राजस्थानी स्वाद से भरपूर पंचमेल दाल बनाने की आसान विधि पांच अलग-अलग दालों और देसी घी के तड़के से तैयार होने वाली पंचमेल दाल स्वाद और पोषण का बेमिसाल मेल है। जानिए इसे घर पर आसानी से बनाने की पूरी प्रक्रिया। राजस्थानी खानपान अपनी खास पहचान और बेमिसाल स्वाद के लिए जाना जाता है, जिसमें पंचमेल दाल का प्रमुख स्थान है। पांच अलग-अलग दालों के मिश्रण से तैयार होने वाली यह पारंपरिक डिश स्वाद और पोषण दोनों से भरपूर होती है। आमतौर पर इसे प्रसिद्ध राजस्थानी भोजन दाल बाटी के साथ परोसा जाता है, लेकिन इसे रोजमर्रा के खाने में रोटी या चावल के साथ भी आसानी से शामिल किया जा सकता है। दाल को भिगोने और सही तरीके से उबालने का चरण इस व्यंजन को बनाने की शुरुआत पांचों दालों की सही तैयारी से होती है। सभी दालों को एक साथ मिलाकर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें और फिर लगभग 30 मिनट के लिए पानी में भिगोकर रख दें। दाल भिगोने के बाद, उसे प्रेशर कुकर में डालें और आवश्यकतानुसार पर्याप्त पानी मिलाएं। इसमें स्वादानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालकर कुकर का ढक्कन बंद करें। मध्यम आंच पर कुकर में 4 से 5 सीटी आने तक दाल को अच्छी तरह पकने दें, जिससे दाल पूरी तरह गल जाए। कड़ाही में मसालेदार तड़का तैयार करने की विधि दूसरे चरण में दाल के लिए स्वादिष्ट तड़का तैयार किया जाता है। एक कड़ाही में देसी घी गर्म करें। घी गर्म होने पर उसमें जीरा और हींग डालें। जैसे ही जीरा चटकने लगे, उसमें बारीक कटा प्याज डालें और हल्का सुनहरा होने तक भूनें। इसके बाद अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक चलाएं। अब इसमें कटे हुए टमाटर मिलाएं और उनके नरम होने तक पकाएं। इसके बाद लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और गरम मसाला डालकर मसाले को घी छोड़ने तक अच्छी तरह भून लें। दाल को मिलाने, पकाने के समय और परोसने की टिप्स जब मसाला अच्छी तरह तैयार हो जाए, तो कुकर में पकी हुई दाल को कड़ाही में डालकर मसाले के साथ मिलाएं। यदि मिश्रण बहुत गाढ़ा लगे, तो जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाएं। ध्यान रखें कि पंचमेल दाल थोड़ी गाढ़ी ही अच्छी लगती है। दाल को धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक उबलने दें ताकि सभी मसालों का स्वाद दाल में समा जाए। इसके बाद गैस बंद कर दें और ऊपर से थोड़ा देसी घी डालकर मिलाएं। कटे हरे धनिये से सजाकर इसे गर्मागर्म परोसें। प्रामाणिक राजस्थानी स्वाद पाने के लिए परोसने से ठीक पहले ऊपर से साबुत लाल मिर्च का तड़का लगाएं। इसका आप पर असर पंचमेल दाल को आहार में शामिल करने से शरीर को पांच अलग-अलग दालों का संतुलित पोषण और प्रोटीन मिलता है। • पोषण संतुलन: पांच दालों के मेल से शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड और फाइबर प्राप्त होता है। यह दैनिक आहार में प्रोटीन की कमी को दूर करने का आसान तरीका है। • पाचन में आसानी: पकाने से पहले 30 मिनट भिगोने से दालें आसानी से पच जाती हैं। इससे पेट में भारीपन या गैस की समस्या नहीं होती। • समय की बचत: इसे साधारण कुकर में आसानी से पकाया जा सकता है। व्यस्त दिनों में भी यह 4 से 5 सीटी में तैयार हो जाती है। • खानपान में विविधता: रोटी और चावल दोनों के साथ इसका स्वाद बेहतरीन लगता है। रोज की एक जैसी दाल से बोर होने पर यह अच्छा विकल्प है। सवाल-जवाब 1. पंचमेल दाल को पकाने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए? पंचमेल दाल बनाने के लिए सभी पांचों दालों को पकाने से पहले कम से कम 30 मिनट के लिए पानी में भिगोना चाहिए। 2. कुकर में दाल को कितनी सीटी आने तक पकाना चाहिए? दालों को कुकर में हल्दी, नमक और पानी के साथ 4 से 5 सीटी आने तक मध्यम आंच पर पकाना चाहिए। 3. मसाले में मिलाने के बाद दाल को कितनी देर उबालना जरूरी है? पकी हुई दाल को तड़के के मसाले में मिलाने के बाद धीमी आंच पर 5 से 7 मिनट तक उबालना चाहिए। 4. पंचमेल दाल में प्रामाणिक राजस्थानी स्वाद कैसे प्राप्त करें? प्रामाणिक राजस्थानी स्वाद के लिए दाल में ऊपर से देसी घी और साबुत लाल मिर्च का अतिरिक्त तड़का लगाना चाहिए। https://trendkia.com/food/rajasthani-svada-se-bharapura-pnchamela-dala-banane-ki-asana-vidhi-27030 TrendKia — Har trend, sabse pehle.