नाश्ते में लाएं सेहत और स्वाद का ट्विस्ट, ऐसे तैयार करें पौष्टिक काला चना और चुकंदर पराठा काले चने के प्रोटीन और चुकंदर के पोषण से भरपूर यह पराठा नाश्ते, दोपहर या रात के भोजन के लिए एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प है। सुबह के नाश्ते में अक्सर लोग वही पुराने आलू या सादे पराठे खाकर बोर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप अपनी रसोई में कुछ नया और सेहत के लिहाज से फायदेमंद प्रयोग करना चाहते हैं, तो काला चना और चुकंदर का पराठा एक लाजवाब विकल्प साबित हो सकता है। यह न सिर्फ देखने में सुंदर और रंगत भरा होता है, बल्कि शरीर को भरपूर पोषण देने में भी मदद करता है। फाइबर और प्रोटीन से भरपूर यह पराठा दिन के किसी भी पहर, चाहे वह सुबह का नाश्ता हो, दिन का भोजन या फिर रात का हल्का डिनर, सभी के लिए एकदम मुफीद बैठता है। इसे ताजी ठंडी दही, चटपटे मिर्च के अचार और पुदीने की चटनी के साथ खाने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। चना और चुकंदर को उबालने की शुरुआती तैयारी इस पौष्टिक पराठे को बनाने की प्रक्रिया काफी सीधी और व्यवस्थित है। सबसे पहले भीगे हुए काले चने, कटी हुई प्याज, लहसुन की कलियां, अदरक का टुकड़ा, चुकंदर, स्वादानुसार नमक और 250 मिलीलीटर पानी को एक प्रेशर कुकर में भर लें। कुकर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करके गैस पर चढ़ाएं और मध्यम आंच पर कम से कम 7 से 8 सीटी आने तक इसे पकने दें। ध्यान रखें कि काले चने को पूरी तरह नरम और मुलायम होना बेहद जरूरी है, ताकि पीसते समय इसमें कोई साबुत टुकड़ा न बचे। मिश्रण का पेस्ट बनाना और अतिरिक्त पानी संभालना सीटी आने के बाद कुकर को सीधे खोलने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। इसका भाप और प्रेशर प्राकृतिक रूप से अपने आप बाहर निकलने दें, तभी ढक्कन खोलें। अब उबली हुई सब्जियों और चने को देखें। अगर बर्तन में अतिरिक्त पानी बचा हुआ है, तो उसे छानकर एक अलग कटोरी में सुरक्षित रख लें, क्योंकि आटा गूंथते समय यह पौष्टिक पानी काम आएगा। इसके बाद उबली हुई सारी सामग्री को कमरे के तापमान पर अच्छी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसे मिक्सर ग्राइंडर के जार में डालें और पीसकर एकदम चिकना और गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। मसालों और आटे के साथ गूंथने का तरीका तैयार किए गए गाढ़े पेस्ट को एक चौड़े और गहरे बर्तन या परात में निकाल लें। अब इस पेस्ट में गेहूं का आटा, अजवाइन, भुना हुआ जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, ताजा दही, बारीक कटी हुई हरी मिर्च और ताजा हरा धनिया शामिल करें। इन सभी सामग्रियों को हाथों से अच्छी तरह मिलाते हुए एक नरम और लचीला आटा गूंथ लें। अगर आटा गूंथते समय सूखापन लगे या अतिरिक्त नमी की जरूरत महसूस हो, तो पहले से अलग रखा हुआ चने का उबला पानी थोड़ा-थोड़ा करके डालते जाएं। पराठे बेलना और कुरकुरा सेंकने का तरीका तैयार आटे को एकसार हिस्सों में बांटकर गोल-गोल लोइयां बना लें। चकले पर थोड़ा सूखा गेहूं का आटा छिड़कें और बेलन की सहायता से लोई को गोल आकार में बेलें। अगर बेलते वक्त आटा चकले पर चिपके, तो हल्का सूखा आटा और छिड़क सकते हैं। अब तवे को मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म करें और बेले हुए पराठे को तवे पर डालें। पराठे की दोनों सतहों पर थोड़ा-थोड़ा तेल लगाएं और पलट-पलट कर अच्छी तरह सेंकें। जब पराठे के दोनों तरफ हल्के सुनहरे धब्बे दिखने लगें और वह अंदर तक अच्छी तरह पक जाए, तो इसे तवे से उतार लें। इसी तरह बाकी लोइयों से भी गरमागरम पराठे तैयार करें और इन्हें ताजे दही, मिर्च के अचार व हरी पुदीना चटनी के साथ परोसें। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू रेसिपी रोजमर्रा के नाश्ते में पोषण जोड़ने और रसोई के सामान्य बजट में सेहतमंद खाना तैयार करने का व्यावहारिक तरीका देती है। • पोषण और ऊर्जा: काले चने और चुकंदर का मेल शरीर को प्रचुर मात्रा में प्रोटीन, आयरन और फाइबर प्रदान करता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखकर अनावश्यक स्नैकिंग से बचाता है। • रसोई का प्रबंधन: उबले चने का बचा हुआ पानी फेंकने के बजाय आटा गूंथने में काम आ जाता है। इससे पोषक तत्वों की बर्बादी रुकती है और पराठे अधिक मुलायम बनते हैं। • टिफिन और समय की बचत: यह पराठा ठंडा होने के बाद भी नरम रहता है, जिससे इसे बच्चों के स्कूल या ऑफिस टिफिन में आसानी से पैक किया जा सकता है। आप चने को पहले से उबालकर सुबह का समय भी बचा सकते हैं। • स्वाद और वैरायटी: बिना किसी महंगे सप्लीमेंट या खास सामग्री के साधारण घरेलू मसालों से नाश्ते में नयापन लाया जा सकता है। इसे दही और सामान्य अचार के साथ तुरंत परोसा जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ नाश्ते में पारंपरिक पराठों की जगह ऐसे संयोजन तैयार करने का मुख्य कारण स्वाद के साथ संपूर्ण पोषण प्राप्त करना है। • पोषण की जरूरत: सादे गेहूं के आटे के पराठों में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है, जबकि काले चने जोड़ने से प्रोटीन और चुकंदर मिलाने से जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से बढ़ जाते हैं। • पेस्ट बनाने का क्रम: चने के सख्त छिलकों को चबाने में आसान बनाने और पराठे को फटने से रोकने के लिए 7 से 8 सीटी तक पकाना और फिर चिकना पीसना जरूरी होता है। • दही और मसालों की भूमिका: आटे में दही, अजवाइन और भुने जीरे का उपयोग पाचन को आसान बनाता है और चने के भारीपन को संतुलित करता है। सवाल-जवाब 1. काले चने को कुकर में कितनी सीटी आने तक पकाना चाहिए? काले चने, सब्जियों और 250 मिलीलीटर पानी को कुकर में 7 से 8 सीटी आने तक पकाना चाहिए ताकि चने पूरी तरह नरम हो जाएं। 2. कुकर में बचे हुए अतिरिक्त पानी का क्या करना चाहिए? अतिरिक्त पानी को फेंकने के बजाय अलग निकाल कर रख लें, क्योंकि आटा गूंथते समय नमी कम पड़ने पर इसे इस्तेमाल किया जाता है। 3. आटा गूंथते समय किन मसालों और चीजों को मिलाया जाता है? तैयार पेस्ट में गेहूं का आटा, अजवाइन, भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, दही, कटी हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाया जाता है। 4. इस पराठे को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इस गरमागरम पराठे को ताजे दही, मिर्च के अचार और पुदीने की चटनी के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/nashte-men-laen-sehata-aura-svada-ka-tvista-aise-taiyara-karen-paushtika-black-chickpea-aura-beetroot-paratha-55208 TrendKia — Har trend, sabse pehle.