पहाड़ी जायके का नया अंदाज, घर पर यूं तैयार करें तीखी और खट्टी-मीठी सेब की चटनी नाश्ते और दोपहर के भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए हिमाचली शैली में बनी सेब की चटनी एक बेहतरीन विकल्प है। जानिए बेहद कम सामान में इसे झटपट तैयार करने का तरीका। फलों के शौकीन अक्सर सेब का इस्तेमाल मीठे व्यंजनों, ताजे शेक अथवा जैम बनाने में करते हैं। भोजन की नियमित थाली में कुछ नयापन लाने के लिए इसी फल से एक स्वादिष्ट और चटपटी संगत भी तैयार की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों की रसोई में सेब को मसालों के संग कूटकर या पीसकर एक खास तरह का खट्टा-मीठा स्वाद दिया जाता है। इस पारंपरिक विधि में ताजे फल के प्राकृतिक मिठास को भुने मसालों और कच्चे तेल की तीखी सुगंध के साथ संतुलित किया जाता है। रसोई के साधारण मसालों से अनोखा तालमेल इस व्यंजन की खासियत यह है कि इसके लिए किसी दुर्लभ सामग्री की आवश्यकता नहीं पड़ती। घरों में दैनिक उपयोग में आने वाले साधारण मसाले ही इसके मुख्य आधार बनते हैं। ताजे कटे सेब के टुकड़ों के साथ तीखी हरी मिर्च, कसा हुआ ताजा अदरक, भुना पिसा जीरा, हरा धनिया, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक और सादा सफेद नमक इसमें मिलाया जाता है। मिठास और खटास का सही संतुलन बैठाने के लिए गुड़ अथवा चीनी के साथ अंत में नींबू का रस शामिल किया जाता है। सबसे अलग महक सरसों के कच्चे तेल से आती है, जो पहाड़ी व्यंजनों की एक खास पहचान मानी जाती है। तैयारी और पीसने का सही तरीका बनाने से पहले सेब को साफ पानी में धोकर उसका बाहरी छिलका उतार लें। फल के भीतरी कड़े हिस्से तथा बीजों को पूरी तरह काटकर बाहर निकाल दें। इसके बाद गूदे को छोटे चौकोर टुकड़ों में काटें, ताकि मिक्सी में पीसते समय आसानी रहे। साथ ही हरी मिर्च, अदरक की गांठ और धुली हुई हरी धनिया पत्ती को भी मोटा-मोटा काट लें। मिक्सी के जार में कटे फल के साथ हरी मिर्च, अदरक, धनिया और सभी सूखे मसाले एकत्र करें। इसमें स्वादानुसार सादा नमक, काला नमक, भुने जीरे का पाउडर और थोड़ी मात्रा में लाल मिर्च डालें। मिठास के लिए अपनी पसंद अनुसार चीनी या गुड़ के टुकड़े भी इसी समय मिला दें। पीसते समय ध्यान रखें कि पानी बिल्कुल न डालें, अथवा आवश्यकता पड़ने पर महज एक-दो चम्मच ही इस्तेमाल करें। चटनी को पूरी तरह बारीक लेप बनाने की जगह हल्का दरदरा पीसें, जिससे फल के छोटे रेशे मुंह में आएं और बनावट लाजवाब लगे। अंतिम तड़का और स्वाद का संतुलन दरदरी पिसी सामग्री को किसी शीशे या चीनी मिट्टी के कटोरे में निकाल लें। अब इसमें ताजे निचोड़े गए नींबू का रस और कुछ बूंदें सरसों का तेल डालकर चम्मच से अच्छी तरह मिला लें। सरसों के तेल की खुशबू काफी तीखी होती है, इसलिए इसकी मात्रा सीमित ही रखें ताकि फल का मूल स्वाद न दबे। यदि सेब पहले से ज्यादा खट्टा हो और चटनी में खटास अधिक महसूस हो, तो उसमें थोड़ा अतिरिक्त गुड़ या चीनी मिलाकर स्वाद को संतुलित किया जा सकता है। इसी तरह तीखेपन को कम रखने के लिए मिर्च की संख्या घटाई जा सकती है। किन व्यंजनों के साथ परोसें यह चटपटी संगत सुबह के गरमागरम पराठों, तली हुई पूरियों और सादी रोटियों के साथ बेहद उम्दा लगती है। दोपहर के भोजन में दाल-चावल अथवा कढ़ी-चावल की सादगी को यह नया स्वाद प्रदान करती है। शाम के नाश्ते में बेसन के पकौड़े, समोसे या कचौड़ी के साथ भी इसे पारंपरिक हरी चटनी के विकल्प के रूप में खाया जा सकता है। चूंकि इसमें ताजे फल और बिना पके घटक होते हैं, इसलिए इसे एक स्वच्छ एयरटाइट डिब्बे में भरकर फ्रिज में रखें और ताजी अवस्था में ही इसका आनंद लें। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू विधि रसोई में बचे हुए फलों के उपयोग और भोजन के स्वाद को बेहतर बनाने में मदद करती है। • बजट और सुविधा: घर पर रखी सामान्य सामग्रियों से यह मिनटों में तैयार हो जाती है। बाजार के महंगे सॉस या डिब्बाबंद अचार खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। • स्वाद में विविधता: साधारण दाल-रोटी के साथ यह एक नया जायका जोड़ती है। रोजमर्रा के भोजन की बोरियत दूर करने का यह सरल उपाय है। • अनुकूलन की छूट: चीनी और मिर्च की मात्रा पूरी तरह आपके हाथ में होती है। बच्चे और बुजुर्ग अपनी पसंद के हिसाब से इसका तीखापन तय कर सकते हैं। • ताजगी और स्वच्छता: ताजे फल से बनने के कारण इसमें कोई कृत्रिम संरक्षक नहीं होता। फ्रिज में रखकर इसे कुछ दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। सवाल-जवाब 1. सेब की चटनी में कौन-कौन से मुख्य मसाले डाले जाते हैं? इसमें हरी मिर्च, अदरक, हरा धनिया, भुना जीरा, लाल मिर्च, काला नमक, सादा नमक, नींबू का रस और सरसों का तेल डाला जाता है। 2. क्या इसे पीसते समय पानी मिलाना जरूरी है? पानी मिलाने से बचना चाहिए, केवल जरूरत पड़ने पर ही एकाध चम्मच पानी डालें ताकि चटनी का गाढ़ापन और दरदरापन बना रहे। 3. अगर चटनी ज्यादा खट्टी हो जाए तो क्या करें? यदि खटास अधिक लगे तो स्वाद को संतुलित करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त गुड़ या चीनी मिला लें। 4. इसे किन-किन पकवानों के साथ खाया जा सकता है? इसे गरम पराठे, पूरी, रोटी, दाल-चावल, राजमा-चावल तथा शाम के पकौड़ों के साथ परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/pahari-jayake-ka-naya-andaja-ghara-para-yun-taiyara-karen-tikhi-aura-khatti-mithi-apple-ki-chatani-45340 TrendKia — Har trend, sabse pehle.