सहजन के पत्तों से बनने वाली यह चटनी देगी भरपूर कैल्शियम और प्रोटीन, जानें आसान विधि अगर आपने अब तक सहजन की पत्तियों की चटनी नहीं चखी है तो जान लीजिए इसे बनाने की पूरी विधि, यह स्वाद के साथ-साथ प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और कई पोषक तत्वों से भरपूर होती है। रोज़-रोज़ की दाल-सब्जी में जब स्वाद फीका लगने लगे तो एक कटोरी तीखी-चटपटी चटनी पूरा जायका बदल देती है। हरी धनिया, टमाटर और आम की चटनी तो लगभग हर घर की रसोई में बनती है, लेकिन सहजन यानी मोरिंगा के पत्तों से बनी चटनी अब भी कई घरों के लिए नई चीज़ है। खास बात यह है कि यह चटनी सिर्फ स्वाद में ही उम्दा नहीं है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। सहजन के पत्तों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, यही वजह है कि आयुर्वेद में भी इसका इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। अगर आपने अब तक सहजन की पत्तियों की चटनी नहीं चखी है, तो आइए जानते हैं इसे घर पर बनाने की पूरी और आसान विधि। सहजन की पत्तियों की चटनी बनाने के लिए सामग्री इस चटनी को बनाने के लिए आपको सहजन की पत्तियां, दो चम्मच सरसों का तेल, आधा कप मूंगफली, आधा कप नारियल का बुरादा, एक चम्मच सफेद तिल, एक चम्मच जीरा, स्वादानुसार नमक, पांच से सात लहसुन की कलियां और एक हरी मिर्च की जरूरत होगी। ये सभी चीजें आमतौर पर हर रसोई में आसानी से मिल जाती हैं, इसलिए इसे बनाने के लिए किसी खास सामान की जरूरत नहीं पड़ती। चटनी बनाने की स्टेप बाय स्टेप विधि सबसे पहला काम है सहजन की पत्तियों को साफ करना। पत्तियों को डंठल से तोड़कर अलग कर लें और फिर इन्हें पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर लगी मिट्टी या धूल पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद गैस जलाकर कड़ाही रखें और उसमें दो चम्मच सरसों का तेल डालें। तेल जब अच्छी तरह गर्म हो जाए तब उसमें धुली हुई सहजन की पत्तियां डाल दें। अब इन्हें धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक पत्तियां पूरी तरह गल न जाएं। पत्तियां गल जाने पर इन्हें कड़ाही से निकालकर अलग बर्तन में रख लें। अब उसी कड़ाही में एक चम्मच सरसों का तेल और डालें और उसमें जीरे का तड़का लगाएं। जीरा चटकते ही उसमें पांच से सात लहसुन की कलियां और एक हरी मिर्च डाल दें। इसके बाद मूंगफली डालकर भूनें। मूंगफली अच्छी तरह भुन जाने पर इसमें आधा कप नारियल का बुरादा, स्वादानुसार नमक और एक चम्मच सफेद तिल डालकर सबको अच्छी तरह मिला लें। सारी सामग्री पक जाने के बाद गैस बंद कर दें और भुनी हुई पत्तियों समेत सारा मिश्रण मिक्सर जार में डाल दें। इसे दरदरा पीस लें, ध्यान रखें कि पीसते समय पानी बिल्कुल न डालें, वरना चटनी का स्वाद और बनावट दोनों बदल जाएंगे। कैसे स्टोर करें और परोसें चटनी पिस जाने के बाद इसे किसी एयर टाइट कंटेनर में भरकर रख दें। सही तरीके से स्टोर करने पर यह चटनी महीनों तक खराब नहीं होती, जिससे बार-बार बनाने की झंझट भी नहीं रहती। इसे आप चावल या रोटी के साथ साइड डिश के तौर पर परोस सकते हैं। इसका तीखा और चटपटा स्वाद खाने का जायका बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को पोषण भी देता है। इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर उन लोगों के लिए काम की है जो रोज़मर्रा के खाने में सेहत का ख्याल रखना चाहते हैं। • घर के बजट में: यह चटनी सस्ती और आसानी से मिलने वाली सामग्री से बनती है और महीनों तक स्टोर होती है, जिससे बार-बार खरीदारी और बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। • सेहत के लिए: प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व एक ही डिश से मिल जाते हैं, जिससे यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए फायदेमंद बन जाती है। सवाल-जवाब 1. सहजन की पत्तियों की चटनी बनाने के लिए कौन-कौन सी सामग्री चाहिए? सहजन की पत्तियां, दो चम्मच सरसों का तेल, आधा कप मूंगफली, आधा कप नारियल का बुरादा, एक चम्मच सफेद तिल, एक चम्मच जीरा, स्वादानुसार नमक, पांच से सात लहसुन की कलियां और एक हरी मिर्च चाहिए। 2. सहजन की पत्तियों में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं? सहजन की पत्तियों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन A, विटामिन C, पोटैशियम, मैग्नीशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। 3. क्या यह चटनी पीसते समय पानी डालना चाहिए? नहीं, चटनी पीसते समय पानी नहीं डालना चाहिए। 4. बनी हुई चटनी को कैसे स्टोर करें? चटनी को एक एयर टाइट कंटेनर में रखें, इससे इसका इस्तेमाल महीनों तक किया जा सकता है। 5. इस चटनी को किसके साथ खाया जा सकता है? इसे चावल या रोटी के साथ साइड डिश के तौर पर परोसा जा सकता है। https://trendkia.com/food/sahajana-ke-patton-se-banane-vali-yaha-chatani-degi-bharapura-kailshiyama-aura-protina-janen-asana-vidhi-5564 TrendKia — Har trend, sabse pehle.