# घर पर बनाएं मारवाड़ी बेसन पालक की खास तरकारी, ढाबा स्टाइल स्वाद और पोषण की अनूठी जुगलबंदी

> पालक पनीर से ऊब चुके लोगों के लिए राजस्थान की यह पारंपरिक बेसन पालक रेसिपी बेहतरीन विकल्प है। भुनी मूंगफली और चना दाल के दरदरे मिश्रण से तैयार होने वाली यह डिश स्वाद और सेहत का जबरदस्त मेल पेश करती है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/rajasthani-besan-palak-ki-tarakari-banaegi-khane-ko-khasa-34663 · **Language:** Hindi
**Tags:** बेसन पालक, राजस्थानी रेसिपी, पालक की सब्जी, देसी खाना, हेल्दी रेसिपी, ढाबा स्टाइल खाना

रोजमर्रा के भोजन में हरी सब्जियों को शामिल करना अक्सर बच्चों की नापसंदगी के कारण एक चुनौती बन जाता है, खासकर जब बात हरी पत्तेदार पालक की हो। अधिकतर घरों में पालक का उपयोग पनीर के साथ ही सबसे अधिक देखा जाता है। यदि आप भी नियमित पालक पनीर के जायके से कुछ नया तलाश रहे हैं, तो राजस्थान के पारंपरिक खानपान की धरोहर बेसन पालक की तरकारी एक नायाब विकल्प साबित हो सकती है। सीमित तेल और सामान्य घरेलू मसालों के संतुलन से बनने वाली यह सब्जी ढाबा जैसी सोंधी महक और गाढ़ी बनावट देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत भुनी मूंगफली और चना दाल का दरदरा चूर्ण है, जो सामान्य बेसन की जगह ग्रेवी में एक दानेदार उभार लाता है।

## सब्जी के लिए जरूरी सामग्री और मात्रा
इस मारवाड़ी शैली की तरकारी को पकाने से पूर्व सभी सामग्रियों का सही अनुपात एकत्र कर लेना चाहिए। इसके मुख्य आधार के रूप में 1 गड्डी एकदम ताजा हरी पालक की पत्तियां लें, जिन्हें अच्छी तरह धोकर महीन काट लें। खाना पकाने के माध्यम के तौर पर 4 से 5 बड़े चम्मच तेल और गाढ़ापन संतुलित करने हेतु लगभग 1/4 कप पानी की आवश्यकता होती है।

सब्जी को महक और तीखापन देने वाले छौंक के लिए निम्नलिखित सामग्री अलग रखें

- 1 चम्मच साबुत जीरा और 1/4 चम्मच हींग
- 1 इंच अदरक का टुकड़ा, बारीक कटा हुआ
- 8 से 9 लहसुन की कलियां, कटी हुई
- 2 बारीक कटी हरी मिर्चें
- 1 बड़ा प्याज, महीन टुकड़ों में कटा हुआ
- 2 मध्यम आकार के रसीले टमाटर, बारीक कटे हुए

## मसालों का नाप और खास दरदरा मिश्रण
स्वाद को संतुलित करने के लिए स्वादानुसार साधारण नमक, 1/4 चम्मच हल्दी, 1/2 चम्मच पिसा धनिया, रंगत के लिए 1 चम्मच देगी लाल मिर्च, 1/2 चम्मच भुना जीरा पाउडर तथा 1/4 चम्मच पिसा गरम मसाला निकाल लें। इस व्यंजन की मुख्य जान इसका विशेष सूखा चूर्ण है। इसके लिए 6 चम्मच भुनी हुई मूंगफली के दाने और 6 चम्मच भुनी चना दाल की दरकार होती है। दोनों को एक साथ मिक्सी में हल्का दरदरा पीसकर रख लें। यदि किसी कारणवश भुनी चना दाल और मूंगफली उपलब्ध न हों, तो कड़ाही में 4 से 5 चम्मच सादा बेसन डालकर मंद आंच पर तब तक सूखा भूनें जब तक वह बादामी न हो जाए और सोंधापन न छोड़ने लगे।

## तड़का लगाने और प्याज भूनने की विधि
पकाने की शुरुआत के लिए भारी तले की कड़ाही में तेल गरम करें। तेल के पर्याप्त गर्म होते ही जीरा और हींग डालें। जैसे ही जीरे के दाने तड़कने लगें, तुरंत कटी हरी मिर्च, अदरक और लहसुन डालकर कुछ पलों तक चलाएं। इसके उपरांत बारीक कटे प्याज को कड़ाही में डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक उनका रंग सुनहरा भूरा न हो जाए। प्याज का यह सुनहरापन ही ग्रेवी को गहरा स्वाद प्रदान करता है।

## टमाटर, सूखे मसाले और पालक पकाने का तरीका
प्याज के अच्छे से भुनने के बाद कड़ाही में कटे टमाटर और सूखे पिसे मसाले (हल्दी, धनिया, देगी मिर्च, नमक) शामिल करें। मिश्रण को मध्यम आंच पर तब तक भूनते रहें जब तक मसालों से चिकनाई या तेल किनारे न छोड़ने लगे। इस स्थिति में महीन कटी पालक को कड़ाही में डालें। यहां आंच को तेज रखें और कलछी से लगातार चलाते हुए केवल 2 से 3 मिनट ही पकाएं। तेज आंच पर अल्पकाल पकाने से पत्तों का प्राकृतिक हरा रंग सुरक्षित रहता है और पत्ते मसालों को तुरंत सोख लेते हैं।

## गाढ़ापन लाना और सही परोसने का ढंग
पालक के थोड़ा नरम होते ही उसमें तैयार किया गया मूंगफली और चना दाल का दरदरा चूर्ण छिड़कें। साथ ही जीरा पाउडर और गरम मसाला डालकर अच्छी तरह उलट-पुलट कर मिला लें। इसके बाद 1/4 कप पानी डालें और कड़ाही को ढक्कन से बंद कर दें। आंच धीमी करके तरकारी को लगभग 4 से 5 मिनट तक भाप में पकने दें। विशेष ध्यान रखें कि पालक को जरूरत से अधिक देर तक न खौलाएं, क्योंकि अतिरिक्त आंच से पत्तों का आकर्षक हरापन खत्म होकर काला पड़ने लगता है और स्वाद भी बिगड़ जाता है। निर्धारित समय में पकने के बाद कड़ाही उतार लें और इस गरमागरम मारवाड़ी बेसन पालक को देसी घी लगी गेहूं की रोटियों अथवा कुरकुरे पराठों के साथ भोजन की थाली में सजाएं।

## इसका आप पर असर
यह पारंपरिक रेसिपी कम लागत में घर पर पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन तैयार करने का व्यावहारिक तरीका बताती है।

- **दैनिक बजट पर:** घर में मौजूद 1 गड्डी पालक और दाल-मूंगफली से पूरी सब्जी तैयार हो जाती है। रेस्टोरेंट से महंगी पनीर डिश मंगाने के मुकाबले यह घरेलू बजट में काफी बचत कराती है।
- **पारिवारिक पोषण पर:** पालक में प्रचुर मात्रा में आयरन और फाइबर मौजूद होता है। कम तेल और भुनी दाल-मूंगफली के उपयोग से बच्चों और बुजुर्गों को प्रोटीन और पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
- **रसोई समय पर:** यह सब्जी महज 15 से 20 मिनट के भीतर बनकर तैयार हो जाती है। सुबह टिफिन या रात के त्वरित डिनर के लिए गृहिणियों का काफी समय बचता है।
- **स्वाद विविधता पर:** पारंपरिक पालक पनीर से हटकर यह जीभ को ढाबा जैसा नया जायका देती है। साधारण रोटी और पराठे के साथ भी यह एक संपूर्ण भोजन का अनुभव कराती है।

## ऐसा क्यों हुआ
पालक पनीर की एकरसता और हरी सब्जियों से बच्चों की अरुचि के चलते यह मारवाड़ी व्यंजन एक लोकप्रिय घरेलू विकल्प बनकर उभरा है। पारंपरिक रूप से राजस्थान की शुष्क जलवायु में उपलब्ध दालों और हरी सब्जियों का ऐसा मेल विकसित किया गया था।

- **स्वाद का ठहराव:** घरों में पालक की गिने-चुने तरीकों से बनने वाली सब्जियां खाने के शौकीनों को ऊबा देती हैं। भुनी चना दाल और मूंगफली का दानेदार पाउडर ग्रेवी को साधारण की जगह ढाबा जैसा रिच टेक्सचर दे देता है।
- **पोषक तत्वों का संरक्षण:** पारंपरिक विधियों में पालक को अत्यधिक उबालने से उसका रंग और विटामिन नष्ट हो जाते हैं। इस विधि में 2 से 3 मिनट तेज आंच पर भूनने से हरा रंग और पोषण दोनों बरकरार रहते हैं।
- **सुलभ विकल्प की जरूरत:** यदि किसी के पास तुरंत भुनी सामग्री न हो तो सादे बेसन को भूनकर भी यह स्वाद प्राप्त किया जा सकता है। यह लचीलापन इसे किसी भी सामान्य रसोई में बनाना बेहद आसान बना देता है।

## सवाल-जवाब

### 1. राजस्थानी बेसन पालक की सब्जी में कितनी पालक लगती है?
इस सब्जी को तैयार करने के लिए 1 गड्डी ताजा पालक की जरूरत होती है।

### 2. सब्जी का खास मसाला कैसे तैयार किया जाता है?
इसके लिए 6 चम्मच भुनी मूंगफली और 6 चम्मच भुनी चना दाल को मिक्सी में हल्का दरदरा पीसा जाता है।

### 3. यदि भुनी चना दाल और मूंगफली न हो तो क्या करें?
इसकी जगह 4 से 5 चम्मच बेसन को कड़ाही में धीमी आंच पर सुनहरा और सौंधा होने तक भूनकर इस्तेमाल किया जा सकता है।

### 4. पालक को कड़ाही में कितनी देर पकाना चाहिए?
पालक डालने के बाद उसे तेज आंच पर केवल 2 से 3 मिनट भूनें, फिर चूर्ण मिलाकर धीमी आंच पर 4 से 5 मिनट ढककर पकाएं।

### 5. पालक का प्राकृतिक हरा रंग कैसे बरकरार रखें?
पालक को जरूरत से अधिक देर तक न पकाएं, तेज आंच पर कम समय भूनने से उसका प्राकृतिक हरा रंग काला नहीं पड़ता।

### 6. यह सब्जी किस चीज के साथ परोसी जाती है?
तैयार बेसन पालक को गरमागरम रोटी या पराठे के साथ परोसा जाता है।

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