# नवरात्रि व्रत में मिनटों में तैयार करें कुरकुरे साबूदाना वड़े, साथ में बनाएं दो लाजवाब फलाहारी चटनी

> नवरात्रि उपवास के दौरान साबूदाना और उबले आलू के बराबर अनुपात से बनाएं खस्ता वड़े, जिन्हें चेरी टमाटर और इमली-गुड़ की खास फलाहारी चटनी के साथ परोसा जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-17 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/navaratri-vrata-men-minaton-men-taiyara-karen-kurakure-sabudana-vare-satha-men-banaen-do-lajavaba-phalahari-chatani-48879 · **Language:** Hindi
**Tags:** साबूदाना वड़ा, नवरात्रि रेसिपी, फलाहार, व्रत का खाना, सिंघाड़े का आटा, इमली की चटनी

नवरात्रि के पावन दिनों में देवी दुर्गा की पूजा और उपवास की परंपरा घरों में श्रद्धा के साथ निभाई जाती है। चारों तरफ सजे माता के पंडालों और गरबा उत्सवों के बीच व्रत रखने वाले श्रद्धालु फलाहार के रूप में सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। उपवास के दौरान अक्सर सादा खाना खाते हुए कुछ अलग और चटपटा आजमाने का मन करता है। ऐसे में कुरकुरा साबूदाना वड़ा एक बेहतरीन विकल्प है, जो बाहर से खस्ता और अंदर से बेहद नरम बनता है। इसे बहुत ही कम समय में तैयार किया जा सकता है और इसके साथ परोसी जाने वाली खास फलाहारी चटनी इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है।

## आवश्यक सामग्री और सटीक अनुपात
साबूदाना वड़े को एकदम खस्ता बनाने के लिए सामग्रियों का सही माप होना जरूरी है। इस व्यंजन के लिए साबूदाना, उबले हुए आलू, बारीक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, सिंघाड़े का आटा, सौंफ और सेंधा नमक की जरूरत होती है। सही बनावट के लिए आधा किलो साबूदाना के साथ आधा किलो ही उबले हुए आलू का इस्तेमाल करना चाहिए। दोनों चीजों की यह बराबर मात्रा मिश्रण को सही गाढ़ापन देती है। वड़े को ज्यादा कुरकुरा और स्वादिष्ट बनाने के लिए मिश्रण में टमाटर और अतिरिक्त हरी मिर्च भी मिलाई जा सकती है। सिंघाड़े का आटा तलते समय टिक्कियों को फटने से रोकता है और बढ़िया बाइंडिंग देता है।

## वड़ा तैयार करने की आसान विधि
वड़ा बनाने की प्रक्रिया आलू उबालने और साबूदाना तैयार करने से शुरू होती है। सबसे पहले आलू को उबालकर अलग रख लें। साबूदाने को कुछ समय के लिए पानी में भिगो दिया जाता है जिससे वह फूलकर बिल्कुल नरम हो जाए। यदि समय की कमी हो और तुरंत वड़े बनाने हों, तो साबूदाने को हल्की आंच पर पानी में उबाला भी जा सकता है। जब आलू और साबूदाना तैयार हो जाएं, तब उबले आलू को मैश करके उसमें साबूदाना मिला दें।

इसके बाद मिश्रण में स्वादानुसार सेंधा नमक, कटी हुई हरी मिर्च, बारीक हरा धनिया, सौंफ, सिंघाड़े का आटा और चाहें तो कटे टमाटर डालें। इन सभी चीजों को हाथों से अच्छी तरह मिलाकर एकसार कर लें। अब इस मिश्रण से छोटी-छोटी गोल और चपटी टिक्कियां तैयार कर लें। एक कढ़ाई में तेल को अच्छी तरह गर्म करें और खौलते तेल में इन टिक्कियों को डालें। मध्यम से तेज आंच पर लगभग 5 मिनट तक तलने के बाद ये वड़े सुनहरे और कुरकुरे होकर पूरी तरह तैयार हो जाते हैं।

## साथ में परोसने के लिए दो खास फलाहारी चटनी
गरमा-गरम साबूदाना वड़े को ताजे दही के साथ खाया जा सकता है, लेकिन इसके साथ परोसी जाने वाली चटनी इसका मजा दोगुना कर देती है। पहली चटनी के लिए छोटे चेरी टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है। मिक्सी के जार में चेरी टमाटर, अदरक, सेंधा नमक, हरी मिर्च और चाहें तो थोड़ा आंवला डालकर बारीक पीस लें। चेरी टमाटर और आंवले का यह मेल चटनी को एक तीखा और ताजा स्वाद देता है।

दूसरी ओर, खट्टा-मीठा स्वाद चाहने वालों के लिए इमली और गुड़ की चटनी बेहतरीन मानी जाती है। इसे तैयार करने के लिए कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करके उसमें जीरा चटकाएं। इसके बाद इमली का पल्प या छिलके, गुड़ और स्वादानुसार सेंधा नमक डालें। इस मिश्रण को धीमी आंच पर करीब आधा घंटा यानी 30 मिनट तक अच्छी तरह उबलने दें। पकने के बाद गाढ़ी खट्टी-मीठी चटनी तैयार हो जाती है, जो इन खस्ता वड़ों के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है।

## इसका आप पर असर
नवरात्रि के दौरान उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह रेसिपी कम समय में पौष्टिक और स्वादिष्ट फलाहार तैयार करने में मदद करती है।

- **समय की बचत:** अगर साबूदाना पहले से नहीं भिगोया है, तो उसे धीमी आंच पर हल्का उबालकर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे तैयारी में घंटों इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।
- **सटीक अनुपात:** आधा किलो साबूदाना के साथ आधा किलो उबला आलू मिलाने से टिक्कियां तेल में बिखरती नहीं हैं। सही बाइंडिंग के लिए सिंघाड़े के आटे का इस्तेमाल जरूर करें।
- **तलने का समय:** खौलते तेल में वड़े डालने के बाद उन्हें मध्यम आंच पर सिर्फ 5 मिनट तक तलना होता है। इतने समय में वड़े अंदर तक पककर बाहर से पूरी तरह कुरकुरे हो जाते हैं।
- **चटनी का भंडारण:** इमली और गुड़ की चटनी को 30 मिनट तक उबालकर बनाया जाता है, जिससे यह गाढ़ी हो जाती है। इसे पूरे व्रत के दौरान कई दिनों तक आसानी से सुरक्षित रखा जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. साबूदाना वड़े बनाने के लिए साबूदाना और आलू का क्या अनुपात होना चाहिए?
इस रेसिपी में साबूदाना और उबले आलू का अनुपात 1:1 रखा जाता है, जैसे आधा किलो साबूदाने के लिए आधा किलो उबले आलू।

### 2. अगर साबूदाना पहले से नहीं भिगोया है तो क्या करें?
यदि समय कम है तो साबूदाने को धीमी आंच पर पानी में हल्का उबालकर तुरंत नरम किया जा सकता है।

### 3. साबूदाना वड़े को तलने में कितना समय लगता है?
खौलते तेल में डालने के बाद वड़े लगभग 5 मिनट में पूरी तरह तलकर कुरकुरे तैयार हो जाते हैं।

### 4. वड़े के साथ कौन सी फलाहारी चटनियां बनाई जा सकती हैं?
इसके साथ चेरी टमाटर, अदरक, मिर्च और आंवले की तीखी चटनी या इमली और गुड़ की खट्टी-मीठी चटनी बनाई जा सकती है।

### 5. इमली और गुड़ की चटनी को कितनी देर पकाना चाहिए?
जीरा, इमली, गुड़ और सेंधा नमक मिलाने के बाद इस चटनी को धीमी आंच पर लगभग आधा घंटा (30 मिनट) तक पकाया जाता है।

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