नासिक में 24 कैरेट सोने की परत चढ़ा मोदक बना आकर्षण, कोलकाता में सजा 1100 किलो का महा-प्रसाद महाराष्ट्र के नासिक में 27,000 रुपये प्रति किलो का 24 कैरेट स्वर्ण वर्क वाला मोदक आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, वहीं कोलकाता में 1,100 किलोग्राम का विशाल मोदक तैयार किया गया है। गणेशोत्सव के शुभ अवसर पर पूरे देश में भगवान गणेश की आराधना की धूम मची हुई है, जहां श्रद्धालु अपने प्रिय विघ्नहर्ता को प्रसन्न करने के लिए विशेष अनुष्ठान और पारंपरिक पकवान तैयार कर रहे हैं। विघ्नविनाशक की पूजा में मोदक का स्थान सर्वोपरि माना जाता है, क्योंकि पौराणिक मान्यताओं में यह उनका सबसे पसंदीदा भोग है। इस उत्सव के दौरान देश के अलग-अलग कोनों से बप्पा को अर्पित किए जाने वाले विशेष प्रसादों की अनोखी झलकियां सामने आ रही हैं। महाराष्ट्र के नासिक शहर में स्थित एक प्रतिष्ठित मिष्ठान प्रतिष्ठान ने इस बार मोदक को अत्यंत भव्य और राजसी रूप में पेश किया है, जिसने शहरवासियों के साथ-साथ इंटरनेट जगत में भी भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। नासिक में 27,000 रुपये प्रति किलो बिक रहा स्वर्ण वर्क वाला मोदक नासिक के विद्या विकास सर्कल क्षेत्र में मौजूद प्रसिद्ध सागर स्वीट्स नामक दुकान ने उत्सव के माहौल को ध्यान में रखते हुए 24 कैरेट शुद्ध सोने की परत से सुसज्जित एक खास मोदक तैयार किया है। इस विशेष मिठाई पर सोने का असली वर्क चढ़ाया गया है, जिसके चलते इसका मूल्य 27,000 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है। आम दिनों में मिलने वाली पारंपरिक मिठाइयों की तुलना में यह दर काफी अधिक प्रतीत होती है, किंतु इसकी अनूठी चमक, निर्माण शैली और भव्यता ने इसे स्थानीय स्तर पर सबसे ज्यादा चर्चित विषय बना दिया है। दुकान में इस अनूठे प्रसाद को देखने, तस्वीरें खींचने और खरीदारी करने के लिए आने वाले लोगों की लगातार हलचल बनी हुई है। सोशल मीडिया पर इस सुनहरे मोदक की तस्वीरें और वीडियो तेजी से साझा किए जा रहे हैं। दुकान में पेश की गईं मोदक की 25 से अधिक वैरायटी सागर स्वीट्स ने इस त्योहारी मौसम में ग्राहकों के स्वाद और पसंद को ध्यान में रखते हुए मोदक की 25 से अधिक विभिन्न किस्में उपलब्ध कराई हैं। इन विकल्पों में काजू मोदक, ड्राई फ्रूट मोदक, ऑरेंज मोदक और मलाई मोदक जैसी पारंपरिक और आधुनिक स्वादों वाली मिठाइयां शामिल हैं। विभिन्न सामग्रियों और स्वादों की मौजूदगी के बावजूद, सोने के वर्क से सजे इस शाही मोदक ने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया है और वह इस वर्ष की सबसे खास पेशकश बनकर उभरा है। श्रद्धालु इस अनूठे भोग को अपनी आंखों से देखने और उत्सव का हिस्सा बनाने के लिए दुकान तक पहुंच रहे हैं। कोलकाता में आकर्षण का केंद्र बना 1,100 किलोग्राम का महा-मोदक मोदक के इस विशेष उत्साह की गूंज केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत में भी इसका भव्य रूप देखने को मिल रहा है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता की ऐतिहासिक और जानी-मानी मिठाई दुकान बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक ने गणेशोत्सव के उपलक्ष्य में एक विशालकाय महा-मोदक तैयार किया है। इस अद्भुत मोदक का कुल वजन 1,100 किलोग्राम अर्थात लगभग 1.1 टन है। इस विशालकाय भोग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं, जिससे इस उत्सव का उल्लास और कई गुना बढ़ गया है। पारंपरिक कारीगरी और आधुनिक प्रयोग का यह मेल त्योहार के आकर्षण को नई ऊंचाई दे रहा है। गणेश चतुर्थी की धार्मिक महत्ता और पूजन परंपरा धार्मिक परंपराओं के अनुसार गणेश चतुर्थी का यह महापर्व भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जिन्हें समस्त विघ्नों को हरने वाला और प्रथम पूज्य देव माना गया है। ऐतिहासिक रूप से महाराष्ट्र इस उत्सव का मुख्य केंद्र रहा है, परंतु वर्तमान समय में कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी इस पर्व को अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिभाव से मनाया जाता है। उत्सव का शुभारंभ घरों और सार्वजनिक पंडालों में मिट्टी से निर्मित सुंदर मूर्तियों की स्थापना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान से होता है। इसके उपरांत प्रतिदिन सुबह और शाम विधि-विधान से आरती, भजन और प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं। अंत में यह उत्सव विसर्जन के साथ संपन्न होता है, जहां पारंपरिक ढोल-ताशों और गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की मूर्तियों को विभिन्न जल स्रोतों में विसर्जित कर अगले वर्ष जल्दी आने की कामना की जाती है। इस प्रकार नासिक का यह 27 हजार रुपये किलो वाला मोदक और कोलकाता का विशाल भोग इस वर्ष के उत्सव को श्रद्धालुओं के लिए विशेष रूप से यादगार बना रहे हैं। इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में विशेष भोग और अनूठी मिठाइयों की मांग बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ताओं और कारीगरों के लिए कई व्यावहारिक पहलू सामने आए हैं। • उपभोक्ता बजट: नासिक में 24 कैरेट स्वर्ण वर्क वाले मोदक की दर 27,000 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जो आम बजट के दायरे से काफी बाहर है। सामान्य खरीदार पारंपरिक स्वादों जैसे काजू, मलाई या ड्राई फ्रूट वाले मोदक के विकल्पों को प्राथमिकता दे सकते हैं। • त्योहारी विकल्प: नासिक की इस दुकान में 25 से अधिक अलग-अलग किस्में उपलब्ध कराई गई हैं। जो ग्राहक अनोखे स्वाद चाहते हैं, वे ऑरेंज या ड्राई फ्रूट जैसी नवीन श्रेणियों को चुन सकते हैं। • दर्शन व पर्यटन: कोलकाता में 1,100 किलोग्राम का विशाल मोदक और नासिक का स्वर्ण मोदक श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय निवासी उत्सव के दौरान इन मिष्ठान दुकानों पर जाकर इन भव्य कलाकृतियों को देख सकते हैं। • पूजा परंपरा: भगवान गणेश के भोग में मोदक मुख्य सामग्री बना हुआ है। श्रद्धालु अपनी क्षमता और श्रद्धा अनुसार सामान्य या विशेष मोदक अर्पित कर पूजा संपन्न कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ गणेशोत्सव के दौरान मिठाइयों की मांग चरम पर होती है, जिसके चलते मिष्ठान विक्रेता ग्राहकों को आकर्षित करने और अपनी कारीगरी प्रदर्शित करने के लिए अनोखे प्रयोग करते हैं। • उत्सव की मांग और आकर्षण: गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश को मोदक अर्पित करने की धार्मिक परंपरा अत्यंत मजबूत है। दुकानों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते सागर स्वीट्स ने 24 कैरेट स्वर्ण परत चढ़ाकर इसे एक अनूठा शाही रूप दिया। • स्वाद और विकल्पों का विस्तार: आधुनिक ग्राहक पारंपरिक विकल्पों से हटकर नए फ्लेवर पसंद करते हैं। इसी मांग को पूरा करने के लिए काजू, मलाई, ड्राई फ्रूट और ऑरेंज जैसी 25 से अधिक किस्में तैयार की गईं। • भव्यता का प्रदर्शन: पश्चिम बंगाल में बड़े स्तर के उत्सवों में विशाल भोग प्रस्तुत करने की परंपरा रही है। बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक ने 1,100 किलोग्राम का मोदक बनाकर उत्सव के उत्साह को भव्य रूप में प्रस्तुत किया। सवाल-जवाब 1. नासिक में स्वर्ण मोदक की कीमत कितनी है? नासिक के सागर स्वीट्स में 24 कैरेट सोने की परत वाले इस मोदक की कीमत 27,000 रुपये प्रति किलोग्राम है। 2. यह सोने की परत वाला मोदक किस दुकान ने पेश किया है? इसे नासिक के विद्या विकास सर्कल पर स्थित मशहूर सागर स्वीट्स नामक दुकान ने तैयार किया है। 3. इस दुकान में मोदक की कुल कितनी किस्में उपलब्ध हैं? दुकान ने गणेशोत्सव के अवसर पर काजू, ड्राई फ्रूट, ऑरेंज और मलाई मोदक सहित 25 से अधिक वैरायटी पेश की हैं। 4. कोलकाता में तैयार किए गए महा-मोदक का वजन कितना है? कोलकाता के बलराम मल्लिक और राधारमण मल्लिक द्वारा बनाए गए महा-मोदक का कुल वजन 1,100 किलोग्राम (1.1 टन) है। 5. महाराष्ट्र के अलावा किन राज्यों में गणेशोत्सव धूमधाम से मनाया जाता है? कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी यह पर्व बड़े पैमाने पर मनाया जाता है। 6. गणेशोत्सव का समापन किस प्रकार होता है? उत्सव का समापन पारंपरिक ढोल-ताशों के साथ मूर्तियों के विसर्जन अनुष्ठान के जरिए होता है। https://trendkia.com/food/nashik-men-24-kaireta-sone-ki-parata-charha-modak-bana-akarshana-kolkata-men-saja-1100-kilo-ka-maha-prasada-34535 TrendKia — Har trend, sabse pehle.