रक्षाबंधन पर 400 रुपये में बनाएं 1 किलो शुद्ध रागी लड्डू, जबलपुर की अर्चना सोनी ने बताया शुगर फ्री रेसिपी का तरीका रक्षाबंधन पर बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचने के लिए जबलपुर की अर्चना सोनी ने घर पर केवल 400 रुपये में 1 किलो पौष्टिक रागी लड्डू बनाने का आसान तरीका बताया है. यह कैल्शियम से भरपूर और शुगर फ्री मिठाई पूरे एक महीने तक ताजा रहती है. रक्षाबंधन का पावन पर्व भाई और बहन के अटूट रिश्ते और स्नेह का जश्न मनाने का खास मौका होता है. इस पावन अवसर पर बहनें अपने भाई का मुंह मीठा करवाकर लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं. हालांकि, त्योहारों के दौरान बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में मिलावट की आशंका काफी बढ़ जाती है. सेहत से जुड़ी इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए इस बार आप घर पर ही बेहद स्वादिष्ट और सेहतमंद रागी के लड्डू तैयार कर सकती हैं. यह घर की बनी मिठाई न केवल शुद्धता की गारंटी देती है, बल्कि महज 400 रुपये की लागत में 1 किलो लड्डू आसानी से बन जाते हैं. जबलपुर की अर्चना सोनी ने इस विशेष पौष्टिक मिठाई को बनाने का बेहद सरल तरीका साझा किया है, जिससे स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बना रहता है. त्योहारी सीजन में मिलावट से बचाव और सेहत का ख्याल बाजार की मावा और शक्कर वाली मिठाइयों में अक्सर मिलावटी घटकों का खतरा रहता है, जो पाचन और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकते हैं. इसके विपरीत, रागी एक ऐसा सुपरफूड और पोषक अनाज है जो प्राकृतिक रूप से कैल्शियम से भरपूर होता है. कैल्शियम की उच्च मात्रा हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है. इस कारण रागी के बने लड्डू भाई, भाभी और परिवार के सभी सदस्यों की सेहत के लिए अत्यंत गुणकारी साबित होते हैं. रक्षाबंधन जैसे खास मौके पर घर में बनी यह बिना मिलावट की मिठाई त्योहार के आनंद को दोगुना कर देती है. रागी का आटा तैयार करने के दो आसान विकल्प अर्चना सोनी बताती हैं कि रागी के लड्डू बनाने के लिए आटा तैयार करने के दो तरीके उपलब्ध हैं. यदि आप पारंपरिक और पूरी तरह से घरेलू तरीका अपनाना चाहती हैं, तो बनाने से एक दिन पहले रागी को रात भर साफ पानी में भिगोकर रख दें. अगली सुबह पानी निकालकर रागी के दानों को धूप या हवा में अच्छी तरह सुखा लें और फिर इसे पीसकर आटा तैयार कर लें. वहीं, अगर आपके पास समय की कमी है और आप भिगोने तथा सुखाने के झंझट से बचना चाहती हैं, तो बाजार या हाट से सीधे तैयार रागी का आटा खरीदा जा सकता है. इससे समय की भारी बचत होती है और आप तुरंत लड्डू बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती हैं. धीमी आंच पर भूनने का सही तरीका और तेल से परहेज लड्डू की तैयारी की शुरुआत शुद्ध देसी घी से की जाती है. एक कड़ाही में पर्याप्त मात्रा में शुद्ध घी डालकर उसे मध्यम आंच पर गर्म करें. इसके बाद रागी के आटे को कड़ाही में डालकर तब तक लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक कि उसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और उसमें से भीनी-भीनी खुशबू न आने लगे. ध्यान रहे कि भूनने के दौरान केवल शुद्ध घी का ही उपयोग करना है और तेल का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना है. शुद्ध घी आटे को सही रंगत और बेहतरीन स्वाद प्रदान करता है, जिससे लड्डू का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. गुड़ और खजूर से बनाएं मिठास, उम्र के हिसाब से चुनें ड्राई फ्रूट्स इस मिठाई को पूरी तरह से सेहतमंद और शुगर फ्री रखने के लिए चीनी का उपयोग बिल्कुल न करें. मिठास के लिए चीनी की जगह प्राकृतिक गुड़ या खजूर के गूदे का इस्तेमाल करें. आप अपने भाई की पसंद और सेहत की जरूरतों के अनुसार गुड़ या खजूर की मात्रा निर्धारित कर सकती हैं. इसके अलावा, स्वादानुसार मेवों या ड्राई फ्रूट्स को देसी घी में हल्का भूनकर काट लें. मेवों को मिलाते समय उम्र का विशेष ध्यान रखें. यदि लड्डू घर के बुजुर्गों के लिए बनाए जा रहे हैं, तो ड्राई फ्रूट्स को बारीक पीसकर आटे में मिलाएं ताकि उन्हें चबाने में आसानी हो. वहीं, नौजवानों और बच्चों के लिए बनाए जाने वाले लड्डू में बारीक कटे हुए मेवे मिलाएं, जिससे हर बाइट में एक शानदार क्रंची स्वाद आए. कम बजट में महीने भर चलने वाला बेहतरीन तोहफा सभी भूने हुए मेवों, रागी के आटे और गुड़ या खजूर के मिश्रण को घी के साथ अच्छी तरह से मिलाकर छोटे-छोटे लड्डू बांध लें. यह पौष्टिक लड्डू न केवल खाने में बेहद स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सामान्य तापमान पर रखने पर पूरे एक महीने तक खराब नहीं होते और एकदम ताजा रहते हैं. केवल 400 रुपये के बजट में 1 किलो की मात्रा में तैयार होने वाली यह शुद्ध और सेहतमंद मिठाई रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भाइयों के लिए एक अनूठा और प्यार भरा उपहार बन सकती है. इसका आप पर असर त्योहारी सीजन में घर पर रागी के लड्डू बनाने से मिलावटी मिठाइयों से बचाव होता है और कम खर्च में पूरे परिवार के लिए शुद्ध व पौष्टिक मिठाई तैयार हो जाती है. • भारत में: रक्षाबंधन पर बाजार की शक्कर और मावा वाली मिठाइयों की जगह रागी लड्डू बनाने से परिवार को डायबिटीज और मिलावट के खतरों से सुरक्षा मिलती है. केवल 400 रुपये की लागत में 1 किलो कैल्शियम युक्त मिठाई तैयार करके हर परिवार सेहतमंद त्योहार मना सकता है. • जबलपुर में: जबलपुर और आसपास के क्षेत्र के निवासी स्थानीय बाजारों से आसानी से मिलने वाले रागी के आटे का उपयोग करके त्योहार के खर्च में भारी बचत कर सकते हैं. बिना झंझट के कम समय में शुद्ध घरेलू मिठाई तैयार की जा सकती है. • बुजुर्गों के लिए लाभ: मेवों को पीसकर लड्डू में मिलाने से घर के वरिष्ठ नागरिकों के लिए इसे चबाना और पचाना बेहद आसान हो जाता है. उच्च कैल्शियम मात्रा के कारण यह बुजुर्गों की हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. • लंबी शेल्फ लाइफ: बिना मावा और पानी का उपयोग किए बने ये लड्डू एक महीने तक खराब नहीं होते हैं. इससे त्योहार बीत जाने के बाद भी हफ्तों तक इस सेहतमंद मिठाई का आनंद लिया जा सकता है. सवाल-जवाब 1. रक्षाबंधन पर रागी के लड्डू बनाने में कितना खर्च आता है? घर पर 1 किलो रागी के लड्डू तैयार करने में महज 400 रुपये का खर्च आता है. 2. क्या रागी के लड्डू बनाने के लिए शक्कर का इस्तेमाल किया जाता है? नहीं, इन लड्डूओं को शुगर फ्री बनाने के लिए चीनी की जगह प्राकृतिक गुड़ या खजूर का इस्तेमाल किया जाता है. 3. रागी के लड्डू कितने समय तक खराब नहीं होते हैं? शुद्ध देसी घी, रागी और गुड़ से बने ये लड्डू पूरे एक महीने तक ताजा रहते हैं और खराब नहीं होते हैं. 4. घर पर रागी का आटा बनाने की क्या प्रक्रिया है? रागी के दानों को रात भर पानी में भिगोकर रखें, सुबह सुखा लें और फिर पीसकर आटा तैयार कर लें. समय बचाने के लिए बाजार से तैयार आटा भी खरीदा जा सकता है. 5. बुजुर्गों और नौजवानों के लिए मेवे मिलाते समय क्या ध्यान रखना चाहिए? बुजुर्गों के लिए मेवों को पीसकर पाउडर के रूप में मिलाएं, जबकि नौजवानों और बच्चों के लिए बारीक कटे मेवे मिलाएं ताकि क्रंची स्वाद मिले. 6. क्या रागी के लड्डू भूनते समय तेल का उपयोग किया जा सकता है? नहीं, आटे को भूनने के लिए केवल शुद्ध देसी घी का ही उपयोग करना चाहिए और तेल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए. https://trendkia.com/food/rakshabandhan-para-400-rupaye-men-banaen-1-kilo-shuddha-ragi-laddu-jabalpur-ki-archana-soni-ne-bataya-shugara-phri-resipi-ka-tarik-23039 TrendKia — Har trend, sabse pehle.