रूटीन ग्रेवी से हटकर इस बार आजमाएं राजमा मलाई कोफ्ता, रिच स्वाद की पूरी विधि पारंपरिक पनीर-आलू की जगह उबले राजमा और सत्तू से कोफ्ते तैयार कर काजू-मखाने की मखमली ग्रेवी में परोसें। खास मौकों के लिए यह नवाचार स्वाद और बनावट दोनों में नया अनुभव देता है। भारतीय रसोई में मलाई कोफ्ता का जिक्र छिड़ते ही आमतौर पर पनीर और आलू से बने कोमल पकौड़ों का ध्यान आता है, जिन्हें हल्की मीठी और मखमली तरी में डुबोया जाता है। अगर आप नियमित तौर पर बनने वाले राजमा-चावल या सादा राजमा करी के स्वाद में ताजगी लाना चाहते हैं, तो राजमा मलाई कोफ्ता एक नया और दिलचस्प विकल्प बनकर उभरता है। राजमा के दाने कोफ्तों को एक अनूठी बनावट और गहराई प्रदान करते हैं, जबकि काजू, मखाने और ताजी मलाई का सम्मिश्रण ग्रेवी को पारंपरिक नवाबी पकवानों जैसी समृद्धि देता है। किसी पारिवारिक दावत या विशेष अवसर के मेन्यू में यह प्रयोग सहज ही केंद्र में आ जाता है। कोफ्ते बनाने के लिए राजमा का मिश्रण तैयार करना इस व्यंजन की पहली कड़ी कोफ्तों का सही टेक्सचर हासिल करना है। इसके लिए पूरी तरह उबले हुए राजमा को किसी बर्तन में लेकर अच्छी तरह मसल लें ताकि उसमें बड़े टुकड़े न रहें। अब इस मसले हुए गूदे में बारीक कटा प्याज, ताजा हरा धनिया, कटी हरी मिर्च, बारीक अदरक और लहसुन शामिल करें। सुगंध और तीखेपन के संतुलन के लिए इसमें भुना जीरा पाउडर, गरम मसाला, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाएं। सामग्री को एकसार बांधने के लिए इस मिश्रण में सत्तू का इस्तेमाल किया जाता है, जो अनावश्यक नमी सोखकर कोफ्तों को टूटने से बचाता है। सत्तू मिलाने के बाद हथेलियों से गोल आकार के छोटे-छोटे कोफ्ते बना लें। इन्हें मध्यम आंच पर गर्म तेल में तब तक तलें जब तक बाहरी परत हल्की सुनहरी न हो जाए। कम तेल पसंद करने वाले लोग इन तैयार गोलों को बेक करने का विकल्प भी चुन सकते हैं। काजू और मखाने वाली मखमली ग्रेवी का निर्माण इस व्यंजन की दूसरी सबसे अहम कड़ी इसकी गाढ़ी और समृद्ध तरी है। ग्रेवी का आधार तैयार करने के लिए सबसे पहले प्याज, मखाने, काजू, अदरक और लहसुन को हल्का पका लें और फिर ठंडा करके मिक्सी में महीन पेस्ट बना लें। इसके बाद एक कड़ाही में तेल अथवा शुद्ध घी गर्म करके साबुत खड़े मसालों की छौंक लगाएं। छौंक तड़कते ही पैन में टमाटर की प्यूरी डालें और धीमी आंच पर तेल छोड़ने तक भूनें। इसके उपरांत मिर्च पाउडर, हल्दी, भुना जीरा, धनिया पाउडर और चुटकी भर हींग डालकर मसालेदार आधार को अच्छी तरह पका लें। जब मसाले पक जाएं, तब काजू और मखाने वाला तैयार पेस्ट इसमें मिलाएं और कुछ मिनट तक चलाते हुए भूनें। ग्रेवी को वांछित गाढ़ापन देने के लिए आवश्यकतानुसार पानी डालकर मध्यम आंच पर पकाएं। अंत में आंच बंद करने से ठीक पहले फ्रेश क्रीम और कटा हरा धनिया मिलाकर इसे मिला लें। लहसुन का खास छौंक और परोसने का ढंग तैयार डिश को एक अतिरिक्त खुशबूदार परत देने के लिए अलग से एक विशेष तड़का लगाया जाता है। एक छोटे तड़का पैन में शुद्ध घी गर्म करें और उसमें कटा लहसुन तथा सूखी लाल मिर्च डालकर चटकाएं। इस सुनहरे तड़के को तैयार ग्रेवी और कोफ्तों के ऊपर धीरे से डालें, जिससे घी और भुने लहसुन का स्वाद सीधे रसे में समा जाता है। तैयार गरमा-गरम राजमा मलाई कोफ्ता को तंदूरी नान, फुल्का, पराठे या जीरा राइस के साथ दस्तरखान पर परोसें। इसका आप पर असर घर के रोजमर्रा के भोजन में नई विविधता लाने और बचे हुए या उबले राजमा का इस्तेमाल करने के लिए यह एक उपयोगी व्यंजन है। • मेन्यू में बदलाव: नियमित राजमा-चावल के स्वाद से ऊब चुके परिवारों को होटल जैसी रिच ग्रेवी का घरेलू विकल्प मिलता है। इसे आसानी से शाम की दावत में परोसा जा सकता है। • किफायती नवाचार: महंगे पनीर के बजाय उबले राजमा और सत्तू का इस्तेमाल कर कोफ्ते बनाए जाते हैं। इससे कम खर्च में शाही अंदाज का खाना तैयार होता है। • स्वास्थ्य विकल्प: तलने के बजाय कोफ्तों को बेक करने की सुविधा उन लोगों के लिए मुफीद है जो कम तेल खाना चाहते हैं। आप बिना स्वाद घटाए हल्का विकल्प चुन सकते हैं। • तैयारी की सहूलियत: ग्रेवी का पेस्ट पहले से तैयार कर रखने से दावत वाले दिन खाना झटपट बनाया जा सकता है। मेहमानों के आने पर केवल गरम तड़का लगाना बाकी रहता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक मलाई कोफ्ता में पनीर और आलू का इस्तेमाल होता है, लेकिन नियमित भोजन में नए स्वादों की तलाश के चलते यह रूप सामने आया है। • सामग्री का नवाचार: उबले राजमा का प्राकृतिक गाढ़ापन और सत्तू का सूखापन मिलकर ऐसा मिश्रण बनाते हैं जो बिना फटे बंध जाता है। इससे पारंपरिक कोफ्तों की तुलना में एक नई बनावट मिलती है। • ग्रेवी का शाही संयोजन: काजू और मखानों को उबालकर पीसने से बिना मैदा या कृत्रिम गाढ़ेपन के मखमली टेक्सचर मिल जाता है। यह ग्रेवी राजमा के तीखे मसालों को संतुलित कर देती है। • अंतिम तड़के का प्रभाव: शुद्ध घी में लहसुन और सूखी लाल मिर्च का अलग से छौंक लगाने से ऊपर से एक स्मोकी खुशबू जुड़ जाती है। यह साधारण ग्रेवी को उत्सव जैसा रूप दे देता है। सवाल-जवाब 1. राजमा कोफ्ते बांधने के लिए किस चीज का प्रयोग किया जाता है? कोफ्तों के मिश्रण को ठीक से बांधने और नमी सोखने के लिए सत्तू का इस्तेमाल किया जाता है। 2. इस डिश की ग्रेवी में किन खास चीजों का पेस्ट डलता है? ग्रेवी के लिए प्याज, मखाने, काजू, अदरक और लहसुन को पकाकर तैयार किया गया महीन पेस्ट डाला जाता है। 3. क्या राजमा कोफ्तों को बिना तले भी पकाया जा सकता है? हाँ, अपनी पसंद के अनुसार कोफ्तों को तेल में तलने के बजाय बेक भी किया जा सकता है। 4. कोफ्तों पर अंत में कौन सा तड़का लगाया जाता है? गर्म घी में लहसुन और सूखी लाल मिर्च को भूनकर तैयार कोफ्तों और ग्रेवी पर छौंक लगाया जाता है। 5. राजमा मलाई कोफ्ता को किन चीजों के साथ परोसा जाता है? इसे नान, सादी रोटी, पराठे या जीरा राइस के साथ गरमा-गरम परोसा जाता है। https://trendkia.com/food/rutina-grevi-se-hatakara-isa-bara-ajamaen-rajma-malai-kofta-richa-svada-ki-puri-vidhi-42334 TrendKia — Har trend, sabse pehle.