सतना की यह अनोखी करी पत्ता सब्जी है बेहद खास, जानिए बनाने का आसान तरीका मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में मीठी नीम यानी करी पत्ते से एक लजीज और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी बनाई जाती है, जो अपने अनोखे स्वाद और औषधीय गुणों के लिए जानी जाती है। भारतीय रसोइयों में व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए तड़के में करी पत्तों का इस्तेमाल आम बात है। कढ़ी, सांभर या पोहे में गर्म तेल के साथ चटकने वाले इन पत्तों की खुशबू भूख जगाने के लिए काफी होती है। आमतौर पर इन्हें केवल छौंक या गार्निशिंग तक सीमित समझा जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन्हीं पत्तियों से एक पूरी सब्जी तैयार की जा सकती है। मध्य प्रदेश के बघेलखंड इलाके से जुड़ा यह पारंपरिक जायका अपने अनोखेपन के कारण किसी शानदार सौगात से कम नहीं है, जिसे देसी व्यंजनों के शौकीन बेहद पसंद करते हैं। देश के हर कोने की अपनी अलग पाक शैली है और बघेलखंड का खानपान पूरे देश में अपनी ठेठ खासियत के लिए पहचाना जाता है। इस क्षेत्र में मीठी नीम की सब्जी का एक विशेष स्थान है। स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी ने बातचीत के दौरान बताया कि इस डिश को यूं तो सालभर कभी भी तैयार किया जा सकता है, लेकिन बारिश के मौसम में इसका आनंद ही अलग होता है। वर्षा ऋतु के दौरान जब मीठी नीम की ताजी पत्तियां हरी-भरी हो जाती हैं, तब बघेलखंड के अधिकांश घरों में यह खास व्यंजन जरूर पकाया जाता है। भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच अक्सर लोगों को ऐसी रेसिपी की तलाश रहती है जो झटपट तैयार हो जाए और स्वाद में भी बेहतरीन हो। इस कसौटी पर यह पारंपरिक व्यंजन बिल्कुल खरा उतरता है। इसे बनाने की विधि बेहद सरल है और इसके लिए किसी महंगे या जटिल मसाले की आवश्यकता नहीं होती। सबसे पहले ताजी मीठी नीम की पत्तियों को डंठल से अलग कर लिया जाता है। इसके बाद इन्हें स्वच्छ पानी से भली-भांति धोया जाता है ताकि सारी धूल-मिट्टी निकल जाए। अंत में इन हरी पत्तियों को चाकू की सहायता से बारीक टुकड़ों में काट लिया जाता है, जिससे सब्जी का सही गठन तैयार होता है। मसालों का अनूठा मेल और पकाने की विधि पत्तियों को काटने के बाद इन्हें पकाने की प्रक्रिया शुरू होती है। एक कड़ाही में थोड़ा सा तेल गर्म करके उसमें लहसुन की कलियां, कटी हुई हरी मिर्च, साबुत मेथी दाना और धनिया डालकर भूना जाता है। जब मसालों से सौंधी महक आने लगे, तब इसमें बारीक कटी हुई मीठी नीम की पत्तियां मिला दी जाती हैं। इसके बाद इसे अच्छी तरह चलाकर धीमी आंच पर दो से तीन मिनट के लिए ढक दिया जाता है ताकि भाप में पत्तियां नरम हो जाएं। इस गरमागरम सब्जी को पराठों, रोटियों या दाल-चावल के साथ परोसा जाता है। अपनी बेहतरीन महक और अनूठे स्वाद के अलावा यह व्यंजन सेहत के लिहाज से भी काफी फायदेमंद माना जाता है। करी पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विभिन्न प्रकार के विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसका सेवन पाचन क्रिया को दुरुस्त रखता है और पेट से जुड़ी परेशानियों में राहत देता है। इसके अलावा, बालों की सेहत के लिए भी इसे प्राकृतिक औषधि माना गया है जो बालों का झड़ना रोकने और उनकी चमक बनाए रखने में मददगार होती है। इसका आप पर असर मध्य प्रदेश में: बघेलखंड और आसपास के स्थानीय लोग इस पारंपरिक विधि से बरसात के मौसम में ताजी पत्तियों का उपयोग करके सेहतमंद और झटपट बनने वाली इस सब्जी का आनंद ले सकते हैं। भारत में: आम पाठक अपने घर में आसानी से उपलब्ध करी पत्तों से इस अनूठी और पौष्टिक रेसिपी को ट्राई कर सकते हैं, जिससे पाचन और बालों की सेहत को भी फायदा मिलता है। सवाल-जवाब 1. मीठी नीम की सब्जी मुख्य रूप से किस क्षेत्र में बनाई जाती है? यह पारंपरिक सब्जी मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र में मुख्य रूप से बनाई जाती है। 2. इस रेसिपी को बनाने के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा माना जाता है? यह सब्जी सालभर बनाई जा सकती है, लेकिन बरसात के मौसम में जब ताजी पत्तियां खिलती हैं तब इसे खासतौर पर पकाया जाता है। 3. मीठी नीम की सब्जी खाने के क्या स्वास्थ्य लाभ हैं? इसमें आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स होते हैं जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं और बालों के झड़ने को कम करने में मदद करते हैं। 4. इस सब्जी को किन चीजों के साथ खाया जा सकता है? इस गरमागरम सब्जी को पराठे, ताजी रोटियों या सादे दाल-चावल के साथ खाया जा सकता है। https://trendkia.com/food/satna-s-unique-curry-leaf-sabzi-is-a-traditional-delicacy-know-how-to-make-it-20459 TrendKia — Har trend, sabse pehle.