पीतल नगरी मुरादाबाद में कान्हा चाट भंडार के दही सौंठ वाले गोलगप्पे का जलवा, अनोखे मसालों का स्वाद चखने उमड़ रही भीड़ मुरादाबाद में कान्हा चाट भंडार पर मिलने वाले सूजी के दही और मीठी सौंठ वाले गोलगप्पे अपनी शुद्धता और अनोखे स्वाद के कारण लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर अपनी पीतल की कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर है, लेकिन इस शहर का स्वाद भी कुछ कम अनोखा नहीं है। यहाँ के खान-पान के दीवाने न केवल स्थानीय लोग हैं, बल्कि दूर-दूर से भी लोग खास पकवानों का स्वाद चखने आते हैं। मुरादाबाद में स्थित कान्हा चाट भंडार आजकल अपने अनोखे और स्वादिष्ट गोलगप्पों के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहाँ मिलने वाले दही और मीठी सौंठ के गोलगप्पे अपने लाजवाब स्वाद के कारण लोगों के पसंदीदा बन चुके हैं, जिसके चलते दुकान पर रोजाना भारी भीड़ उमड़ती है। घर पर तैयार होती है शुद्ध सूजी की पूरियां इस प्रसिद्ध चाट भंडार के संचालक योगेश यादव का कहना है कि वे शुद्धता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं करते हैं। गोलगप्पे बनाने के लिए वे बाजार से बेहतरीन क्वालिटी की सूजी खरीदते हैं और फिर उसे अपने हाथों से घर पर तैयार करते हैं। पूरियां पूरी तरह से घरेलू और पारंपरिक तरीके से बनाई जाती हैं, जिससे इनका क्रिस्पीपन और स्वाद लंबे समय तक बरकरार रहता है। यही वजह है कि यहाँ आने वाले ग्राहकों को एक घरेलू और साफ-सुथरा स्वाद मिलता है, जो उन्हें बार-बार यहाँ आने पर मजबूर करता है। साबुत मसालों की भुनाई और विशेष पानी की कला पानी-पूरी का असली जादू उसके पानी में होता है, और योगेश यादव इसे बनाने में काफी मेहनत करते हैं। वे बाजार से तैयार पिसे हुए मसालों के बजाय साबुत मसाले लाते हैं। इन मसालों को पहले लोहे की कढ़ाई में अच्छी तरह भुना जाता है, जिसके बाद इन्हें मिक्सर में बारीक पीसा जाता है। इस ताज़ा पीसे मसाले को पानी में मिलाया जाता है, जिसमें ताजा हरा धनिया, हरी मिर्च, काला नमक और कई अन्य गुप्त पारंपरिक मसाले शामिल होते हैं। यह अनूठा मिश्रण पानी को एक बेहद तीखा और चटपटा स्वाद प्रदान करता है। दही, हींग का पानी और गुड़ की सौंठ का अनूठा संगम यहाँ पर साधारण पानी के साथ-साथ हींग का पानी भी अलग से परोसा जाता है, जो पाचन के लिए बेहतरीन होने के साथ स्वाद में भी बेमिसाल होता है। गोलगप्पों में भरने के लिए उबले हुए चने और आलू का इस्तेमाल होता है। वहीं, यहाँ की खास मीठी सौंठ को तैयार करने के लिए गुड़, सौंफ और चुनिंदा गर्म मसालों का धीमी आंच पर पकाया जाता है। जब इन गोलगप्पों में आलू-चने के साथ ठंडी दही और गाढ़ी मीठी सौंठ डाली जाती है, तो इसका स्वाद लेने वालों की जीभ पर एक अनोखा जायका छोड़ जाता है। मात्र 20 रुपये से शुरुआत, दूर-दूर से आते हैं चटोरी स्वाद के साथ-साथ यहाँ की कीमतें भी बेहद किफायती हैं। कान्हा चाट भंडार पर गोलगप्पों की प्लेट मात्र 20 रुपये से शुरू होती है, और यहाँ की अधिकतम रेंज केवल 40 से 50 रुपये तक जाती है। इस बजट-फ्रेंडली कीमत पर बेहतरीन स्वाद मिलने के कारण ग्राहकों की लाइन लगी रहती है। यहाँ गोलगप्पे खाने के लिए लोग केवल मुरादाबाद शहर से ही नहीं, बल्कि शाहपुर, बुद्धि विहार, बुद्ध बाजार और पाकबड़ा जैसे सुदूर इलाकों से भी विशेष रूप से सफर करके आते हैं। ग्राहकों के बीच यहाँ के गोलगप्पों की मांग लगातार बढ़ती जा रही है, जो इस चाट भंडार की सफलता की गवाही देती है। इसका आप पर असर इस खबर से खाने-पीने के शौकीनों को स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले स्वच्छ और किफायती स्ट्रीट फूड की जानकारी मिलती है। इससे यह पता चलता है कि कैसे छोटे दुकानदार भी शुद्धता और स्वाद के दम पर अपनी बड़ी पहचान बना रहे हैं। • भारत भर में: देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले स्ट्रीट फूड प्रेमी इस तरह की पारंपरिक और हस्तनिर्मित भोजन शैलियों से प्रेरित हो सकते हैं। वे अपने आसपास भी ऐसे स्थानीय खाद्य केंद्रों की खोज कर सकते हैं जो डिब्बाबंद मसालों के बजाय ताजा पिसे मसालों का उपयोग करते हैं। • मुरादाबाद में: मुरादाबाद और पाकबड़ा जैसे पड़ोसी क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह एक शानदार और बजट-अनुकूल फूड डेस्टिनेशन है। वे केवल 20 से 50 रुपये के बीच में शुद्ध सूजी से बने ताज़ा, स्वादिष्ट और ठंडे दही-सौंठ वाले गोलगप्पों का आनंद ले सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ कान्हा चाट भंडार की अपार लोकप्रियता और यहाँ उमड़ने वाली भीड़ के पीछे कुछ बेहद खास और व्यावहारिक कारण हैं। दुकानदार द्वारा अपनाई गई पारंपरिक और शुद्ध विनिर्माण विधि ने इसे एक ब्रांड बना दिया है। • घर पर तैयार सामग्री: अधिकांश चाट वेंडर बाजार से बनी-बनाई पूरियां खरीदते हैं, जबकि यहाँ शुद्ध सूजी से खुद पूरियां बनाई जाती हैं। इससे ग्राहकों को हमेशा ताज़ा और क्रिस्पी गोलगप्पे मिलते हैं। • मसालों की शुद्धता: रेडीमेड मसालों का उपयोग करने के बजाय साबुत मसालों को कढ़ाई में भूनकर और मिक्सी में पीसकर विशेष तीखा पानी और हींग का पानी तैयार किया जाता है। यही ताज़गी इसके बेहतरीन स्वाद का मुख्य आधार है। • सौंठ और दही का अनूठा मेल: गुड़, सौंफ और खास मसालों से बनी मीठी सौंठ और ठंडी दही का संयोजन आम पानी-पूरी को एक शानदार चाट का रूप दे देता है। इसके अलावा मात्र 20 रुपये की शुरुआती कीमत इसे हर वर्ग के लिए सुलभ बनाती है। सवाल-जवाब 1. कान्हा चाट भंडार कहाँ स्थित है और यह किस लिए प्रसिद्ध है? कान्हा चाट भंडार उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में स्थित है और यह अपने स्वादिष्ट दही और मीठी सौंठ (शॉट) वाले गोलगप्पों के लिए बेहद प्रसिद्ध है। 2. यहाँ के गोलगप्पे किस प्रकार तैयार किए जाते हैं? यहाँ गोलगप्पे की पूरियां बाजार से खरीदने के बजाय घर पर ही बेहतरीन सूजी (सूजी) का उपयोग करके अपने हाथों से बनाई जाती हैं। 3. यहाँ के गोलगप्पे के पानी में क्या खास बात है? यहाँ साबुत मसालों को भूनकर और पीसकर ताजा पानी तैयार किया जाता है। इसमें हरा धनिया, हरी मिर्च, काले नमक के साथ-साथ विशेष हींग का पानी भी अलग से दिया जाता है। 4. कान्हा चाट भंडार पर गोलगप्पों की कीमत क्या है? यहाँ गोलगप्पों की प्लेट मात्र 20 रुपये से शुरू होती है और अधिकतम कीमत 40 से 50 रुपये तक जाती है। 5. इस दुकान पर गोलगप्पे खाने के लिए लोग कहाँ-कहाँ से आते हैं? यहाँ स्वाद का आनंद लेने के लिए लोग शाहपुर, बुद्धि विहार, बुद्ध बाजार और पाकबड़ा जैसे दूर-दराज के इलाकों से आते हैं। प्रेरणा और सबक योगेश यादव और उनके कान्हा चाट भंडार की सफलता की कहानी दर्शाती है कि कड़ी मेहनत, गुणवत्ता और ईमानदारी के बल पर एक छोटा व्यवसाय भी बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। • गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: बाजार से रेडीमेड चीजें खरीदने के बजाय घर पर ही सूजी की पूरियां और ताजे पिसे मसाले तैयार करना यह दिखाता है कि गुणवत्ता ही ग्राहकों का भरोसा जीतने की असली चाबी है। • नवीनता और वैविध्य: साधारण तीखे पानी के साथ हींग का पानी, ठंडी दही और खास सौंठ का कॉम्बो पेश करना यह सिखाता है कि पारंपरिक व्यंजनों में थोड़ा सा रचनात्मक बदलाव ग्राहकों को बेहद पसंद आता है। • किफायती मूल्य निर्धारण: इतनी मेहनत और अच्छी सामग्री के बावजूद कीमतों को आम लोगों की पहुंच (20 से 50 रुपये) में रखना यह साबित करता है कि कम मार्जिन और अधिक बिक्री का फॉर्मूला हमेशा सफल होता है। https://trendkia.com/food/peetal-nagri-moradabad-mein-kanha-chaat-bhandar-ke-dahi-saunth-wale-golgappe-ka-jalwa-32228 TrendKia — Har trend, sabse pehle.