पारंपरिक स्वाद को दें नया ट्विस्ट, बेहद आसान विधि से तैयार करें साबूदाना रसमलाई दूध, मेवे और साबूदाने के अनोखे संगम से घर पर आसानी से स्वादिष्ट रसमलाई तैयार की जा सकती है। जानिए इसे बनाने की पूरी सामग्री और सरल विधि। मिठाइयों के शौकीनों के बीच रसमलाई हमेशा से एक बेहद पसंदीदा व्यंजन रही है। सुगंधित गाढ़े दूध, इलायची और केसर की महक के साथ परोसी जाने वाली यह पारंपरिक मिठाई किसी भी दावत या खास मौके की रौनक बढ़ा देती है। अगर आप हमेशा बनने वाली पारंपरिक छेने की रसमलाई से हटकर कुछ नया और अनोखा आजमाना चाहते हैं, तो साबूदाना रसमलाई एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आती है। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब लगती है, बल्कि इसे घर की रसोई में बहुत ही कम और साधारण सामग्री के साथ आसानी से तैयार किया जा सकता है। साबूदाना रसमलाई के लिए आवश्यक सामग्री इस स्वादिष्ट मिठाई को बनाने के लिए आपको बहुत जटिल सामान जुटाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके लिए रसोई में उपलब्ध बुनियादी चीजें ही पर्याप्त हैं • साबूदाना: 1 कप • दूध: 1 लीटर फुल-क्रीम दूध • मीठा: 4-5 बड़े चम्मच चीनी • सुगंध के लिए: 4-5 इलायची और 1 छोटा चम्मच गुलाब जल • केसर: केसर के कुछ रेशे, जिन्हें 1-2 चम्मच दूध में भिगोया गया हो • सूखे मेवे: 8-10 बारीक कटे हुए बादाम और 8-10 बारीक कटे हुए पिस्ते तैयारी और साबूदाना टिक्कियां बनाने का तरीका मिठाई तैयार करने की शुरुआत साबूदाने की सही तैयारी से होती है। सबसे पहले 1 कप साबूदाने को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद इसे पर्याप्त पानी में लगभग 3 से 4 घंटे के लिए भिगोकर रख दें। जब साबूदाना पूरी तरह फूल जाए और पानी को सोख ले, तब छलनी की मदद से उसका सारा अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकाल दें। अब इस फूले हुए साबूदाने को हल्के हाथों से मसल लें ताकि यह एकसार होकर बांधने लायक बन जाए। इसके बाद हथेलियों पर थोड़ा घी या पानी लगाकर साबूदाने के मिश्रण से छोटी गोलियां तैयार करें और उन्हें हल्के से दबाकर चपटी टिक्कियों का रूप दें। टिक्कियां बनाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि वे बहुत ज्यादा मोटी न हों। यदि टिक्कियां अत्यधिक मोटी होंगी, तो उन्हें भीतर तक अच्छी तरह पकने में अधिक समय लगेगा और उनका लचीलापन भी प्रभावित हो सकता है। रबड़ीदार गाढ़ा दूध और टिक्कियों को पकाना एक बड़े और भारी तले वाले बर्तन में 1 लीटर फुल-क्रीम दूध निकालें और उसे मध्यम आंच पर गर्म होने के लिए रख दें। जब दूध में पहला उबाल आ जाए, तब आंच को धीमा कर दें और उसे धीरे-धीरे गाढ़ा होने दें। इसी दौरान दूध में 4-5 बड़े चम्मच चीनी, 4-5 कुटी हुई इलायची और पहले से 1-2 चम्मच दूध में भिगोकर रखा गया केसर मिला दें। इन सभी सामग्रियों को अच्छी तरह चमचे से चलाएं। दूध को बीच-बीच में लगातार चलाते रहना चाहिए ताकि मलाई नीचे तले में चिपककर जले नहीं। दूध के पकने के साथ ही एक अलग बर्तन में पर्याप्त पानी लेकर उसे उबालें। जब पानी खौलने लगे, तो उसमें तैयार की गई साबूदाना टिक्कियों को सावधानीपूर्वक डाल दें। इन्हें तब तक उबलने दें जब तक कि वे पूरी तरह पक न जाएं और हल्की पारदर्शी न दिखने लगें। अच्छी तरह पक जाने के बाद टिक्कियों को पानी से बाहर निकालें और किसी चम्मच या हल्के हाथों से दबाकर उनका अतिरिक्त पानी निकाल लें। मिश्रण को एक साथ पकाना और ठंडा करना उबली हुई साबूदाना टिक्कियों को अब धीमी आंच पर पक रहे गाढ़े और मीठे दूध में डाल दें। इन्हें धीमी आंच पर कुछ मिनटों तक पकने दें, जिससे टिक्कियां इलायची और केसरिया दूध की मिठास और खुशबू को अपने भीतर अच्छी तरह सोख लें। इसके बाद इसमें 1 छोटा चम्मच गुलाब जल डालें और गैस बंद कर दें। तैयार रसमलाई को 8-10 कटे हुए बादाम, 8-10 कटे हुए पिस्ते और केसर के कुछ रेशों से अच्छी तरह सजाएं। जब यह मिठाई सामान्य तापमान पर ठंडी हो जाए, तो इसे कुछ देर के लिए फ्रिज में रख दें। ठंडी होने पर साबूदाना रसमलाई का स्वाद और बनावट दोनों ही और अधिक निखर जाते हैं। इसका आप पर असर यह आसान मिठाई घर के खानपान और त्योहारों की तैयारियों में समय और खर्च दोनों की बचत करती है। • बजट में बचत: पारंपरिक रसमलाई के मुकाबले साबूदाने से बनी रसमलाई काफी किफायती बैठती है। घर में रखे 1 लीटर दूध और 1 कप साबूदाने से आप कम लागत में एक शानदार मिठाई तैयार कर सकते हैं। • आसान तैयारी: इसे बनाने के लिए पनीर या छेना फाड़ने की जटिल प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होती। 3 से 4 घंटे साबूदाना भिगोने के बाद यह मिठाई बहुत कम समय में तैयार हो जाती है। • त्योहारी विकल्प: दावतों और व्रत-त्योहारों में मेहमानों के सामने यह एक नया और आकर्षक मीठा विकल्प पेश करती है। इसका अनोखा स्वाद और सुंदर रंगत हर किसी को आकर्षित करती है। • ताजा और सुरक्षित: घर पर बनी होने के कारण यह बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों के मुकाबले सेहत के लिहाज से सुरक्षित रहती है। आप अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार इसमें चीनी की मात्रा को भी संतुलित रख सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक छेना रसमलाई को बनाने में समय और मेहनत अधिक लगती है, जिसके चलते साबूदाने का यह नया रूप लोकप्रिय हो रहा है। साबूदाने की बनावट दूध और मेवों के साथ आसानी से घुलमिल जाती है। • तैयारी में सरलता: पारंपरिक रसमलाई के लिए छेने को सही तापमान पर फाड़ना और देर तक मसलना पड़ता है। साबूदाने को केवल 3-4 घंटे भिगोकर आसानी से मनचाहा आकार दिया जा सकता है, जिससे गलती होने की संभावना न के बराबर रहती है। • आसान सोखने की क्षमता: साबूदाने की टिक्कियां उबलने के बाद पारदर्शी और स्पंजी हो जाती हैं। गाढ़े दूध में डालने पर वे केसर, इलायची और चीनी के रस को तुरंत अपने भीतर खींच लेती हैं। • रसोई में नवाचार: घरों में साबूदाने का इस्तेमाल आमतौर पर नमकीन खिचड़ी या वड़े बनाने में होता है। इसे दूध और मेवों के साथ मिलाकर एक नया और सुरुचिपूर्ण मिष्ठान रूप दिया गया है। सवाल-जवाब 1. साबूदाना रसमलाई बनाने के लिए साबूदाने को कितनी देर भिगोना चाहिए? साबूदाने को साफ पानी में कम से कम 3 से 4 घंटे के लिए भिगोना चाहिए ताकि वह अच्छी तरह फूल जाए। 2. इस रेसिपी में कितना दूध और चीनी इस्तेमाल होती है? इसके लिए 1 लीटर फुल-क्रीम दूध और 4 से 5 बड़े चम्मच चीनी की आवश्यकता होती है। 3. साबूदाने की टिक्कियों को बनाते समय किस बात का ध्यान रखना चाहिए? टिक्कियां ज्यादा मोटी नहीं होनी चाहिए, ताकि वे पानी में आसानी से और कम समय में अंदर तक पक सकें। 4. टिक्कियों के पकने की पहचान क्या है? जब टिक्कियां उबलते पानी में पूरी तरह पक जाती हैं, तो वे हल्की पारदर्शी दिखने लगती हैं। 5. रसमलाई को सजाने के लिए किन चीजों का उपयोग किया जाता है? तैयार रसमलाई को 8-10 कटे बादाम, 8-10 कटे पिस्ते और केसर के रेशों से सजाया जाता है। https://trendkia.com/food/parnparika-svada-ko-den-naya-tvista-behada-asana-vidhi-se-taiyara-karen-sabudana-rasmalai-34868 TrendKia — Har trend, sabse pehle.