# फेंकने के बजाय बनाएं मूली के हरे पत्तों की चटपटी भुजिया, स्वाद में बेमिसाल और झटपट तैयार

> सर्दियों में मूली के पत्तों को फेंकने के बजाय आप घर पर ही लहसुन और मसालों के साथ बेहद स्वादिष्ट और चटपटी भुजिया तैयार कर सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/phenkane-ke-bajaya-banaen-muli-ke-hare-patton-ki-chatapati-bhujiya-svada-men-bemisala-aura-jhatapata-taiyara-34277 · **Language:** Hindi
**Tags:** मूली के पत्ते की रेसिपी, मूली पत्ता भुजिया, सर्दियों की रेसिपी, जीरो वेस्ट कुकिंग, भारतीय शाकाहारी खाना, हेल्दी रेसिपी

ठंड के मौसम में रसोई में मूली का उपयोग पराठे और तरह-तरह की तरकारियां बनाने में खूब किया जाता है। अक्सर लोग मूली तो इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन उसके ऊपर लगे हरे पत्तों को कचरा मानकर कूड़ेदान में डाल देते हैं। इन पत्तों को फेंकने की आदत को बदलकर आप इनसे एक बेहद ज़ायकेदार सूखी सब्ज़ी बना सकते हैं। घर पर बहुत ही कम मेहनत और सामान्य मसालों के साथ तैयार होने वाली यह भुजिया खाने की थाली का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है। रोटी, गरम पराठे या सादे दाल-चावल के साथ इसे परोसने पर यह हर किसी को खूब पसंद आती है।

## तैयारी के लिए जरूरी सामग्री
इस आसान और स्वादिष्ट भुजिया को बनाने के लिए घर की रसोई में मौजूद बुनियादी चीजों की आवश्यकता होती है। इसके लिए दो कप ताजे मूली के पत्ते, एक से दो बारीक कटी हरी मिर्च, बारीक कटे हुए हरे धनिए के पत्ते, एक छोटा कटा हुआ प्याज़ और स्वादानुसार कटी हुई लाल मिर्च चाहिए। तड़के और ज़ायके के लिए तीन से चार लहसुन की कलियां, आधा छोटा चम्मच जीरा, एक चौथाई छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा छोटा चम्मच धनिया पाउडर, स्वादानुसार सादा नमक, एक से दो बड़े चम्मच लहसुन वाला तेल और खटास के लिए थोड़ा सा अमचूर पाउडर की जरूरत पड़ती है।

## पत्तों की सफाई और काटने का तरीका
सब्ज़ी की शुरुआत पत्तों को अच्छी तरह संवारने से होती है। मूली के पत्तों में अक्सर मिट्टी और धूल चिपकी रहती है, इसलिए इन्हें साफ पानी में दो से तीन बार डुबोकर अच्छी तरह धोना चाहिए ताकि पूरी गंदगी बाहर निकल जाए। जब पानी पूरी तरह निथर जाए और पत्ते साफ हो जाएं, तब उन्हें एक तेज चाकू से बारीक काट लें। पत्तों को जितना बारीक काटा जाएगा, भुजिया उतनी ही एकसार और बढ़िया बनकर तैयार होगी।

## तड़का लगाने और पकाने की विधि
कड़ाही या पैन को आंच पर चढ़ाकर उसमें लहसुन वाला तेल गरम करें। तेल के गरम होते ही जीरा डालें और उसके चटकने का इंतज़ार करें। इसके फौरन बाद कटा हुआ लहसुन, कटा हुआ प्याज़ और हरी मिर्च डालकर कुछ मिनटों तक भूनें। जब लहसुन का रंग हल्का सुनहरा होने लगे, तब बिना देर किए हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और लाल मिर्च डालें ताकि मसाले जले बिना अपना रंग छोड़ दें।

मसालों के भुनते ही कड़ाही में बारीक कटे मूली के पत्ते डाल दें। शुरुआत में पत्तों की मात्रा कड़ाही में काफी ज्यादा दिखाई देगी, परंतु जैसे-जैसे वे आंच पर पकेंगे, सिकुड़कर कम हो जाएंगे। अब इसमें स्वादानुसार नमक डालकर करछुल से सभी मसालों और पत्तों को अच्छी तरह मिला लें। पैन पर ढक्कन लगाएं और धीमी से मध्यम आंच पर इसे कुछ मिनट तक पकने दें।

## बिना पानी के भूनें और परोसें
इस सब्ज़ी को पकाते समय अलग से पानी मिलाने की बिल्कुल ज़रूरत नहीं होती, क्योंकि पत्ते पकते समय अपना प्राकृतिक पानी छोड़ते हैं। ढक्कन हटाकर बीच-बीच में चलाते रहें ताकि सब्ज़ी तली में न चिपके। जब पत्ते पूरी तरह नरम हो जाएं और उनकी अतिरिक्त नमी सूख जाए, तब आंच को बंद कर दें। अंत में इसके ऊपर थोड़ा सा अमचूर पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला दें।

तैयार भुजिया को गरमा-गरम रोटी या पराठों के साथ परोसें। दोपहर या रात के भोजन में दाल-चावल के साथ यह एक बेहतरीन साइड डिश का काम करती है। अगर आप इसका ज़ायका और चटपटा करना चाहते हैं, तो खाने से ठीक पहले इस पर ताज़े नींबू का रस निचोड़ सकते हैं। रसोई में बेकार समझी जाने वाली सामग्री का ऐसा सदुपयोग भोजन की बर्बादी को रोकता है और खाने में एक अलग स्वाद जोड़ता है।

## इसका आप पर असर
रसोई में बेकार समझकर फेंक दिए जाने वाले मूली के पत्तों से स्वादिष्ट भुजिया तैयार कर भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है और खाने में पोषण बढ़ाया जा सकता है।

- **घरेलू बजट और बचत:** अक्सर फेंके जाने वाले पत्तों से एक अतिरिक्त सब्ज़ी बन जाती है। इससे सब्ज़ियों की बर्बादी रुकती है और रोज़मर्रा के घरेलू राशन के खर्च में थोड़ी बचत होती है।
- **आसान तैयारी:** इसे पकाने में सिर्फ घर में रखे बुनियादी मसाले और तेल की ज़रूरत होती है। रसोई में बिना अतिरिक्त सामग्री खरीदे कुछ ही मिनटों में एक नई डिश तैयार हो जाती है।
- **खानपान में विविधता:** सादे दाल-चावल या रोटी-सब्ज़ी के साथ यह एक बढ़िया सूखी साइड डिश का काम करती है। परिवार के सदस्यों को रोज़ के साधारण खाने में नया और चटपटा स्वाद मिलता है।
- **सफाई में सावधानी:** ज़मीन से जुड़े पत्तों में मिट्टी रहने की आशंका रहती है। इस्तेमाल से पहले पत्तों को दो से तीन बार साफ पानी में अच्छी तरह धोना बहुत जरूरी है।

## ऐसा क्यों हुआ
मूली के पत्तों की भुजिया बनाने का चलन घरेलू रसोई में सब्ज़ियों के पूरे उपयोग और मौसमी स्वादों को संजोने के विचार से जुड़ा है।

- **कचरा घटाने का प्रयास:** मूली की जड़ों का इस्तेमाल करने के बाद बचे पत्तों को अक्सर बेकार समझ लिया जाता है। इन्हें पकाने की विधि अपनाने से रसोई से निकलने वाले जैविक कचरे में कमी आती है।
- **प्राकृतिक नमी से पकना:** पत्तों में मौजूद स्वाभाविक नमी पकाने के दौरान बाहर आ जाती है। इसी कारण बिना अतिरिक्त पानी मिलाए यह भुजिया भाप और मसालों में आसानी से पक जाती है।
- **मसालों का संतुलित मेल:** लहसुन, जीरा और अमचूर पाउडर का प्रयोग पत्तों के कसैलेपन को संतुलित करता है। यह संयोजन डिश को बिना भारी ग्रेवी के भी बेहद चटपटा और स्वादिष्ट बना देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. मूली के पत्तों की भुजिया बनाने के लिए किन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होती है?
इसके लिए दो कप मूली के पत्ते, लहसुन, प्याज़, हरी मिर्च, लाल मिर्च, जीरा, हल्दी, धनिया पाउडर, नमक, लहसुन का तेल और थोड़ा सा अमचूर पाउडर चाहिए।

### 2. मूली के पत्तों को काटने से पहले धोना क्यों आवश्यक है?
पत्तों में अक्सर मिट्टी और गंदगी लगी रहती है, इसलिए उन्हें दो से तीन बार साफ पानी से धोना जरूरी होता है।

### 3. क्या इस भुजिया को पकाते समय पानी डालने की आवश्यकता होती है?
नहीं, पकते समय पत्ते खुद नमी छोड़ते हैं, इसलिए इसमें अलग से पानी डालने की ज़रूरत नहीं होती।

### 4. इस भुजिया को किन चीज़ों के साथ परोसा जा सकता है?
इसे गरमा-गरम रोटी, पराठे या फिर दाल-चावल के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जा सकता है।

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