सावन के त्योहार पर बरेली के अजंता स्वीट्स में शुद्ध देसी घी के पारंपरिक और आधुनिक स्वाद वाले घेवर की भारी मांग सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही बरेली के प्रसिद्ध अजंता स्वीट्स में पारंपरिक मलाई और रसमलाई घेवर से लेकर नए जमाने के चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी घेवर की मांग तेजी से बढ़ गई है। वर्ष 1986 से शुद्ध देसी घी की मिठाइयों के लिए विख्यात यह प्रतिष्ठान तीज और रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में विशेष पकवान तैयार कर रहा है। सावन का पावन महीना आते ही बाजारों की रौनक देखते ही बनती है और मिष्ठान भंडारों में त्योहारी मिठाइयों की खरीदारी तेज हो चुकी है। इस उत्तर भारतीय मानसूनी मौसम में घेवर का अपना एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। उत्तर प्रदेश के बरेली मंडल में शुद्ध देसी घी की मिठाइयों के लिए अलग पहचान रखने वाले अजंता स्वीट्स में इस वर्ष पारंपरिक घेवर के साथ-साथ आधुनिक फ्लेवर की विस्तृत श्रृंखला उतारी गई है। सावन, हरियाली तीज और रक्षाबंधन जैसे मुख्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए यहां कारीगर दिन-रात मिठाइयां तैयार करने में जुटे हैं। पारंपरिक स्वाद के साथ आधुनिक फ्लेवर का नया संगम सावन और घेवर का संबंध सदियों पुराना माना जाता है। इस बार अजंता स्वीट्स पर पारंपरिक चाशनी वाले स्पेशल घेवर, मलाई घेवर, रसमलाई घेवर, केसरिया घेवर और मैंगो घेवर की जबरदस्त मांग देखी जा रही है। इसके साथ ही युवा पीढ़ी और बच्चों के बदलते स्वाद को ध्यान में रखते हुए प्रतिष्ठान ने इस साल विशेष रूप से स्ट्रॉबेरी घेवर और चॉकलेट घेवर जैसे नए विकल्प भी प्रस्तुत किए हैं। दुकान के संचालकों के अनुसार, ग्राहकों की पसंद समय के साथ बदल रही है और नए प्रयोगों को लोग काफी पसंद कर रहे हैं। चार दशकों से गुणवत्ता और शुद्ध देसी घी की परंपरा अजंता स्वीट्स की नींव वर्ष 1986 में श्री राम अवतार आहूजा और अमित आहूजा द्वारा रखी गई थी। बीते लगभग चार दशकों से यह प्रतिष्ठान पूरे बरेली मंडल में अपनी गुणवत्ता और शुद्ध देसी घी से निर्मित मिठाइयों के लिए जाना जाता है। प्रतिष्ठान के मालिक अमित आहूजा का कहना है कि सावन का पर्व घेवर के बिना अधूरा माना जाता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों की मांग और उनकी बदलती प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर हर बार नई किस्में तैयार की जाती हैं ताकि लोगों को हर त्योहार पर एक नया और गुणवत्तापूर्ण स्वाद मिल सके। सावन में फेनी, छेना खीर और शाही मिठाइयों की भी भारी मांग सावन के इस विशेष अवसर पर केवल घेवर ही नहीं, बल्कि अन्य पारंपरिक मिठाइयां भी ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई हैं। अजंता स्वीट्स में घेवर के अलावा निम्नलिखित विशेष पकवान भी तैयार किए गए हैं • केसरिया फेनी और मीठी फेनी: सावन के व्रत और सुबह के फलाहार में फेनी का विशेष महत्व होता है। • छेना खीर और केसर मोदक: दूध और छेना से बनी यह मिठाइयां स्वाद में बेहद खास हैं। • काजू केसर बाइट और शाही गुलाब जामुन: त्योहारों के उपहार देने के लिए ये प्रीमियम विकल्प उपलब्ध हैं। • शुद्ध देसी घी के लड्डू: पारंपरिक मिठास के शौकीनों के लिए विशेष रूप से बनाए गए हैं। त्योहारों के इस पूरे सीजन में ग्राहकों को ताजी और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराने के लिए प्रतिष्ठान में व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसका आप पर असर भारत में: सावन के दौरान शुद्ध देसी घी की पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ने से स्थानीय कृषि और डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन मिलता है। बरेली में: त्योहारों के दौरान अजंता स्वीट्स जैसे पुराने प्रतिष्ठानों में नए और पारंपरिक फ्लेवर उपलब्ध होने से स्थानीय खरीदारों को गुणवत्तापूर्ण विकल्प मिलते हैं। सवाल-जवाब 1. अजंता स्वीट्स की स्थापना कब हुई थी और इसके संस्थापक कौन हैं? अजंता स्वीट्स की स्थापना वर्ष 1986 में श्री राम अवतार आहूजा और अमित आहूजा द्वारा की गई थी। 2. सावन के मौके पर अजंता स्वीट्स में घेवर के कौन-कौन से फ्लेवर उपलब्ध हैं? यहां मलाई घेवर, रसमलाई घेवर, केसरिया घेवर, मैंगो घेवर, स्पेशल चाशनी घेवर के साथ-साथ स्ट्रॉबेरी और चॉकलेट घेवर उपलब्ध हैं। 3. घेवर के अलावा सावन में कौन सी अन्य मिठाइयां लोकप्रिय हैं? घेवर के अलावा केसरिया फेनी, मीठी फेनी, छेना खीर, केसर मोदक, काजू केसर बाइट, शाही गुलाब जामुन और देसी घी के लड्डू लोकप्रिय हैं। 4. अजंता स्वीट्स की मिठाइयों की मुख्य खासियत क्या है? अजंता स्वीट्स पिछले चार दशकों से अपनी मिठाइयों के उत्कृष्ट स्वाद और शुद्ध देसी घी के उपयोग के लिए प्रसिद्ध है। प्रेरणा और सबक अजंता स्वीट्स की चार दशकों की यात्रा से मिलने वाली मुख्य सीखें: • गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं: 1986 से केवल शुद्ध देसी घी का उपयोग कर ग्राहकों का भरोसा बनाए रखा। • बदलते दौर के साथ नवाचार: पारंपरिक स्वाद के साथ चॉकलेट और स्ट्रॉबेरी जैसे आधुनिक फ्लेवर अपनाना। • ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण: हर त्योहार पर उपभोक्ता की मांग के अनुसार नए उत्पाद तैयार करना। https://trendkia.com/food/savana-ke-tyohara-para-bareilly-ke-ajanta-sweets-men-shuddha-desi-ghi-ke-parnparika-aura-adhunika-svada-vale-ghevara-ki-bhari-mang-12044 TrendKia — Har trend, sabse pehle.