नाश्ते में परोसें चटपटा बीकानेरी भुजिया पराठा, जानें सामग्री और बनाने की पूरी विधि राजस्थान के बीकानेर की तीखी नमकीन भुजिया और मैश किए आलू की स्टफिंग से तैयार होने वाला यह कुरकुरा पराठा नाश्ते और टिफिन के लिए एक आसान और मसालेदार विकल्प है। सुबह के नाश्ते, बच्चों के लंच बॉक्स या शाम की चाय के वक्त अगर रोजमर्रा के सादे पराठों से हटकर कुछ अलग और चटपटा खाने का मन हो, तो राजस्थान के बीकानेर की लोकप्रिय भुजिया से बना भरवां पराठा एक उम्दा विकल्प साबित हो सकता है। बीकानेरी भुजिया का तीखापन और अनोखा क्रंच जब मैश किए हुए आलू और मसालों के साथ मिलता है, तो यह साधारण नाश्ते को भी बेहद स्वादिष्ट बना देता है। यह डिश कम समय में झटपट तैयार हो जाती है और इसे बनाने के लिए रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की ही जरूरत पड़ती है। पराठा बनाने के लिए जरूरी सामग्री इस नमकीन पराठे को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से गेहूं का आटा, उबले हुए आलू और बीकानेरी भुजिया का इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए बारीक कटा प्याज, कटी हुई हरी मिर्च, ताजा हरा धनिया, अमचूर पाउडर और पराठा सेंकने के लिए तेल या घी की आवश्यकता होती है। मसालों के सटीक नाप के लिए ये चीजें जुटा लें • गेहूं का आटा और नरम आटा लगाने के लिए पानी • उबले और मैश किए हुए आलू • बीकानेरी भुजिया • लाल मिर्च पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच • भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच • अमचूर पाउडर, बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया • नमक: स्वादानुसार • सेंकने के लिए: तेल या देसी घी नरम आटा गूंथने का तरीका पराठे को बाहर से कुरकुरा और अंदर से खस्ता रखने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा निकालें। इसमें चुटकी भर नमक डालकर मिला लें। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके सादा पानी डालें और नरम व चिकना आटा गूंथ लें। गूंथने के बाद आटे की ऊपरी सतह पर थोड़ा सा तेल लगा दें और किसी बर्तन या गीले कपड़े से ढककर करीब 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इस रेस्टिंग टाइम से आटा अच्छी तरह सेट हो जाता है और बेलते समय पराठे फटते नहीं हैं। मसालेदार भुजिया स्टफिंग कैसे तैयार करें एक अलग बर्तन में उबले हुए आलू लें और उन्हें कांटे या मैशर से अच्छी तरह मैश कर लें ताकि कोई बड़ी गुठली न बचे। अब इस मैश किए आलू में बीकानेरी भुजिया मिलाएं। इसके बाद बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, बारीक कटा ताजा हरा धनिया, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर और थोड़ा सा अमचूर पाउडर शामिल करें। नमक डालते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बीकानेरी भुजिया में पहले से ही पर्याप्त नमक और मसाले मौजूद होते हैं, इसलिए अतिरिक्त नमक बहुत संभलकर और हल्का ही डालें। सभी चीजों को चम्मच या हाथों से अच्छी तरह मिला लें ताकि एकसार मिश्रण तैयार हो जाए। बेलने और तवे पर सेंकने की विधि तैयार आटे में से मध्यम आकार की लोइयां तोड़ लें। लोई को सूखे आटे में लपेटकर चकले पर हल्का सा बेल लें। अब बेली हुई पूरी के केंद्र में 2 से 3 चम्मच तैयार भुजिया-आलू का भरावन रखें। किनारों को ऊपर की तरफ उठाते हुए बीच में लाकर पोटली की तरह कसकर बंद कर दें ताकि मसाला बाहर न निकले। अब इस भरी हुई लोई को हल्के हाथों से दबाएं और बेलन से हल्के दबाव के साथ गोल पराठे के रूप में बेल लें। गैस पर तवा रखकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब तवा गर्म हो जाए तो बेला हुआ पराठा उस पर डालें। पराठे को दोनों तरफ पलट-पलटकर हल्का सेंकें। जब पराठे पर हल्के सुनहरे रंग के चित्ते या दाग दिखने लगें, तब दोनों तरफ चम्मच से घी या तेल लगाएं और कलछी से दबाते हुए तब तक सेंकें जब तक कि परत अच्छी तरह से कुरकुरी और सुनहरी न हो जाए। बाकी सभी लोइयों से भी इसी क्रम में पराठे सेंक लें। परोसने के तरीके और जरूरी टिप्स तवे से उतारकर गर्मागर्म बीकानेरी भुजिया पराठे को ताजे दही, पुदीना-धनिया की हरी चटनी, तीखी लहसुन की चटनी या पारंपरिक आम व नींबू के अचार के साथ थाली में परोसें। स्वाद को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए गर्मागर्म पराठे के ऊपर सफेद मक्खन का एक टुकड़ा भी रख सकते हैं। इस रेसिपी को बनाते वक्त कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए • क्रंच बनाए रखने के लिए: भरावन तैयार करने के तुरंत बाद पराठे बेलकर सेंक लें, क्योंकि देर तक रखा रहने पर आलू की नमी से भुजिया नरम पड़ सकती है। • अतिरिक्त कुरकुरापन: अगर आपको पराठे में ज्यादा कुरकुरा स्वाद पसंद है, तो आलू के मिश्रण में भुजिया की मात्रा थोड़ी बढ़ा लें। • बच्चों के लिए फेरबदल: बच्चों के टिफिन बॉक्स के लिए बनाते समय कटी हरी मिर्च कम डालें या पूरी तरह हटा दें। • पौष्टिकता जोड़ें: मिश्रण में थोड़ा कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाने से पराठा और भी पौष्टिक तथा भारी बन जाता है। इसका आप पर असर यह नाश्ता उन लोगों के लिए उपयोगी है जो सुबह के समय सीमित सामग्री में एक नया और स्वादिष्ट भोजन तैयार करना चाहते हैं। • नाश्ते की विविधता: साधारण आलू या सादे पराठों के मुकाबले यह रेसिपी नाश्ते में एक नया क्रंची स्वाद देती है। रसोई में रखी नमकीन का इस्तेमाल करके इसे बिना अतिरिक्त तैयारी के 20 से 25 मिनट में बनाया जा सकता है। • टिफिन और यात्रा: यह पराठा ठंडा होने के बाद भी स्वादिष्ट बना रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों के टिफिन या यात्रा के दौरान पैक करने के लिए यह एक सुविधाजनक विकल्प है। • नमक का संतुलन: भुजिया में मौजूद सोडियम की वजह से ऊपर से अतिरिक्त नमक बहुत कम डालना पड़ता है। भोजन में नमक की मात्रा नियंत्रित रखने वाले लोग इसे आसानी से संतुलित कर सकते हैं। • किफायती विकल्प: इसे तैयार करने के लिए किसी महंगी सामग्री या जटिल सॉस की जरूरत नहीं होती। घर में रोज इस्तेमाल होने वाले आलू, प्याज और पैकेट वाली भुजिया से ही यह आसानी से बन जाता है। ऐसा क्यों हुआ यह भरवां पराठा राजस्थान की मशहूर बीकानेरी नमकीन की लोकप्रियता और रोजमर्रा के पराठों में कुछ नया आजमाने की घरेलू परंपरा से प्रेरित है। • बीकानेरी भुजिया की विशेषता: बीकानेर की भुजिया अपने खास तीखे मसालों, बेसन और मोठ दाल के मिश्रण के कुरकुरेपन के लिए जानी जाती है। पराठे की स्टफिंग में इसे शामिल करने से पारंपरिक भरावन को तीखा और अलग स्वाद मिल जाता है। • आलू का बाइंडर के रूप में उपयोग: भुजिया के छोटे और सूखे दानों को सीधे लोई में भरकर बेलना मुश्किल होता है क्योंकि इससे आटा फट सकता है। उबले मैश किए आलू भुजिया और मसालों को बांधकर एक लचीला मिश्रण बनाते हैं, जिससे पराठा आसानी से बेल जाता है। • नमी का प्रभाव: भुजिया आलू के संपर्क में आते ही नमी सोखने लगती है। यही वजह है कि स्टफिंग तैयार होते ही तुरंत पराठे सेकने की सलाह दी जाती है ताकि भुजिया का प्राकृतिक क्रंच खत्म न हो। सवाल-जवाब 1. बीकानेरी भुजिया पराठे की स्टफिंग में कौन-कौन से मसाले डाले जाते हैं? इसकी स्टफिंग में 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर, अमचूर पाउडर, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया और आवश्यकता अनुसार हल्का नमक डाला जाता है। 2. आटा गूंथने के बाद 15 मिनट के लिए ढककर रखना क्यों जरूरी है? आटे पर हल्का तेल लगाकर 15 मिनट ढककर रखने से वह नरम और चिकना हो जाता है, जिससे पराठे बेलते समय फटते नहीं हैं और मुलायम बनते हैं। 3. स्टफिंग में नमक डालते समय क्या सावधानी बरतनी चाहिए? बीकानेरी भुजिया में पहले से ही नमक और चटपटे मसाले होते हैं, इसलिए स्टफिंग में बहुत कम मात्रा में ही अतिरिक्त नमक मिलाना चाहिए। 4. स्टफिंग बनाने के तुरंत बाद पराठे बेलने की सलाह क्यों दी जाती है? अगर स्टफिंग को ज्यादा देर तक रखा जाए तो उबले आलू और प्याज की नमी से भुजिया नरम पड़ जाती है और पराठे का कुरकुरापन कम हो जाता है। 5. इस पराठे को और अधिक पौष्टिक कैसे बनाया जा सकता है? आलू और भुजिया के भरावन में थोड़ा कद्दूकस किया हुआ पनीर मिलाकर इस पराठे को अधिक पौष्टिक बनाया जा सकता है। 6. बीकानेरी भुजिया पराठे को किसके साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है? इस पराठे को ताजे दही, हरी चटनी, लहसुन की चटनी, आचार या ऊपर से मक्खन रखकर परोसना सबसे बेहतर माना जाता है। https://trendkia.com/food/nashte-men-parosen-chatapata-bikaneri-bhujia-paratha-janen-samagri-aura-banane-ki-puri-vidhi-41275 TrendKia — Har trend, sabse pehle.