सर्दियों की शाम में बचे हुए चावल से तैयार करें गरमा-गरम गार्लिक फ्राइड राइस, जानें बनाने की सरल विधि झारखंड की राजधानी रांची में ठंड बढ़ने के साथ ही खानपान में गर्म तासीर वाली चीजों की मांग बढ़ गई है। दोपहर के बचे चावल और कुटे हुए लहसुन से बनने वाली यह आसान रेसिपी ठंड भगाने के लिए बेहतरीन विकल्प है। झारखंड की राजधानी रांची में मौसम का मिजाज बदलने लगा है और शाम होते ही कड़ाके की ठंड महसूस होने लगी है। ऐसे गिरते तापमान में शरीर को अंदर से गर्माहट देने वाले व्यंजनों की चाहत हर किसी को होती है। अगर आप भी शाम की ठंडक या सर्दी के असर से परेशान हैं, तो घर पर आसानी से लहसुनी फ्राइड राइस बना सकते हैं। इस खास व्यंजन में लहसुन का काफी इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी तासीर बेहद गर्म मानी जाती है। इसका तीखा और चटपटा स्वाद खाते ही शरीर में पसीना ला देता है। इस रेसिपी की सबसे अच्छी खूबी यह है कि इसे दोपहर के बचे हुए चावल की मदद से बेहद कम समय में झटपट तैयार किया जा सकता है। लहसुन और अन्य जरूरी सामग्रियों की तैयारी रांची की रहने वाली दिव्या के अनुसार, इस व्यंजन को पकाना बेहद सरल है और इसके लिए बहुत ज्यादा झंझट करने की आवश्यकता नहीं होती। सबसे पहले 10 से 12 लहसुन की कलियां छीलकर निकाल लें। इन कलियों को मिक्सी में पीसने की गलती बिल्कुल न करें, बल्कि इन्हें ओखली या सिलबट्टे पर अच्छी तरह से कूटें। ध्यान रखें कि लहसुन का महीन पेस्ट नहीं बनाना है, इसे दरदरा ही रखना चाहिए ताकि कुछ टुकड़े खड़े भी दिखें। इसके साथ ही एक मध्यम प्याज, एक टमाटर और 4 से 5 हरी मिर्च को बारीक काट लें या दरदरा कूट लें। पके हुए चावल को पहले ही एक थाली में फैलाकर रख लें। यदि आपके पास दोपहर का बचा हुआ ठंडा चावल है, तो वह इस रेसिपी के लिए सबसे उपयुक्त रहता है क्योंकि वह कड़ाही में चिपकता नहीं है। लोहे की कड़ाही में लगाएं देसी तड़का इस फ्राइड राइस को बनाने के लिए गैस चूल्हे पर लोहे की कड़ाही चढ़ाएं। पारंपरिक तौर पर लोहे की कड़ाही में पकाने से खाने का स्वाद काफी निखर जाता है। कड़ाही में थोड़ा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें। जब तेल से धुआं निकलने लगे, तब उसमें जीरे का छौंक लगाएं। जीरा चटकने के तुरंत बाद कूटा हुआ सारा लहसुन कड़ाही में डाल दें और उसे हल्की आंच पर पकने दें। जब लहसुन की भीनी खुशबू आने लगे, तब इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर और कुटी हुई हरी मिर्च मिला दें। इन सभी सामग्रियों को मध्यम आंच पर तब तक भूनें जब तक कि सब्जियां हल्की नरम न हो जाएं। मसालों का मेल और तेज आंच पर भुनाई सब्जियों के हल्का भुन जाने के बाद कड़ाही में धनिया पाउडर, मिक्स मसाला, हल्दी और अपने स्वादानुसार नमक डालें। इन मसालों को धीमी आंच पर अच्छे से भून लें ताकि उनका कच्चापन निकल जाए। मसाला पूरी तरह तैयार होने के बाद थाली में रखा चावल कड़ाही में डाल दें। करछुल की मदद से चावल और भुने हुए मसालों को आपस में अच्छी तरह मिला लें। स्वाद को और ज्यादा मजेदार बनाने के लिए ऊपर से एक पैकेट मैगी मसाला छिड़क दें। इसके बाद गैस की आंच तेज करें और पूरे मिश्रण को दो से तीन बार तेजी से फ्राई करें। आंच बंद कर कड़ाही को नीचे उतार लें। आपकी गरमा-गरम, तीखी और जायकेदार लहसुन फ्राइड राइस बनकर तैयार है, जिसे इस कड़ाके की सर्दी में पूरे परिवार के साथ परोसा जा सकता है। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू रेसिपी सर्दियों में बिना अतिरिक्त खर्च के बचे हुए भोजन का उपयोग करने और ठंड से राहत पाने का व्यावहारिक उपाय देती है। • किफायती खानपान: दोपहर के बचे हुए बासी चावल को फेंकने के बजाय स्वादिष्ट रात के खाने में बदला जा सकता है। इससे घरेलू बजट में अन्न की बर्बादी रुकती है और पैसे की बचत होती है। • सर्दी में स्वास्थ्य लाभ: इस व्यंजन में 10 से 12 कलियां लहसुन की इस्तेमाल होती हैं जो शरीर को अंदरूनी गर्माहट देती हैं। ठंड के दिनों में जुकाम और कपकपी से परेशान लोगों को इससे तुरंत राहत मिलती है। • समय की बचत: यह रेसिपी सिर्फ 10 से 15 मिनट में साधारण घरेलू मसालों से बनकर तैयार हो जाती है। कामकाजी लोगों और विद्यार्थियों के लिए शाम को झटपट खाना बनाने का यह सबसे आसान तरीका है। • कड़ाही का चयन: लोहे की कड़ाही में इसे पकाने से भोजन का स्वाद प्राकृतिक रूप से बढ़ता है। घर के रसोइयों को बिना किसी महंगे बर्तन के पारंपरिक जायका हासिल करने में मदद मिलती है। ऐसा क्यों हुआ रांची में ठंड के मौसम की शुरुआत होने से खानपान में बदलाव आ रहा है, जिसके चलते लोग गर्म तासीर वाले स्थानीय व्यंजनों की ओर रुख कर रहे हैं। • मौसम में बदलाव: रांची में शाम के वक्त तापमान काफी गिर रहा है जिससे लोगों को ठिठुरन महसूस हो रही है। ऐसे मौसम में शरीर को तापमान के अनुकूल रखने के लिए गर्म भोजन की जरूरत बढ़ जाती है। • लहसुन की तासीर: लहसुन की तासीर प्राकृतिक रूप से गर्म मानी जाती है जो शरीर में पसीना लाकर ठंड का अहसास मिटाती है। यही कारण है कि स्थानीय स्तर पर सर्दियों में लहसुन से भरपूर पकवानों को प्राथमिकता दी जा रही है। • बचे भोजन का सही उपयोग: दोपहर के बने ठंडे चावल रात में खाना मुश्किल होता है, खासकर सर्दियों के दिनों में। इसे मसालों और सरसों के तेल में तेज आंच पर भूनने से यह नया और स्वादिष्ट व्यंजन बन जाता है। सवाल-जवाब 1. लहसुन फ्राइड राइस बनाने के लिए कौन सा चावल सबसे अच्छा रहता है? इस रेसिपी के लिए दोपहर का बचा हुआ ठंडा चावल सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि वह भूनते समय चिपकता नहीं है। 2. लहसुन को मिक्सी में पीसने के बजाय ओखली में क्यों कूटा जाता है? लहसुन को ओखली में कूटने से वह दरदरा रहता है और उसके टुकड़े तलते समय बेहतरीन स्वाद और खुशबू छोड़ते हैं। 3. इस फ्राइड राइस को लोहे की कड़ाही में बनाने की सलाह क्यों दी गई है? लोहे की कड़ाही में तेज आंच पर भूनने से भोजन में एक खास देसी स्वाद और सोंधापन आ जाता है। 4. इस रेसिपी में स्वाद बढ़ाने के लिए अंत में क्या मिलाया जाता है? चावल को मसालों के साथ मिलाने के बाद ऊपर से एक पैकेट मैगी मसाला डालकर तेज आंच पर फ्राई किया जाता है। https://trendkia.com/food/sardiyon-ki-shama-men-bache-hue-chavala-se-taiyara-karen-garama-garama-garlic-fried-rice-janen-banane-ki-sarala-vidhi-51604 TrendKia — Har trend, sabse pehle.