# पीतल नगरी में 30 रुपये से शुरू होने वाली वेज बिरयानी का जादू, 16 मसालों से बनता है लाजवाब जायका

> मुरादाबाद में 16 देसी मसालों और खास पारंपरिक तरीके से तैयार होने वाली वेज बिरयानी का स्वाद चखने दूर-दराज के इलाकों से लोग पहुंच रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/pitala-nagari-men-30-rupaye-se-shuru-hone-vali-veja-birayani-ka-jadu-16-masalon-se-banata-hai-lajavaba-jayaka-51754 · **Language:** Hindi
**Tags:** मुरादाबाद, वेज बिरयानी, उत्तर प्रदेश, पीतल नगरी, खान-पान, स्ट्रीट फूड, अनिल कश्यप

उत्तर प्रदेश का मुरादाबाद शहर वैश्विक स्तर पर अपने पीतल के हस्तशिल्प और बर्तनों के लिए पहचाना जाता है। पीतल नगरी के रूप में विख्यात इस शहर के उत्पाद कई मुल्कों में निर्यात किए जाते हैं। हालांकि हस्तकला के साथ-साथ यह शहर अपने अनूठे खान-पान और लजीज व्यंजनों के लिए भी विशेष ख्याति रखता है। यहां के विभिन्न लजीज पकवानों के बीच मुरादाबादी वेज बिरयानी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। अपने खास स्वाद और महक के चलते यह शाकाहारी बिरयानी स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले भोजन प्रेमियों को भी आकर्षित कर रही है।

## पिता से सीखी रेसिपी से शुरू हुआ कारोबार
बिरयानी विक्रेता अनिल कश्यप के मुताबिक उनका परिवार वर्ष 2008 से बिरयानी बनाने के पेशे से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इस खास व्यंजन को पकाने का हुनर अपने पिता से सीखा था। उनके पिता ने ही उन्हें इस व्यंजन के मसालों और सही अनुपात की बारीकियां समझाई थीं। शुरुआती दौर में उन्होंने इस काम को बेहद छोटे स्तर पर शुरू किया था। समय के साथ लोगों को इसका स्वाद इतना भाया कि आज दूर-दराज के इलाकों से लोग इसका आनंद लेने आते हैं। इस बिरयानी की सबसे बड़ी खासियत दम पर पकाए गए सुगंधित चावल, ताजी चुनिंदा सब्जियां और मुलायम पनीर का बेहतरीन मेल है, जो इसे दूसरों से एकदम अलग बनाता है।

## 16 देसी मसालों का संतुलन और पकाने की विधि
इस शाकाहारी व्यंजन की तैयारी काफी सावधानीपूर्वक की जाती है। सबसे पहले बिरयानी के लिए चुने गए विशेष चावल को पकाने से लगभग एक घंटे पहले पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद इसमें खड़े और पिसे हुए देसी मसालों का मिश्रण शामिल किया जाता है। इस तैयारी में दालचीनी, जीरा, लौंग, काली मिर्च, बड़ी इलायची और छोटी इलायची समेत कुल 15 से 16 विभिन्न मसालों का उपयोग होता है। मसालों का सटीक मेल तैयार होने के बाद पर्याप्त पानी डालकर धीमी आंच पर चावल को पकाया जाता है। इस पारंपरिक विधि से तैयार होने वाली बिरयानी में मसालों की खुशबू चावल के हर दाने में समा जाती है। अनिल कश्यप बताते हैं कि जब बाजार में यह नया चलन देखने को मिला, तो उनके पिता ने खुद इसे बनाकर सिखाया था, जिसे बाद में उन्होंने एक नियमित व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाया।

## किफायती दाम और दूर-दराज से आने वाले कद्रदान
इस वेज बिरयानी की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह इसका बेहद किफायती होना भी है। दुकान पर बिरयानी की शुरुआत मात्र 30 रुपये से होती है। ग्राहक अपनी पसंद और भूख के हिसाब से 30, 40, 50 और 60 रुपये की प्लेट में भरपेट भोजन प्राप्त कर सकते हैं। कम दाम में उच्च गुणवत्ता और शानदार स्वाद मिलने के कारण मुरादाबाद शहर के अलावा रामपुर, कांठ और संभल जैसे नजदीकी क्षेत्रों से भी लोग नियमित रूप से यहां आते हैं। अनिल कश्यप का कहना है कि उन्होंने मुरादाबाद में इस वेज बिरयानी की परंपरा की नींव रखी थी और वर्षों से चली आ रही इस पुश्तैनी मेहनत का ही परिणाम है कि लोगों का भरोसा आज भी बरकरार है।

## ग्राहकों की जुबानी लाजवाब स्वाद का अनुभव
इस बिरयानी का जायका लेने पहुंचे नियमित ग्राहक मोहम्मद जीशान ने बताया कि वह पिछले कई वर्षों से यहां बिरयानी खाने आ रहे हैं। वह विशेष रूप से पाकबड़ा क्षेत्र से सिर्फ इस वेज बिरयानी का स्वाद चखने के लिए यहां पहुंचते हैं। उनका कहना है कि इस बिरयानी का स्वाद बेहद लजीज है और मसालों का संतुलन इसे बाकी दुकानों की तुलना में कहीं अधिक स्वादिष्ट बनाता है। यही वजह है कि लंबी दूरी तय करके भी लोग इस पारंपरिक स्वाद का लुत्फ उठाने यहां चले आते हैं।

## इसका आप पर असर
मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों तथा खान-पान के शौकीनों के लिए यह खबर एक किफायती और प्रामाणिक भोजन विकल्प की जानकारी देती है।

- **मुरादाबाद में:** स्थानीय निवासी और छात्र महज 30 से 60 रुपये के बजट में भरपेट और संतुलित शाकाहारी भोजन प्राप्त कर सकते हैं। कम कीमत के कारण यह दैनिक भोजन खर्च को नियंत्रित रखने में सहायक है।
- **आसपास के जिलों में:** रामपुर, कांठ और संभल से आने वाले यात्रियों और आगंतुकों के लिए यह शहर में एक प्रामाणिक खान-पान केंद्र के रूप में विकल्प प्रदान करता है। लोग मुरादाबाद यात्रा के दौरान विशेष पारंपरिक स्वाद का अनुभव कर सकते हैं।
- **शाकाहारी भोजन प्रेमियों के लिए:** अक्सर बिरयानी को मांसाहारी व्यंजनों से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन 16 मसालों और पनीर से तैयार यह विकल्प शाकाहारियों को रिच जायका देता है। जो लोग तीखे और खुशबूदार स्ट्रीट फूड के शौकीन हैं, उन्हें बिना अधिक खर्च किए उत्तम गुणवत्ता मिल जाती है।
- **छोटे व्यापारियों के लिए:** यह पारंपरिक हुनर पर आधारित लघु खाद्य कारोबार की सफलता का एक व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करता है। कम पूंजी से शुरू करके गुणवत्ता के दम पर ग्राहक आधार कैसे बढ़ाया जाए, यह उसकी सीख देता है।

## ऐसा क्यों हुआ
मुरादाबाद में इस खास वेज बिरयानी के लोकप्रिय होने के पीछे पारिवारिक परंपरा, खास मसालों का मिश्रण और बेहद किफायती दाम मुख्य कारण रहे हैं।

- **पारिवारिक रेसिपी की शुरुआत:** वर्ष 2008 में जब शाकाहारी बिरयानी का नया चलन दिखा, तब अनिल कश्यप के पिता ने घर पर इसकी विशेष रेसिपी तैयार कर उन्हें पकाने की विधि सिखाई। उसी पारंपरिक मार्गदर्शन के दम पर इस व्यवसाय की नींव रखी गई।
- **16 मसालों और दम पकाने की तकनीक:** स्वाद की विशिष्टता चावल को एक घंटा भिगोने और उसमें दालचीनी, लौंग, जीरा, काली मिर्च व दोनों इलायची समेत 16 मसालों के सटीक अनुपात से आती है। दम पर पकाने से सब्जियां, पनीर और चावल मसालों की पूरी खुशबू सोख लेते हैं।
- **सस्ती दरों पर भरपेट भोजन:** 30 रुपये से 60 रुपये तक की विभिन्न प्लेट दरों ने इसे हर वर्ग की जेब के अनुकूल बना दिया। गुणवत्ता से समझौता किए बिना सस्ती दरें तय करने से आसपास के शहरों से भी ग्राहकों का भरोसा कायम हुआ।

## सवाल-जवाब

### 1. मुरादाबाद की इस वेज बिरयानी में कौन-कौन से मसाले डाले जाते हैं?
इस बिरयानी में दालचीनी, जीरा, लौंग, काली मिर्च, बड़ी इलायची और छोटी इलायची सहित लगभग 15 से 16 देसी मसाले डाले जाते हैं।

### 2. इस बिरयानी की कीमत क्या है?
यहां बिरयानी की प्लेट 30 रुपये से शुरू होती है और 30, 40, 50 तथा 60 रुपये की दरों में उपलब्ध है।

### 3. अनिल कश्यप कब से यह बिरयानी बना रहे हैं?
अनिल कश्यप का परिवार वर्ष 2008 से बिरयानी बनाने के इस काम से जुड़ा हुआ है।

### 4. किन अन्य शहरों से ग्राहक इस बिरयानी को खाने आते हैं?
मुरादाबाद के अलावा रामपुर, कांठ और संभल से भी लोग विशेष रूप से यहां बिरयानी खाने आते हैं।

### 5. बिरयानी पकाने से पहले चावल को कितनी देर भिगोया जाता है?
चावल को पकाने की प्रक्रिया शुरू करने से करीब एक घंटे पहले पानी में भिगोकर रखा जाता है।

## प्रेरणा और सबक
पिता से सीखे हुनर को लगन और ईमानदारी के साथ अपनाकर छोटे स्तर से एक सफल व सम्मानित व्यवसाय खड़ा किया जा सकता है।

- **पारिवारिक हुनर का सम्मान:** माता-पिता द्वारा सिखाए गए पारंपरिक कौशल को संवारकर उसे आत्मनिर्भरता का जरिया बनाया जा सकता है। अनिल कश्यप ने अपने पिता की बनाई रेसिपी को पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ाया।
- **शुरुआत चाहे छोटी हो, गुणवत्ता से पहचान:** वर्ष 2008 में छोटे स्तर पर काम शुरू करने के बावजूद स्वाद और शुद्धता पर ध्यान दिया गया। निरंतर बेहतर उत्पाद देने पर ग्राहक खुद-ब-खुद खिंचे चले आते हैं।
- **किफायती दरों में जनसेवा और व्यापार:** कम दाम रखकर भी कारोबार को लंबे समय तक सफलतापूर्वक चलाया जा सकता है। 30 रुपये में भरपेट स्वाद उपलब्ध कराकर उन्होंने समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई।

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