प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर पनीर पराठा बच्चों को यूं खिलाएं, नोट करें आसान रेसिपी जंक फूड की तरफ भागने वाले बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना आसान नहीं होता, ऐसे में पनीर पराठा स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल साबित हो सकता है। जानिए इसके फायदे और बनाने की झटपट विधि। बच्चों को पौष्टिक खाना खिलाना आजकल किसी चुनौती से कम नहीं है। ज्यादातर बच्चे जंक फूड की तरफ भागते हैं और दाल-सब्जी या दूध जैसी सेहतमंद चीजों से मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा स्वाद के साथ-साथ पोषण भी पाए, तो पनीर पराठा एक शानदार विकल्प बन सकता है। यह खाने में जितना स्वादिष्ट है, उतना ही प्रोटीन, कैल्शियम और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर भी है, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करते हैं। अगर आपका बच्चा दूध पीने या हेल्दी चीजें खाने में नखरे दिखाता है, तो यह पराठा उसकी भूख और सेहत दोनों का ख्याल रख सकता है। बच्चों के लिए क्यों जरूरी है पनीर पराठा पनीर में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो बच्चों की मांसपेशियों और शरीर के विकास के लिए बेहद जरूरी है। इसके अलावा बढ़ती उम्र में हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, और पनीर को कैल्शियम का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। एक और फायदा यह है कि पनीर पराठा खाने के बाद बच्चों को जल्दी भूख नहीं लगती, जिससे वे दिनभर ऊर्जावान बने रहते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह स्वाद और पोषण का बेहतरीन मेल है, बच्चे इसे चाव से खा लेते हैं और उन्हें जरूरी पोषण भी मिल जाता है। पनीर पराठा बनाने की सामग्री और तरीका पराठा बनाने के लिए सबसे पहले गेहूं के आटे में थोड़ा नमक डालकर नरम आटा गूंथ लें और उसे 15 मिनट के लिए ढककर रख दें। इस दौरान पनीर को अच्छी तरह कद्दूकस कर लें और उसमें प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च, अजवाइन, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और नमक मिलाकर स्टफिंग तैयार कर लें। इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें। एक लोई को हल्का बेलें और उसके बीच में पनीर की स्टफिंग भर दें। अब किनारों को अच्छी तरह बंद करके धीरे-धीरे गोल आकार में बेल लें। मध्यम आंच पर तवा गर्म करें और पराठे को दोनों तरफ से हल्का सेक लें। इसके बाद घी या तेल लगाकर सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेंकें। जब पराठा अच्छी तरह पक जाए, तो उसे प्लेट में निकाल लें। कैसे परोसें और किन बातों का रखें ध्यान पनीर पराठे को दही, हरी चटनी, टमाटर सॉस या मक्खन के साथ परोसा जा सकता है। यह बच्चों के टिफिन के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। हालांकि बच्चों के लिए स्टफिंग में तीखे मसालों का इस्तेमाल कम ही रखें। स्वाद और पोषण दोनों बढ़ाने के लिए स्टफिंग में कद्दूकस की हुई गाजर या शिमला मिर्च भी मिलाई जा सकती है। ताजा पनीर इस्तेमाल करने से पराठा और भी स्वादिष्ट बनता है, और अगर इसे घी में सेका जाए तो इसका स्वाद और पोषण दोनों और बढ़ जाते हैं। इसका आप पर असर • पेरेंट्स के लिए: जिन बच्चों को दूध पीने या हेल्दी खाना खाने में दिक्कत होती है, उनके लिए पनीर पराठा प्रोटीन और कैल्शियम की कमी पूरी करने का एक आसान और स्वादिष्ट तरीका बन सकता है। • टिफिन के लिए काम की बात: स्कूल जाने वाले बच्चों के लंचबॉक्स में यह पराठा एक भरपेट और पौष्टिक विकल्प के तौर पर शामिल किया जा सकता है। सवाल-जवाब 1. पनीर पराठा बच्चों के लिए क्यों फायदेमंद है? इसमें प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है, जो बच्चों की मांसपेशियों, हड्डियों और दांतों के विकास में मदद करता है। 2. पनीर पराठे की स्टफिंग में क्या-क्या डाला जाता है? कद्दूकस किए हुए पनीर में प्याज, हरा धनिया, हरी मिर्च, अजवाइन, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और नमक मिलाकर स्टफिंग तैयार की जाती है। 3. आटा गूंथने के बाद कितनी देर रखना चाहिए? नरम आटा गूंथने के बाद उसे ढककर 15 मिनट के लिए रख देना चाहिए। 4. पनीर पराठे को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इसे दही, हरी चटनी, टमाटर सॉस या मक्खन के साथ परोसा जा सकता है। 5. बच्चों के लिए पराठा बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? स्टफिंग में तीखे मसालों का इस्तेमाल कम रखना चाहिए और स्वाद के लिए कद्दूकस की हुई गाजर या शिमला मिर्च मिलाई जा सकती है। https://trendkia.com/food/protina-aura-kailshiyama-se-bharapura-panira-paratha-bachchon-ko-yun-khilaen-nota-karen-asana-resipi-4077 TrendKia — Har trend, sabse pehle.