निमाड़ के मानसून जायके में शामिल बुरहानपुर की उड़द फल्ली चटनी 15 दिन नहीं होती खराब मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में बारिश के मौसम के दौरान उड़द की गीली फल्ली और हरी मिर्च से बनी चटनी काफी लोकप्रिय है। विशेषज्ञ फुला बाई के अनुसार, तेल और नमक के सही संतुलन के साथ यह चटपटी चटनी दो हफ्तों तक ताज़ा रहती है। मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में बारिश की फुहारें पड़ते ही खानपान की पारंपरिक मेज पूरी तरह बदल जाती है। बुरहानपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में मानसून की दस्तक के साथ ही स्थानीय बाजारों में उड़द की गीली फल्ली बहुतायत में बिकने लगती है। इस मौसम में निमाड़ के हर घर में उड़द की गीली फल्ली और हरी मिर्च से तैयार तीखी चटनी जरूर बनाई जाती है। यह चटनी न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि स्थानीय खानपान की समृद्ध पहचान भी मानी जाती है। निमाड़ की मशहूर उड़द फल्ली चटनी के मुख्य घटक स्थानीय खानपान विशेषज्ञ फुला बाई ने बताया कि इस पारंपरिक चटनी को तैयार करने के लिए बहुत कम सामग्री की आवश्यकता होती है, लेकिन इसके स्वाद का राज सामग्री के सटीक अनुपात में छिपा है। इस व्यंजन को बनाने के लिए मुख्य रूप से निम्नलिखित घटकों का उपयोग किया जाता है • उड़द की गीली फल्ली: ताज़ा और नरम उड़द की फल्लियां ही इस चटनी का आधार होती हैं, जो मानसून में आसानी से उपलब्ध होती हैं। • हरी मिर्च: चटनी को तीखापन और चटपटा स्वाद देने के लिए हरी मिर्च डाली जाती है। • लहसुन और जीरा: चटनी के स्वाद को उभारने और पाचन योग्य बनाने के लिए लहसुन की कलियां और जीरा मिलाया जाता है। • सरसों का तेल या खाद्य तेल और नमक: चटनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और स्वाद का संतुलन बनाने के लिए नमक और तेल की उचित मात्रा आवश्यक है। बनाने की पारंपरिक विधि और सही तरीका उड़द की गीली फल्ली की चटनी बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल और पारंपरिक है। सबसे पहले बाजार से लाई गई उड़द की फल्लियों को अच्छी तरह पानी से धोकर साफ किया जाता है ताकि उन पर लगी मिट्टी निकल जाए। इसके बाद फल्लियों को साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लिया जाता है। स्वच्छ की गई फल्लियों के साथ हरी मिर्च, लहसुन की कलियां और जीरा मिलाकर सिलबट्टे या मिक्सी में पीसा जाता है। पीसे हुए मिश्रण में स्वादानुसार नमक और पर्याप्त मात्रा में तेल मिलाया जाता है। तेल और नमक का यह मिश्रण चटनी को एक बेहतरीन बनावट देने के साथ-साथ प्राकृतिक संरक्षक का काम करता है। 15 दिनों तक ताज़ा रखने का खास राज इस पारंपरिक निमाड़ी चटनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे एक बार बनाकर करीब 15 दिनों तक बिना खराब हुए इस्तेमाल किया जा सकता है। फुला बाई के अनुसार, चटनी को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए इसमें तेल और नमक का सही अनुपात होना बेहद जरूरी है। यदि चटनी पीसते समय पानी का इस्तेमाल न किया जाए और तेल की मात्रा संतुलित रखी जाए, तो यह 15 दिन तक पूरी तरह ताज़ा और स्वादिष्ट बनी रहती है। लोग इसे एक बार में बनाकर कांच या चीनी मिट्टी के बर्तन में रख लेते हैं और रोजाना भोजन के साथ सर्व करते हैं। किस भोजन के साथ ली जाती है यह चटनी निमाड़ क्षेत्र में इस चटनी को मुख्य भोजन के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जाता है। बच्चे हों या बड़े, सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं। इसे खासतौर पर गरमा-गरम ज्वार या बाजरे की भाकरी, गेहूं की रोटी और दाल-चावल के साथ खाया जाता है। बदलते आधुनिक दौर में जहां फास्ट फूड और नए व्यंजनों का चलन बढ़ा है, वहीं बुरहानपुर और निमाड़ के ग्रामीण व शहरी इलाकों में उड़द की गीली फल्ली की यह चटपटी चटनी आज भी अपने मूल पारंपरिक स्वाद के साथ लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। इसका आप पर असर मौसम के अनुसार पारंपरिक और स्थानीय खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करने से स्वास्थ्य और स्वाद दोनों बेहतर होते हैं। • भारत में: मौसमी सब्जियों और फल्लियों से बनी चटनियां बिना किसी कृत्रिम प्रिजर्वेटिव के भोजन को सुपाच्य और पौष्टिक बनाने में मदद करती हैं। • मध्य प्रदेश (निमाड़) में: बुरहानपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोग स्थानीय मंडियों में ताज़ा उड़द फल्ली खरीदकर कम लागत में 15 दिनों के लिए स्वादिष्ट चटनी घर पर तैयार कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ यह परंपरा निमाड़ क्षेत्र में उड़द की फसल और मानसून के मौसम के सीधे जुड़ाव के कारण शुरू हुई थी। • फसल की उपलब्धता: बारिश की शुरुआत के साथ ही खेतों से उड़द की हरी और गीली फल्लियां कटकर बाजार में पहुँचती हैं, जिससे यह मौसम इस चटनी के लिए अनुकूल बन जाता है। • संरक्षण तकनीक: पुरानी पीढ़ी ने तेल और नमक का उपयोग करके बिना फ्रिज के भी कई दिनों तक खाद्य पदार्थों को ताज़ा रखने का पारंपरिक तरीका विकसित किया था। सवाल-जवाब 1. उड़द की गीली फल्ली की चटनी किस क्षेत्र में लोकप्रिय है? यह चटनी मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र और विशेष रूप से बुरहानपुर जिले में बरसात के मौसम में बहुत लोकप्रिय है। 2. उड़द फल्ली चटनी बनाने में कौन सी मुख्य सामग्रियां लगती हैं? इसमें उड़द की गीली फल्ली, हरी मिर्च, लहसुन, जीरा, नमक और तेल का इस्तेमाल किया जाता है। 3. यह चटनी कितने दिनों तक खराब नहीं होती है? तेल और नमक के सही संतुलन के साथ बनाई गई यह चटनी लगभग 15 दिनों तक ताज़ा रहती है। 4. इस चटनी को किन पकवानों के साथ खाया जाता है? इसे आमतौर पर ज्वार या बाजरे की भाकरी, रोटी और दाल-चावल के साथ परोसा जाता है। https://trendkia.com/food/nimar-ke-manasuna-jayake-men-shamila-burhanpur-ki-urada-phalli-chatani-15-dina-nahin-hoti-kharaba-30798 TrendKia — Har trend, sabse pehle.