शाम की चाय के साथ परोसें काले चने और मुरमुरे का कुरकुरा नाश्ता, सेहतमंद विकल्प से दूर रहेगा जंक फूड रांची की गृहिणी उषा ने शाम की भूख मिटाने के लिए काले चने और भुने मुरमुरे से बनने वाले पौष्टिक नाश्ते की आसान विधि साझा की है। प्रोटीन से भरपूर यह चटपटा मेल न केवल जल्दी पेट भरता है बल्कि शरीर को ऊर्जा भी देता है। शाम के समय चाय की चुस्की के साथ अक्सर कुछ नमकीन और कुरकुरा खाने का मन करता है, लेकिन बाजार के तले-भुने जंक फूड सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। ऐसे में घर पर आसानी से तैयार होने वाला पौष्टिक अल्पाहार सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होता है। रांची की गृहिणी उषा अपने परिवार के लिए शाम के नाश्ते में अक्सर भुना हुआ काला चना और मुरमुरा तैयार करती हैं। उनके अनुसार काला चना पोषण का खजाना है, जो शरीर को भरपूर ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है। यह नाश्ता स्वादिष्ट होने के साथ-साथ हल्का भी है और इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा रहता है। चने की तैयारी और मसालों का तड़का इस सेहतमंद नाश्ते को तैयार करने के लिए सबसे पहले काले चने को रातभर साफ पानी में भिगोकर रख दिया जाता है। अगली सुबह इन भीगे हुए चनों को ताजे पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें ताकि वे अंदर तक पक जाएं। इसके बाद एक कड़ाही में थोड़ा सा सरसों का तेल डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब तेल से हल्का धुआं उठने लगे, तब उसमें बारीक कटा हुआ प्याज डालकर हल्का गुलाबी होने तक भूनें। प्याज के भुन जाने के बाद कड़ाही में हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला और स्वादानुसार नमक डालें। मसालों के साथ ही उबले हुए चने कड़ाही में मिला दें। इसके बाद कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक चनों को पकने दें। भाप में पकने से मसाले चने के अंदर तक समा जाते हैं और चना बिल्कुल मुलायम हो जाता है। अच्छी तरह पकने के बाद तैयार मसालेदार चने को एक बड़ी प्लेट में निकाल लें। मुरमुरा भूनना और चटपटी टॉपिंग्स मिलाना चने निकालने के बाद उसी कड़ाही में थोड़ा सा मुरमुरा डालें। मुरमुरे को तब तक लगातार चलाते हुए भूनें, जब तक कि वह पूरी तरह कुरकुरा और खस्ता न हो जाए। भुने हुए मुरमुरे को भी उसी प्लेट में पलट लें जिसमें पहले से मसालेदार चना रखा हुआ है। अब दोनों सामग्रियों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिला लें ताकि चने का मसाला मुरमुरे पर भी समान रूप से लिपट जाए। इस नाश्ते को और अधिक लजीज व पौष्टिक बनाने के लिए इसमें ऊपर से थोड़ा सा पसंदीदा नमकीन या मिक्स्चर छिड़का जा सकता है। इसके साथ ही बारीक कद्दूकस किया हुआ खीरा, गाजर और मूली मिलाने से इसमें एक ताजगी भरा कुरकुरापन आ जाता है। यह गरमा-गरम और चटपटा नाश्ता शाम की चाय के साथ परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो आपको बाहर के अस्वास्थ्यकर खानपान से भी दूर रखता है। इसका आप पर असर यह घरेलू नाश्ता शाम के वक्त बाजार के अस्वास्थ्यकर तले-भुने भोजन पर निर्भरता घटाकर स्वास्थ्य और घरेलू बजट दोनों को बेहतर बनाता है। • दैनिक खानपान: शाम की चाय के साथ अत्यधिक तेल वाले समोसे या चिप्स के बजाय घर का भुना चना और मुरमुरा खाने से पेट हल्का रहता है और अनावश्यक कैलोरी से बचाव होता है। आप इसे मात्र 15 मिनट की धीमी आंच पर पकाकर तुरंत तैयार कर सकते हैं। • शारीरिक ऊर्जा: काले चने में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व शरीर को लंबे समय तक कार्यशील रखने के लिए आवश्यक ताकत देते हैं। यह लंबे कामकाजी घंटों या शाम के खेलकूद के बाद थकान दूर करने में काफी मददगार साबित होता है। • सब्जियों का पोषण: कद्दूकस की गई गाजर, मूली और खीरे को मिलाने से नाश्ते में कच्ची सब्जियों के जरूरी रेशे और पोषक तत्व स्वतः जुड़ जाते हैं। बच्चे और बड़े दोनों बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के नियमित ताजी सब्जियां खा पाते हैं। • बजट की बचत: घर में मौजूद बुनियादी राशन जैसे चना, मुरमुरा और साधारण मसालों से तैयार होने के कारण यह बाजार के महंगे पैकेज्ड स्नैक्स का एक बेहद किफायती विकल्प है। परिवार के रोजाना के छोटे-मोटे खर्चों पर इसका सीधा सकारात्मक असर पड़ता है। ऐसा क्यों हुआ शाम के समय रक्त शर्करा का स्तर गिरने से लोगों को तुरंत कुछ चटपटा और नमकीन खाने की तीव्र इच्छा होती है, जिसके चलते वे अक्सर बाजार के तले-भुने भोजन की तरफ मुड़ जाते हैं। उषा ने पारंपरिक पोषक तत्वों से भरपूर सामग्रियों का ऐसा संयोजन चुना जो स्वाद और स्वास्थ्य दोनों जरूरतों को एक साथ पूरा करता है। • काले चने का पोषण आधार: काला चना भारतीय रसोई में ऊर्जा और तृप्ति का पारंपरिक स्रोत रहा है, जो पचने में स्थिर ऊर्जा देता है। इसे रातभर भिगोकर उबालने से यह आसानी से पचने योग्य बन जाता है और मसालों को अच्छी तरह सोख लेता है। • कुरकुरापन और हल्का अहसास: केवल चना खाने पर नाश्ता भारी लग सकता है, इसलिए भुने हुए मुरमुरे को जोड़ा जाता है ताकि हर कौर में हल्कापन और क्रंच मिले। मुरमुरे को सूखा भूनने से उसमें अतिरिक्त तेल का उपयोग किए बिना कुरकुरापन आ जाता है। • मसालों और कच्ची सब्जियों का संतुलन: सरसों का तेल, चाट मसाला और कद्दूकस की गई कच्ची सब्जियां मिलकर इस नाश्ते को चटपटा स्वाद देती हैं, जिससे बाजार के नमकीन की कमी महसूस नहीं होती। ताजी कटी सब्जियां गर्म चने की गर्माहट के बीच ताजगी जोड़ती हैं। सवाल-जवाब 1. काले चने को पकाने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए? काले चने को रातभर पानी में भिगोकर रखना चाहिए ताकि सुबह उबालते समय वे अंदर तक अच्छी तरह पककर मुलायम हो सकें। 2. चने को मसालों के साथ कितनी देर तक पकाना होता है? मसाले और उबले चने मिलाने के बाद कड़ाही को ढककर धीमी आंच पर 10 से 15 मिनट तक पकने देना चाहिए। 3. इस नाश्ते को और अधिक स्वादिष्ट और पौष्टिक कैसे बनाया जा सकता है? इसमें ऊपर से थोड़ी सी नमकीन के साथ बारीक कद्दूकस किया हुआ खीरा, गाजर और मूली मिलाई जा सकती है। 4. मुरमुरे को किस तरह तैयार किया जाता है? चने को निकालने के बाद उसी कड़ाही में मुरमुरे को तब तक लगातार चलाते हुए भूना जाता है जब तक वह पूरी तरह कुरकुरा न हो जाए। https://trendkia.com/food/ranchi-ki-usha-ne-bataya-black-chana-aur-puffed-rice-ka-chatpata-evening-snack-55917 TrendKia — Har trend, sabse pehle.