पारंपरिक पकौड़े भूल जाइए, घर पर इस आसान विधि से बनाएं राजस्थानी काले चने की स्वादिष्ट कढ़ी अगर आप रोजाना की पारंपरिक पकौड़े वाली कढ़ी खाकर बोर हो चुके हैं, तो इस बार राजस्थान के पारंपरिक स्वाद वाली काले चने की स्वादिष्ट और आसान रेसिपी जरूर ट्राई करें। गरमा-गरम रोटी या चावल के साथ कढ़ी का मेल बेहद शानदार होता है। देश के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, पंजाब और गुजरात में कढ़ी को बहुत चाव के साथ खाया जाता है। यह व्यंजन खाने में जितना लजीज होता है, इसे पकाना उतना ही सरल होता है। हालांकि, हर क्षेत्र में इसे अपनी पसंद और स्थानीय संस्कृति के अनुसार अलग-अलग तरीकों से तैयार किया जाता है। आज हम आपको राजस्थानी अंदाज में काले चने की कढ़ी बनाने की विधा बता रहे हैं, जिसमें पकौड़ों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इस अनोखी कढ़ी का स्वाद आपको और आपके परिवार को निश्चित रूप से बहुत पसंद आएगा। काले चने की कढ़ी बनाने की पूरी विधि पहला स्टेप: राजस्थानी काले चने की कढ़ी तैयार करने के लिए सबसे पहले अपनी आवश्यकतानुसार काले चने ले लें। इस रेसिपी के लिए हम 1 कप काले चने का उपयोग कर रहे हैं। इन चनों को साफ पानी से अच्छी तरह धोने के बाद रातभर के लिए भिगोकर रख दें। इसके बाद चने का सारा पानी बाहर निकाल दें और उन्हें एक प्रेशर कुकर में थोड़ा साफ पानी व थोड़ा नमक डालकर सीटी लगाकर अच्छी तरह उबाल लें। गैस को मीडियम फ्लेम पर रखते हुए 4 सीटी आने दें और फिर कुकर बंद कर दें। अब उबले हुए चनों को एक छन्नी में पलट लें ताकि सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकल जाए। दूसरा स्टेप: अब कढ़ी का मुख्य घोल तैयार करने के लिए ताजी दही या छाछ का इस्तेमाल करें। इस दही में हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालें, साथ ही बेसन भी मिला लें। अब एक विस्क या चम्मच की सहायता से सभी सामग्रियों को अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गांठ न रहे और सब कुछ एकसार हो जाए। इसके बाद इसमें अपनी जरूरत के हिसाब से पानी मिला दें। आपको बेसन और दही का एक पतला घोल तैयार करना है जो पानी की तरह बहने वाला हो। तीसरा स्टेप: अब चूल्हे पर एक कड़ाही रखें और उसमें शुद्ध देसी घी डालें। घी गर्म होने पर उसमें जीरा, हींग और सूखी लाल मिर्च डालकर अच्छी तरह भून लें। इसके बाद इसमें लंबी कटी हुई हरी मिर्च, ताजी करी पत्ता, और बारीक कटा हुआ अदरक व लहसुन डालें। इन सभी मसालों को लगभग 1 मिनट के लिए भूनें और फिर इसमें पहले से तैयार किया गया दही और बेसन का घोल सावधानी से डाल दें। इस मिश्रण को तब तक लगातार चलाते रहें जब तक इसमें एक अच्छा उबाल न आ जाए। उबाल आने के बाद इसमें पहले से उबाले हुए काले चने और स्वादानुसार नमक डालकर पकने दें। अब कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 10 मिनट के लिए पकने दें। चौथा स्टेप: लगभग 10 मिनट बीत जाने के बाद कढ़ी का ढक्कन हटाएं और उसमें कसूरी मेथी, बारीक कटा हुआ हरा धनिया और गरम मसाला मिलाएं। सभी चीजों को कढ़ी में अच्छी तरह मिला लें ताकि मसालों की महक और स्वाद पूरी तरह रच-बस जाए। लीजिए, अब आपकी एकदम स्वादिष्ट और पारंपरिक राजस्थानी काले चने की कढ़ी बनकर बिल्कुल तैयार है। आप इसे गर्मागर्म रोटी या सादे चावल किसी के भी साथ परोस सकते हैं। इस अनोखी कढ़ी का स्वाद सामान्य पकौड़े वाली कढ़ी की तुलना में कहीं ज्यादा शानदार और लाजवाब लगता है। इसका आप पर असर यह पारंपरिक रेसिपी आपके दैनिक भोजन में स्वाद के साथ-साथ सेहतमंद बदलाव लाने में मदद करती है। • भारत भर में: कढ़ी पसंद करने वाले सभी लोग पारंपरिक पकौड़ों की जगह इस पौष्टिक विकल्प को आसानी से अपना सकते हैं। यह रेसिपी बेहद कम समय में एक अलग स्वाद का अनुभव कराती है। • पारिवारिक भोजन में: यह डिश घर पर आसानी से उपलब्ध मसालों और चने से तैयार हो जाती है, जिससे रोज की दाल-सब्जी से हटकर कुछ नया खाने को मिलता है। • पोषण के मामले में: बेसन और दही के साथ काले चने का यह मेल शरीर को भरपूर प्रोटीन और ऊर्जा प्रदान करता है। • बजट और सामग्री: इसके लिए बाजार से कोई महंगी सामग्री लाने की आवश्यकता नहीं होती, घर की रसोई में रखे सामान से ही यह तैयार हो जाती है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक रूप से कढ़ी में बेसन के पकौड़े डालने का चलन है, लेकिन क्षेत्रीय विविधता के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में इसमें कई तरह के बदलाव किए जाते हैं। • क्षेत्रीय परंपरा: राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में दाल या अनाज के साबुत दानों को कढ़ी में शामिल करने की पुरानी परंपरा रही है, जिससे इसका स्वाद और पोषक तत्व बढ़ जाते हैं। • सामग्री की उपलब्धता: काले चने घरों में आसानी से मिल जाते हैं और रातभर भिगोने के बाद उबालने पर यह कढ़ी में एक बेहतरीन बनावट और स्वाद देते हैं। • स्वाद में विविधता: पकौड़ों की तुलना में उबले हुए चने कढ़ी के खट्टे-तीखे घोल के साथ मिलकर एक अलग और सोंधा स्वाद प्रदान करते हैं। सवाल-जवाब 1. काले चने की कढ़ी बनाने के लिए कितने चनों की आवश्यकता होती है? इस रेसिपी में 1 कप काले चने का इस्तेमाल किया गया है। 2. चने को उबालते समय कुकर में कितनी सीटी लगानी चाहिए? मीडियम फ्लेम पर 4 सीटी लगाकर कुकर बंद करना है। 3. कढ़ी के घोल में किन मसालों का उपयोग होता है? दही और बेसन के घोल में हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर मिलाया जाता है। 4. उबले हुए चने कढ़ी में कब डाले जाते हैं? दही-बेसन के घोल में उबाल आने के बाद उबले हुए चने और नमक डाले जाते हैं। 5. कढ़ी को पकाने के बाद अंत में क्या मिलाया जाता है? अंत में कसूरी मेथी, बारीक कटा हरा धनिया और गरम मसाला मिलाया जाता है। https://trendkia.com/food/parnparika-pakaure-bhula-jaie-ghara-para-isa-asana-vidhi-se-banaen-rajasthani-kale-chane-ki-svadishta-karhi-38635 TrendKia — Har trend, sabse pehle.