निमाड़ में दिवाली की रौनक, घर पर ऐसे बनाएं पारंपरिक मावे वाली गुजिया दिवाली के खास मौके पर निमाड़ क्षेत्र में मावे वाली गुजिया बनाने की पुरानी परंपरा है, जिसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। मैदे की खस्ता परत और अंदर मावे व मेवों की मिठास इस पारंपरिक मिठाई को बेहद खास बनाती है। निमाड़ अंचल अपने पारंपरिक व्यंजनों और अनोखे देसी स्वाद के लिए विशेष पहचान रखता है। यहां के हर पर्व पर कुछ खास पकवान बनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। दीपावली के पर्व की बात करें तो खंडवा और इसके आसपास के इलाकों में मावे की गुजिया का खास क्रेज देखने को मिलता है। त्योहार की आहट के साथ ही यहां के घरों में इस पारंपरिक मिठाई की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मैदे की क्रिस्पी बाहरी लेयर और भीतर भरे मावे, नारियल व ड्राई फ्रूट्स की मिठास इस पकवान को खास बनाती है। इस लेख में हम आपको इसकी आसान विधि बता रहे हैं ताकि आप भी त्योहार पर इसका लुत्फ उठा सकें। घर पर कैसे तैयार करें मावे की गुजिया इस मिठाई की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे बाजार से लाने के बजाय घर पर ही सहजता से बनाया जा सकता है। इसके लिए किसी जटिल प्रक्रिया या बहुत ज्यादा भारी सामान की आवश्यकता नहीं होती है। मैदा, मावा, चीनी, नारियल और कुछ सूखे मेवे ही इसके मुख्य घटक हैं। दीपावली पर अपने मेहमानों का मुंह मीठा कराने के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यदि आप भी इस बार कुछ खास और पारंपरिक बनाना चाहते हैं, तो इस विधि को आसानी से आजमा सकते हैं। गुजिया बनाने के लिए जरूरी सामग्री स्वादिष्ट मावे वाली गुजिया बनाने की शुरुआत करने से पहले इसकी आउटर लेयर और अंदर की स्टफिंग के लिए सामान अलग-अलग जुटा लेना चाहिए। सामग्री की सही मात्रा आपके पकवान के स्वाद को और बेहतर बना देती है। • मैदा: दो कप मैदा बाहरी परत तैयार करने के लिए। • देशी घी: करीब चौथाई कप पिघला हुआ घी मोयन के लिए। • चीनी: पिसी हुई चीनी या बूरा लगभग 200 ग्राम। • नारियल: सूखा कद्दूकस किया हुआ नारियल आधा कप। • काजू और बादाम: दो-दो बड़े चम्मच बारीक कटे हुए। • चिरौंजी और किशमिश: दो-दो बड़े चम्मच। परत के लिए आटा गूंथने की सही विधि गुजिया की बाहरी परत को खस्ता और कुरकुरी बनाने के लिए आटा गूंथने का तरीका बहुत मायने रखता है। सबसे पहले एक बड़ी परात में दो कप मैदा लें और उसमें चौथाई कप पिघला हुआ देसी घी मिला लें। घी और मैदे को हथेलियों के बीच अच्छी तरह रगड़ें ताकि मोयन हर जगह पहुंच जाए। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाकर आटा गूंथ लें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि इसका आटा रोटी की तरह मुलायम नहीं होना चाहिए, बल्कि पूरी के आटे से थोड़ा सख्त तैयार करना चाहिए। आटा गूंथने के बाद इसे किसी गीले कपड़े से ढककर 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि यह सेट हो जाए और बेलते समय आसानी रहे। स्वादिष्ट मावे की भरावन तैयार करने का तरीका अब बारी आती है गुजिया के भीतर भरी जाने वाली स्टफिंग तैयार करने की। एक कड़ाही में एक छोटा चम्मच घी गर्म करें और उसमें कटे हुए काजू व बादाम को हल्का सा भून लें। इसके बाद कड़ाही में मावा डालकर धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं। जब मावे का रंग हल्का गुलाबी होने लगे तो आंच बंद कर दें और इसे थोड़ा ठंडा होने दें। जब मावा गुनगुना रह जाए तब इसमें कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल, चिरौंजी, किशमिश और इलायची पाउडर मिला लें। अंत में पिसी हुई चीनी या बूरा डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि गर्म मावे में चीनी कभी न मिलाएं, अन्यथा गर्मी से चीनी पिघल जाएगी और भरावन गीली हो जाएगी। स्टفिंग तैयार होने के बाद इसे सुरक्षित रख लें। गुजिया को सही आकार देने की प्रक्रिया आटा अच्छी तरह सेट हो जाने के बाद इसकी छोटी-छोटी लोइयां तैयार कर लें। एक लोई लेकर उसे पूरी के आकार में बेल लें, जिसके किनारे थोड़े पतले और बीच का हिस्सा हल्का सा मोटा होना चाहिए ताकि स्टफिंग सुरक्षित रहे। अब बेली हुई पूरी को गुजिया के सांचे पर रखें और उसके बीच में एक से दो चम्मच मावे की भरावन भरें। किनारों पर हल्का सा पानी या दूध लगाकर सांचे को बंद करें और कसकर दबाएं। अतिरिक्त आटे को हटाकर सांचा खोलें और गुजिया बाहर निकाल लें। यदि आपके पास सांचा नहीं है तो भी चिंता की बात नहीं है, पूरी के बीच में भरावन रखकर उसे आधा मोड़ें और उंगलियों से किनारे सील कर दें। आप कांटे की मदद से इसके किनारों पर सुंदर डिजाइन भी बना सकते हैं। बस यह सुनिश्चित करें कि किनारे अच्छी तरह बंद हों ताकि तलते वक्त भरावन बाहर न निकले। धीमी आंच पर तलने के टिप्स गुजिया का आकार देने के बाद कड़ाही में घी या तेल गर्म करें। तेल को बहुत अधिक तेज गर्म नहीं करना है बल्कि आंच को धीमी से मध्यम रखना है ताकि गुजिया अंदर तक अच्छी तरह पक सके और बाहर से सुनहरी हो जाए। अब एक-एक करके गुजिया कड़ाही में डालें और पलटते हुए दोनों तरफ से सुनहरा भूरा व कुरकुरा होने तक तलें। एक साथ बहुत अधिक संख्या में गुजिया न डालें क्योंकि इससे तेल का तापमान अचानक गिर सकता है। तलने के बाद इन्हें बाहर निकालकर जालीदार बर्तन या किचन पेपर पर रखें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। भंडारण और परोसने का तरीका जब गुजिया पूरी तरह से ठंडी हो जाए तब इसे किसी साफ और एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रख लें। इस तरह घर पर तैयार की गई खस्ता मावे की गुजिया को दीपावली के अवसर पर आने वाले मेहमानों को परोसा जा सकता है। इसकी आउटर लेयर का क्रंच और भीतर की मिठास सभी को बहुत पसंद आएगी। चूंकि इस मिठाई में मावे का उपयोग किया जाता है, इसलिए साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें और इसे मौसम व तापमान के अनुसार सुरक्षित स्थान पर रखें। नमी वाली जगह पर रखने से यह जल्दी खराब हो सकती है, इसलिए इसकी ताजगी का हमेशा ध्यान रखें। इसका आप पर असर त्योहारों के सीजन में पारंपरिक मिठाई घर पर तैयार करने से बाजार की मिलावटी चीजों से बचाव होता है और बजट भी नियंत्रित रहता है। • भारत में: दिवाली के अवसर पर घर पर बनी मिठाइयां परोसने से शुद्धता बनी रहती है और परिवार की सेहत सुरक्षित रहती है। • निमाड़ में: स्थानीय लोग इस पारंपरिक रेसिपी को अपनाकर कम खर्च में बेहतरीन मेहमाननवाजी कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ त्योहारों के दौरान पारंपरिक पकवान बनाने का चलन सांस्कृतिक विरासत और पारिवारिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। • सांस्कृतिक महत्व: निमाड़ क्षेत्र में हर प्रमुख पर्व पर स्थानीय व्यंजनों को प्राथमिकता देने की पुरानी परंपरा रही है। • स्वाद की प्राथमिकता: बाजार की मिठाइयों के मुकाबले घर पर बनी ताजी चीजों का स्वाद और गुणवत्ता बेहतर होती है। सवाल-जवाब 1. मावे वाली गुजिया बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है? इसके लिए मैदा, मावा, चीनी, नारियल और काजू-बादाम जैसे सूखे मेवों की आवश्यकता होती है। 2. गुजिया का आटा कैसा गूंथना चाहिए? इसका आटा पूरी के आटे की तरह थोड़ा सख्त होना चाहिए, न कि रोटी की तरह नरम। 3. मावे में चीनी कब मिलानी चाहिए? मावे को भूनकर हल्का ठंडा करने के बाद ही उसमें चीनी या बूरा मिलाना चाहिए। 4. गुजिया को किस आंच पर तलना चाहिए? गुजिया को धीमी से मध्यम आंच पर तलना चाहिए ताकि वे अंदर तक कुरकुरी हो सकें। https://trendkia.com/food/nimara-men-divali-ki-raunaka-ghara-para-aise-banaen-parnparika-mawa-gujiya-57300 TrendKia — Har trend, sabse pehle.