ओडिशा का पारंपरिक पखाला भात शरीर को रखता है ठंडा, घर पर इस तरह बनाएं आलू चोखा के साथ पखाला भात ओडिशा का एक पारंपरिक फर्मेंटेड चावल का व्यंजन है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है और पाचन सुधारता है। यहां इसे आलू चोखा के साथ बनाने की पूरी विधि और स्वास्थ्य लाभ दिए गए हैं। ओडिशा की पारंपरिक रसोई में एक ऐसा व्यंजन है जो गर्मियों में शरीर को भीतर से ठंडा रखता है और सेहत के लिए भी बेहद गुणकारी है। इसका नाम है पखाला भात। पके हुए चावल को पानी और दही में भिगोकर रातभर फर्मेंट किया जाता है, जिससे यह अनोखा व्यंजन तैयार होता है। ओडिशा में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं और इसे खासतौर पर आलू चोखा के साथ परोसा जाता है। अगर आप भी इसे घर पर बनाना चाहते हैं, तो यहां पूरी रेसिपी विस्तार से दी गई है। पखाला भात के लिए सामग्री पखाला भात बनाने के लिए ये चीजें चाहिए: उबले चावल 2 कप, दही आधा कप, पानी, नमक स्वादानुसार, अदरक 1 इंच, प्याज 1 कप, हरी मिर्च 1, तेल 2 बड़े चम्मच, सूखी लाल मिर्च 3 से 4 और बारीक कटी हरी धनिया 2 बड़े चम्मच। आलू चोखा के लिए सामग्री आलू चोखा तैयार करने के लिए चाहिए: तेल 4 बड़े चम्मच, लहसुन की कलियां 13 से 14, प्याज आधा कप, सूखी लाल मिर्च 7 से 8, उबले आलू 2, नमक स्वादानुसार और हरी धनिया आधा कप। पखाला भात बनाने की विधि • पहला चरण: रात का बचा हुआ 2 कप चावल एक बर्तन में लें। इसमें दो गिलास पानी और आधा कप दही अच्छी तरह मिलाएं। इस मिश्रण को ढककर रातभर फर्मेंट होने के लिए छोड़ दें। • दूसरा चरण: अगली सुबह जब चावल फर्मेंट हो जाए, तो उसमें नमक और अदरक कद्दूकस करके डालें और अच्छी तरह मिलाएं। फिर इसमें 1 कप बारीक कटा हुआ प्याज और 1 बारीक कटी हरी मिर्च डालकर दोबारा मिलाएं। इसके बाद 2 बड़े चम्मच तेल, 3 से 4 सूखी लाल मिर्च और बारीक कटी हरी धनिया डालें और सब कुछ एक साथ अच्छी तरह मिला लें। • तीसरा चरण: आलू चोखा के लिए एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें 13 से 14 लहसुन की कलियां डालें। जब लहसुन सुनहरा हो जाए, उसमें आधा कप प्याज और 7 से 8 सूखी लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह भूनें। जब यह मिश्रण पूरी तरह गोल्डन हो जाए, तब इसे मैश किए हुए 2 उबले आलू में डालकर अच्छी तरह मिलाएं। अब नमक और आधा कप धनिया भी डालें और मिलाएं। तैयार चोखे को पखाला भात के साथ रखें और गरमागरम सर्व करें। पखाला भात खाने के फायदे पखाला भात सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के नजरिए से भी बेहद खास है। यह पेट की गर्मी को दूर करने में असरदार है और गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है। इसका नियमित सेवन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। दरअसल, फर्मेंटेशन की प्रक्रिया के दौरान चावल में अच्छे बैक्टीरिया पनपते हैं। ये बैक्टीरिया गट हेल्थ को बेहतर बनाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत करते हैं। इसके अलावा पखाला भात खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे जल्दी भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल में रहता है। इसका आप पर असर • आपके लिए: पखाला भात घर पर आसानी से उपलब्ध सामग्री से बनता है और गर्मियों में शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने का एक किफायती और स्वास्थ्यवर्धक तरीका है। • सेहत पर असर: फर्मेंटेशन के जरिए बने इस व्यंजन में अच्छे बैक्टीरिया होते हैं जो पाचन सुधारते हैं, शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं और वजन नियंत्रण में मदद करते हैं। सवाल-जवाब 1. पखाला भात क्या होता है? पखाला भात ओडिशा का एक पारंपरिक व्यंजन है, जो पके हुए चावल को पानी और दही में भिगोकर रातभर फर्मेंट करके बनाया जाता है। 2. पखाला भात को कितनी देर फर्मेंट करना चाहिए? पखाला भात को रातभर, यानी करीब 8 से 10 घंटे फर्मेंट होने दिया जाता है। 3. आलू चोखा बनाने में कितनी लहसुन की कलियां डाली जाती हैं? आलू चोखा बनाने में 13 से 14 लहसुन की कलियां इस्तेमाल होती हैं। 4. पखाला भात खाने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं? इसे खाने से पेट की गर्मी दूर होती है, शरीर हाइड्रेटेड रहता है, पाचन बेहतर होता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। 5. क्या पखाला भात बनाने के लिए बचे हुए चावल इस्तेमाल किए जा सकते हैं? हां, पखाला भात पारंपरिक रूप से रात के बचे हुए पके चावल से ही बनाया जाता है। 6. पखाला भात में सूखी लाल मिर्च कितनी डाली जाती है? पखाला भात में 3 से 4 सूखी लाल मिर्च डाली जाती है। https://trendkia.com/food/odisha-ka-parnparika-pakhala-bhata-sharira-ko-rakhata-hai-thnda-ghara-para-isa-taraha-banaen-alu-chokha-ke-satha-3615 TrendKia — Har trend, sabse pehle.