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  "type": "article",
  "title": "सरसों तेल और खड़े मसालों का जादू, आगरा के इस ढाबे का चिकन खाने के लिए लोग तय करते हैं 60 किलोमीटर का सफर",
  "summary": "आगरा के सिकंदरा में नगला चुचाना रोड पर बने एक ढाबे की चिकन ग्रेवी इतनी मशहूर हो गई है कि 50 से 60 किलोमीटर दूर से भी ग्राहक इसे चखने आते हैं और कई तो फोन पर पहले से ऑर्डर बुक करा देते हैं।",
  "content": "आगरा सिर्फ ताजमहल और मुगलकालीन इमारतों के लिए नहीं, बल्कि अपने चटपटे खाने के लिए भी जाना जाता है। शहर के सिकंदरा इलाके में नगला चुचाना रोड पर बना एक छोटा सा ढाबा इन दिनों चिकन प्रेमियों के बीच खासा चर्चा में है। यहां की चिकन ग्रेवी का स्वाद कुछ ऐसा है कि आसपास के इलाकों से ही नहीं, बल्कि करीब 60 किलोमीटर दूर से भी लोग सिर्फ इसे चखने के लिए यहां पहुंचते हैं।\n\nकारीगर के हाथ का जादू, कच्चा चिकन भी यहीं बनवाते हैं ग्राहक\nढाबे के दुकानदार का कहना है कि उनके यहां काम करने वाले कारीगर के हाथ में ऐसी सफाई और महारत है कि ग्राहक कच्चा चिकन खरीदकर भी उसे यहीं पकवाना पसंद करते हैं। दुकानदार के मुताबिक, घर में इस्तेमाल होने वाले मसालों और खड़े मसालों से इसे तैयार किया जाता है और ग्रेवी को गाढ़ा दिखाने के लिए कोई अतिरिक्त चीज नहीं मिलाई जाती। यही शुद्धता इस जगह को बाकी दुकानों से अलग बनाती है और यही वजह है कि दूर-दराज से लोग यहां चिकन खाने खिंचे चले आते हैं।\n\nआकाश की जुबानी, शुद्ध सरसों तेल और घर के मसालों का राज\nनगला चुचाना के पास इस ढाबे पर चिकन बनाने वाले आकाश बताते हैं कि उनका बनाया चिकन आसपास के इलाकों में ही नहीं, बल्कि दूर तक मशहूर है। उनका दावा है कि जो ग्राहक एक बार यहां का चिकन चख लेता है, वह हमेशा के लिए उनका ग्राहक बन जाता है। आकाश के मुताबिक इसके पीछे राज है शुद्ध सरसों का तेल, घर के मसाले और खड़े मसाले, जिनसे स्वाद इतना उम्दा बनता है कि लोग दूर-दूर से यहां आना पसंद करते हैं।\n\nग्रेवी तैयार करने के लिए वह टमाटर, प्याज, अदरक और लहसुन का इस्तेमाल करते हैं। सबसे पहले चिकन को अच्छी तरह साफ करके साफ पानी से धोया जाता है, उसके बाद ही टमाटर, प्याज और अदरक-लहसुन का पेस्ट तैयार किया जाता है।\n\nकुकर में इस तरीके से तैयार होती है स्वादिष्ट ग्रेवी\nआकाश बताते हैं कि सबसे पहले शुद्ध सरसों के तेल में खड़े मसाले डाले जाते हैं। मसाले तेल में अच्छी तरह घुलने के बाद इसमें पहले प्याज का पेस्ट, फिर टमाटर का पेस्ट और आखिर में अदरक-लहसुन-हरी मिर्च का पेस्ट मिलाया जाता है। इन सभी पेस्ट को धीमी आंच पर भूना जाता है और अगर मसाला तले में चिपकने लगे तो थोड़ा गर्म पानी डाल दिया जाता है। इस मिश्रण को करीब 15 से 20 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूना जाता है।\n\nइसके बाद चिकन के टुकड़े इसमें डाले जाते हैं और ग्रेवी कितनी पतली या गाढ़ी रखनी है, उसी हिसाब से पानी मिलाया जाता है। कुकर में करीब 2 से 3 सीटी आने के बाद गैस बंद कर दी जाती है। भाप निकल जाने के बाद ऊपर से ताजा हरा धनिया, थोड़ा पिसा अदरक और हल्का गरम मसाला डाला जाता है, जिसके बाद यह लजीज चिकन ग्रेवी परोसने के लिए तैयार हो जाती है।\n\n50 से 60 किलोमीटर दूर से आते हैं ग्राहक, फोन पर पहले से बुक होता है ऑर्डर\nआकाश के मुताबिक शुद्ध तेल और मसालों के इस्तेमाल के साथ-साथ यहां की साफ-सफाई भी ग्राहकों को खींच लाती है। उनके यहां 50 से 60 किलोमीटर दूर से भी कई ग्राहक पहुंचते हैं। कई बार तो ग्राहक ढाबे पर पहुंचने से पहले ही फोन करके अपना ऑर्डर बुक करा देते हैं, ताकि उनके आने तक चिकन तैयार मिल जाए। आकाश का कहना है कि ग्रेवी बनाने में सिर्फ टमाटर, प्याज, अदरक-लहसुन और हरी मिर्च का ही इस्तेमाल होता है, इसमें किसी तरह की मिलावट नहीं की जाती।\n\nबेसन नहीं, शुद्धता से गाढ़ी होती है ग्रेवी, जानें कीमत\nआकाश बताते हैं कि कई जगहों पर ग्रेवी गाढ़ी करने के लिए बेसन जैसी चीजें मिलाई जाती हैं, लेकिन इससे असली स्वाद बिगड़ जाता है, जो ग्राहकों को पसंद नहीं आता। उनके यहां ऐसा कोई तरीका नहीं अपनाया जाता, यही वजह है कि लोग यहां बड़े चाव से खाना खाते हैं। कीमत की बात करें तो अगर कोई ग्राहक खुद 1 किलो कच्चा चिकन लाकर बनवाता है, तो सिर्फ बनाने का चार्ज 250 रुपये लिया जाता है। वहीं अगर ग्राहक शुरू से अंत तक सबकुछ ढाबे से ही तैयार करवाता है, तो 1 किलो बेहद स्वादिष्ट चिकन महज 490 रुपये में परोसा जाता है।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह कहानी दिखाती है कि छोटे सड़क किनारे के ढाबे भी शुद्ध सामग्री और सही तरीके से बनाए खाने से बड़ा नाम कमा सकते हैं, जो देशभर के छोटे खाने के कारोबारियों के लिए मिसाल बन सकती है।\n• आगरा में: अगर आप आगरा घूमने जा रहे हैं, तो सिकंदरा के नगला चुचाना रोड पर बने इस ढाबे पर सिर्फ 490 रुपये में 1 किलो स्वादिष्ट चिकन का स्वाद लिया जा सकता है, बशर्ते पहले से फोन पर ऑर्डर बुक करा लें।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आगरा के इस मशहूर चिकन ढाबे की लोकेशन क्या है?\nयह ढाबा आगरा के सिकंदरा इलाके में नगला चुचाना रोड पर स्थित है।\n\n2. 1 किलो चिकन की कीमत कितनी है?\nअगर ग्राहक खुद कच्चा चिकन लाकर बनवाता है तो चार्ज 250 रुपये है, और ढाबे से पूरी तरह तैयार चिकन लेने पर 1 किलो की कीमत 490 रुपये है।\n\n3. ग्रेवी में कौन से मसाले और सामग्री इस्तेमाल होते हैं?\nशुद्ध सरसों का तेल, घर के मसाले, खड़े मसाले, टमाटर, प्याज, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है।\n\n4. ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए क्या डाला जाता है?\nग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए बेसन जैसी कोई चीज नहीं डाली जाती, सही मसालों और सही तरीके से पकाने से ही यह गाढ़ी बनती है।\n\n5. लोग कितनी दूर से यहां चिकन खाने आते हैं?\nआसपास के इलाकों के अलावा 50 से 60 किलोमीटर दूर से भी ग्राहक यहां चिकन खाने आते हैं।\n\n6. क्या यहां ऑर्डर पहले से बुक कराया जा सकता है?\nहां, कई ग्राहक पहुंचने से पहले ही फोन पर अपना ऑर्डर बुक करा देते हैं ताकि पहुंचते ही चिकन तैयार मिले।",
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  "category": "खानपान",
  "publishedAt": "2026-07-04",
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    "आगरा चिकन",
    "सिकंदरा ढाबा",
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