# पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में कचौरी और आलू की सब्जी के 5 मशहूर ठिकाने

> पुरानी दिल्ली का चावड़ी बाजार खरीदारी के साथ अपने लजीज देसी नाश्ते के लिए भी मशहूर है, जहां कचौरी और मसालेदार आलू की सब्जी के 5 प्रमुख ठिकाने मौजूद हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/purani-delhi-ke-chawri-bazar-men-kachauri-aura-alu-ki-sabji-ke-5-mashahura-thikane-34790 · **Language:** Hindi
**Tags:** चावड़ी बाजार, पुरानी दिल्ली, कचौरी सब्जी, स्ट्रीट फूड, श्याम स्वीट्स, जंग बहादुर कचौरी, देसी नाश्ता

पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक बाजारों में चहलकदमी का असली आनंद तब मिलता है, जब गलियों में छनती गरमा-गरम कचौरी और तीखी, मसालेदार आलू की सब्जी की महक आने लगे। चावड़ी बाजार केवल शादी के कार्ड या कागजी सामान की थोक खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारंपरिक खान-पान और दशकों पुराने जायकों का भी बड़ा केंद्र है। अगर आप सुबह के वक्त चटपटा और खस्ता नाश्ता तलाश रहे हैं, तो चावड़ी बाजार और इसके आसपास मौजूद 5 ठिकाने आपकी फूड लिस्ट का हिस्सा बन सकते हैं।

## मनोहर मार्केट में स्थित श्याम स्वीट्स की बेड़मी कचौरी
चावड़ी बाजार में कचौरी का जिक्र होते ही सबसे पहला और प्रमुख नाम श्याम स्वीट्स का उभरता है। मनोहर मार्केट में स्थित यह दुकान कई पीढ़ियों से अपनी कचौरी और सब्जी की खुशबू पूरे इलाके में बिखेरती आ रही है। यहां खास तौर पर बेड़मी कचौरी के साथ गाढ़ी और खुशबूदार आलू की सब्जी का मेल बेहद पसंद किया जाता है। सब्जी में डाले गए खास खड़े मसालों का तीखापन और कड़ाही से निकली ताजी कचौरी का खस्तापन इसे एक मुकम्मल देसी नाश्ता बना देता है।

## चर्खेवालान का पवन कचौरी वाला
पुरानी दिल्ली के ठेठ स्थानीय जायके को करीब से समझने के लिए चर्खेवालान क्षेत्र में स्थित पवन कचौरी वाला भी एक बढ़िया विकल्प है। इस दुकान पर गरमागरम कचौरी को तीखी तरी वाली सब्जी के साथ परोसा जाता है। सुबह होते ही नाश्ते के शौकीन लोगों की आमद यहां शुरू हो जाती है, जो गर्मागर्म थाली के लिए कतार में खड़े नजर आते हैं।

## हकीम बाका स्ट्रीट पर स्टैंडर्ड स्वीट्स
चावड़ी बाजार के हकीम बाका स्ट्रीट इलाके में मौजूद स्टैंडर्ड स्वीट्स अपने नाश्ते के साथ पारंपरिक मिठाइयों के लिए भी जाना जाता है। जो लोग तीखी कचौरी-सब्जी का लुत्फ उठाने के बाद पुरानी दिल्ली की मीठी परंपरा का भी स्वाद चखना चाहते हैं, उनके लिए यह दुकान फूड वॉक का बेहतरीन पड़ाव साबित होती है।

## किनारी बाजार के पास जंग बहादुर कचौरी वाला
पुरानी दिल्ली के कचौरी प्रेमियों के बीच किनारी बाजार के नजदीक स्थित जंग बहादुर कचौरी वाले की अपनी अलग शोहरत है। इस दुकान पर मिलने वाली खस्ता कचौरी और मसालों से लबरेज आलू की सब्जी का स्वाद बेहद खास माना जाता है। कचौरी का करारापन और गाढ़ी चटपटी सब्जी मिलकर नाश्ते को यादगार बना देते हैं, जिसके चलते सुबह से ही यहां ग्राहकों का तांता लगा रहता है।

## दरिबा कलां के समीप श्री बालाजी कचौरी भंडार
दरिबा कलां के आसपास स्थित श्री बालाजी कचौरी भंडार भी स्थानीय लोगों के बीच एक लोकप्रिय ठिकाना है। पुरानी दिल्ली के खान-पान की बड़ी खूबी यह है कि नामी प्रतिष्ठानों के साथ-साथ तंग गलियों में मौजूद छोटी दुकानें भी अपने ठेठ देसी स्वाद के बूते वर्षों से पहचान बनाए हुए हैं। यहां भी गरमा-गरम कचौरी और आलू की सब्जी का तालमेल सुबह की भूख मिटाने के लिए मुफीद साबित होता है।

## इसका आप पर असर
पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में मिलने वाले ये पारंपरिक नाश्ते स्थानीय निवासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों दोनों के खाने के अनुभव को सीधे प्रभावित करते हैं।

- **नाश्ते का समय:** अधिकांश दुकानें सुबह के समय ही ताजा नाश्ता बनाती हैं। यदि आप बिना भीड़ के गरमा-गरम कचौरी का स्वाद लेना चाहते हैं तो सुबह 8 से 10 बजे के बीच पहुंचना सबसे बेहतर रहता है।
- **किफायती खान-पान:** यह स्ट्रीट फूड बेहद कम खर्च में भरपेट देसी भोजन उपलब्ध कराता है। आम खरीदार और छात्र बिना अधिक पैसे खर्च किए पुरानी दिल्ली के मशहूर जायके का आनंद ले सकते हैं।
- **फूड वॉक की योजना:** संकरी गलियों के कारण इन सभी दुकानों पर पैदल ही आसानी से पहुंचा जा सकता है। चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन से निकलकर आप एक ही चक्कर में इन प्रमुख ठिकानों का दौरा कर सकते हैं।
- **मिठाई का विकल्प:** तीखे नाश्ते के शौकीन लोगों के पास मीठे का भी तुरंत विकल्प रहता है। हकीम बाका स्ट्रीट पर स्टैंडर्ड स्वीट्स जैसे ठिकाने कचौरी के तुरंत बाद पारंपरिक मिठाइयां चखने की सुविधा देते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
चावड़ी बाजार में कचौरी और आलू की सब्जी का इतना गहरा प्रभाव कई दशकों की खान-पान परंपरा और थोक व्यापार संस्कृति के तालमेल की वजह से विकसित हुआ है।

- **थोक बाजार की सुबह की जरूरत:** पुरानी दिल्ली के इस बड़े कारोबारी केंद्र में दूर-दराज से व्यापारी और पल्लेदार तड़के पहुंच जाते थे। दिनभर की भागदौड़ से पहले एक त्वरित, सस्ता और ऊर्जा देने वाला नाश्ता मुहैया कराने के लिए कचौरी-सब्जी की यह संस्कृति विकसित हुई।
- **पारंपरिक मसालों की विरासत:** खारी बावली और आसपास के मसाला बाजारों की निकटता ने इन दुकानों को खास खड़े मसालों तक सीधी पहुंच दी। पीढ़ियों से संजोई गई गुप्त मसाला विधियों ने हर दुकान के स्वाद को एक दूसरे से अलग और खास बनाए रखा।
- **तंग गलियों का ढांचा:** पुरानी दिल्ली की संकरी बसावट में चलते-फिरते हाथ में लेकर खाए जा सकने वाले व्यंजनों की मांग हमेशा अधिक रही। दोने में परोसी जाने वाली खस्ता कचौरी और तरी वाली सब्जी इस माहौल के लिए सबसे मुफीद साबित हुई।

## सवाल-जवाब

### 1. चावड़ी बाजार में कचौरी खाने के लिए कौन से मुख्य 5 ठिकाने हैं?
श्याम स्वीट्स, पवन कचौरी वाला, स्टैंडर्ड स्वीट्स, जंग बहादुर कचौरी वाला और श्री बालाजी कचौरी भंडार इस इलाके के 5 प्रमुख ठिकाने हैं।

### 2. श्याम स्वीट्स किस बाजार में स्थित है और वहां क्या खास मिलता है?
श्याम स्वीट्स मनोहर मार्केट में स्थित है और वहां बेड़मी कचौरी के साथ मसालेदार आलू की सब्जी विशेष रूप से पसंद की जाती है।

### 3. पवन कचौरी वाला चावड़ी बाजार के किस इलाके में मौजूद है?
पवन कचौरी वाला पुरानी दिल्ली के चर्खेवालान इलाके में स्थित है।

### 4. हकीम बाका स्ट्रीट पर कौन सी प्रसिद्ध दुकान स्थित है?
हकीम बाका स्ट्रीट पर स्टैंडर्ड स्वीट्स स्थित है, जो कचौरी-सब्जी के अलावा मिठाइयों के लिए भी जानी जाती है।

### 5. किनारी बाजार के पास कौन सी कचौरी की दुकान है?
किनारी बाजार के आसपास जंग बहादुर कचौरी वाले की प्रसिद्ध दुकान स्थित है।

### 6. दरिबा कलां के समीप कचौरी खाने का कौन सा विकल्प है?
दरिबा कलां के नजदीक श्री बालाजी कचौरी भंडार स्थानीय नाश्ते के लिए एक लोकप्रिय विकल्प है।

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