाल के पकौड़ों जैसा ही रह जाता है.

### 4. राम लड्डू को फूला हुआ बनाने की तरकीब क्या है?
बैटर में नमक मिलाकर 5 से 7 मिनट तक अच्छी तरह फेंटना पड़ता है, जिससे बैटर में हवा भरती है और लड्डू हल्के बनते हैं.

### 5. तलते समय तेल कैसा गर्म होना चाहिए?
तेल न तो बहुत ठंडा और न ही बहुत ज्यादा गर्म होना चाहिए, वरना बैटर फैल जाएगा या लड्डू अंदर से कच्चे रह जाएंगे.

### 6. राम लड्डू को कैसे परोसा जाता है?
गरमागरम राम लड्डू पर कद्दूकस की हुई मूली और हरी चटनी डालकर, चाहें तो चाट मसाला, नींबू का रस या दही के साथ परोसा जाता है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._