सावन उपवास में साबूदाना छोड़ बनाएं मसालेदार थेचा सामक खिचड़ी, जानें आसान रेसिपी सावन के उपवास में साबूदाना खिचड़ी खाकर बोर हो चुके हैं तो सामक चावल और हरी मिर्च-मूंगफली के थेचा से बनी यह तीखी खिचड़ी आजमाएं। यह हल्का सात्विक भोजन 12 मिनट में तैयार हो जाता है। सावन के पावन महीने की शुरुआत के साथ ही ज्यादातर भारतीय घरों में व्रत, उपवास, पूजा-पाठ और सात्विक आहार की परंपरा तेज हो जाती है। उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जावान बनाए रखना और पाचन तंत्र को सुचारू रखना बेहद जरूरी होता है। अक्सर लोग हर व्रत में एक ही तरह का साबूदाना खिचड़ी, उबले आलू या कुट्टू के पकौड़े खाकर बोर हो जाते हैं। अगर आप भी इस बार अपने उपवास की थाली में कुछ नया, तीखा और जायकेदार शामिल करना चाहते हैं, तो सामक चावल से बनी थेचा सामक खिचड़ी एक शानदार विकल्प है। यह पारंपरिक फलाहारी व्यंजन सामक के हल्केपन और महाराष्ट्रियन स्टाइल हरी मिर्च-मूंगफली के चटपटे थेचा का एक अद्भुत मेल प्रस्तुत करता है। सामक चावल के पोषण संबंधी फायदे और व्रत में इसका महत्व सामक चावल, जिसे आहार विशेषज्ञ और भोजनप्रेमी बार्नयार्ड मिलेट के नाम से भी जानते हैं, उपवास के दौरान उपयोग किया जाने वाला एक बेहद पौष्टिक अनाज विकल्प है। यह अनाज वास्तव में एक घास का बीज है, जिस वजह से इसे व्रत और त्यौहारों के दौरान पूरी तरह सात्विक माना जाता है। सामक चावल की सबसे बड़ी खासियत इसका हल्कापन है। यह पेट में बहुत आसानी से पच जाता है और पाचन क्रिया पर किसी प्रकार का भारीपन नहीं डालता। इसके साथ ही इसमें मौजूद जटिल कार्बोहाइड्रेट और फाइबर शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या नहीं होती। सावन, नवरात्र, एकादशी और अन्य प्रमुख उपवासों में सामक चावल को अपने भोजन का हिस्सा बनाना सेहत और स्वाद दोनों लिहाज से बहुत फायदेमंद साबित होता है। थेचा सामक खिचड़ी तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री स्वादिष्ट और खुशबूदार खिचड़ी बनाने के लिए रसोई में मौजूद कुछ बहुत ही सरल और सहज सामग्रियों की आवश्यकता होती है। सही नाप से बनाई गई खिचड़ी का हर एक दाना खिलकर तैयार होता है। सामग्री सूची नीचे दी गई है • सामक चावल: 1 कप (पानी में अच्छी तरह धोकर साफ किया हुआ) • सेंधा नमक: 2 बड़े चम्मच (या अपने स्वादानुसार) • लहसुन: 3 कलियां (ध्यान दें, लहसुन का उपयोग केवल तभी करें यदि आपके परिवार या परंपरा में व्रत के दौरान इसका सेवन मान्य हो) • हरी मिर्च, मूंगफली और ताजा हरा धनिया: थेचा का पेस्ट तैयार करने के लिए • तड़का लगाने के लिए: शुद्ध देसी घी और साबुत जीरा • पानी: खिचड़ी को धीमी आंच पर पकाने के लिए पर्याप्त गर्म पानी स्वादिष्ट और चटपटा थेचा तैयार करने की विधि इस पूरी खिचड़ी की मुख्य जान इसका ताजा तैयार किया गया थेचा है। साधारण खिचड़ी में जहां केवल काली मिर्च या जीरा का प्रयोग होता है, वहीं यह थेचा खिचड़ी के स्वाद को एक नए स्तर पर ले जाता है। थेचा बनाने के लिए हरी मिर्च, भुनी हुई मूंगफली के दाने, ताजा हरा धनिया और यदि व्रत में स्वीकार्य हो तो 3 लहसुन की कलियों को एक साथ लें। इन सभी सामग्रियों को किसी सिलबट्टे, ओखली या मिक्सर ग्राइंडर में बिना पानी डाले दरदरा पीस लें। ध्यान रहे कि थेचा का पेस्ट एकदम महीन नहीं होना चाहिए, बल्कि उसमें मूंगफली और मिर्च का दरदरापन बरकरार रहना चाहिए ताकि खाते समय उसका क्रंच महसूस हो सके। कड़ाही में थेचा सामक खिचड़ी बनाने की पूरी प्रक्रिया खिचड़ी पकाने की विधि बहुत सरल और त्वरित है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही या पैन को गैस पर रखें और उसमें शुद्ध देसी घी डालकर मध्यम आंच पर गर्म करें। जब घी अच्छी तरह पिघल जाए और गर्म हो जाए, तब उसमें साबुत जीरा डालें। जीरे के चटकते ही इसमें पहले से तैयार किया गया एक बड़ा चम्मच थेचा डालें। थेचा को घी में महज कुछ सेकंड के लिए भूनें ताकि हरी मिर्च और मूंगफली की सोंधी खुशबू पूरे घी में समा जाए। इसके बाद, धोकर साफ किए हुए सामक चावल को कड़ाही में डालें। चावल को धीमी से मध्यम आंच पर लगभग दो मिनट तक हल्के हाथों से चलाते हुए भूनें। घी और थेचा के साथ चावल को भूनने से खिचड़ी का स्वाद अत्यधिक निखर कर आता है और पकाने के बाद दाने आपस में चिपकते नहीं हैं। दो मिनट भूनने के बाद कड़ाही में आवश्यकतानुसार गर्म पानी और 2 बड़े चम्मच सेंधा नमक डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें और कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। धीमी आंच पर पकाना और परोसने का सही तरीका गैस की आंच को एकदम धीमा कर दें और खिचड़ी को 10 से 12 मिनट तक ढककर पकने दें। इस दौरान सामक चावल पानी को पूरी तरह सोख लेगा और बिल्कुल मुलायम होकर पक जाएगा। जब पानी पूरी तरह सूख जाए और चावल के दाने नरम हो जाएं, तब गैस को बंद कर दें। ढक्कन हटाकर एक कांटे यानी फॉर्क की मदद से खिचड़ी को हल्के हाथों से ऊपर-नीचे करते हुए फुलाएं। इससे खिचड़ी के दाने अलग-अलग और खिले-खिले हो जाते हैं। परसोते समय खिचड़ी के ऊपर से थोड़ा सा ताजा बचा हुआ थेचा और एक छोटा चम्मच शुद्ध देसी घी डालें। गर्म-गर्म खिचड़ी की खुशबू और ऊपर से डाला गया घी इसके स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है। स्वाद में बदलाव के टिप्स और परोसने के बेहतरीन कॉम्बिनेशन हर व्यक्ति के तीखा खाने की क्षमता अलग होती है। यदि आप हल्का और कम तीखा खाना पसंद करते हैं, तो थेचा बनाते समय हरी मिर्च की मात्रा कम रख सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि आपको चटपटा और तेज मसालेदार खाना पसंद है, तो आप खिचड़ी में थेचा की मात्रा अपनी पसंद अनुसार बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, खिचड़ी में घी का इस्तेमाल उदारतापूर्वक करें, क्योंकि देसी घी न सिर्फ मिर्च के तीखेपन को संतुलित करता है बल्कि खिचड़ी को एक समृद्ध सुगंध और स्वाद भी प्रदान करता है। जो लोग व्रत में लहसुन का सेवन नहीं करते, वे बिना लहसुन के भी केवल हरी मिर्च, मूंगफली और धनिया पत्ती से बहुत ही बेहतरीन थेचा बना सकते हैं। यह थेचा सामक खिचड़ी अपने आप में एक संपूर्ण भोजन है, लेकिन इसे और अधिक मजेदार बनाने के लिए ताजे ठंडे दही, भुने जीरे वाले मूंगफली के रायते या व्रत वाली रसेदार आलू की सब्जी के साथ परोसा जा सकता है। दही या रायते का ठंडा स्वाद तीखे थेचा के साथ मिलकर एक जबरदस्त स्वाद संतुलन बनाता है। सावन और सुहाने मौसम में आरामदायक सात्विक भोजन सावन का महीना अपने साथ मानसून की ठंडी फुहारें और सुहाना मौसम लेकर आता है। ऐसे बदलते मौसम में गर्मागर्म, घी से लथपथ और तीखी खिचड़ी का सेवन शरीर को अंदर से गर्मी और राहत प्रदान करता है। यह रेसिपी न सिर्फ पौष्टिक है बल्कि बहुत तेजी से बनने वाली भी है। व्यस्त दिनचर्या में जब लंबे समय तक रसोई में खड़े रहने का समय न हो, तब केवल 10 से 12 मिनट में बनने वाली यह डिश बिना किसी अतिरिक्त झंझट के तैयार हो जाती है। इस सावन यदि आप अपने पारंपरिक व्रत के खाने में एक स्वादिष्ट बदलाव लाना चाहते हैं, तो थेचा सामक खिचड़ी को अपनी रसोई में जरूर आजमाएं। इसका आप पर असर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए: सावन और नवरात्र के उपवास के दौरान यह डिश शरीर को हल्का रखते हुए लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करती है और पारंपरिक साबूदाने का एक बेहतरीन विकल्प पेश करती है। घरेलू रसोइयों के लिए: केवल 10 से 12 मिनट में तैयार होने वाली यह झटपट रेसिपी रोजाना की व्रत की कुकिंग को आसान और ज्यादा स्वादिष्ट बनाती है। सवाल-जवाब 1. क्या व्रत में लहसुन का इस्तेमाल किया जा सकता है? यदि आपके परिवार में व्रत के दौरान लहसुन का सेवन मान्य है तो 3 कलियां शामिल कर सकते हैं, अन्यथा इसे पूरी तरह छोड़ दें। 2. सामक खिचड़ी को धीमी आंच पर पकने में कितना समय लगता है? सामक चावल को कड़ाही में ढककर धीमी आंच पर पूरी तरह पकने में लगभग 10 से 12 मिनट का समय लगता है। 3. क्या थेचा के तीखेपन को अपनी पसंद अनुसार बदला जा सकता है? हां, कम तीखे स्वाद के लिए हरी मिर्च की मात्रा घटाएं और ज्यादा मसालेदार स्वाद के लिए थेचा की मात्रा बढ़ाएं। 4. थेचा सामक खिचड़ी को किन चीजों के साथ परोसा जा सकता है? इसे ताजे ठंडे दही, मूंगफली के रायते या व्रत वाली आलू की रसेदार सब्जी के साथ परोसा जा सकता है। 5. सामक चावल को अंग्रेजी में क्या कहा जाता है? सामक चावल को अंग्रेजी में बार्नयार्ड मिलेट (Barnyard Millet) के नाम से जाना जाता है। https://trendkia.com/food/sawan-upavasa-men-sabudana-chhora-banaen-masaledara-thecha-samaka-khichari-janen-asana-resipi-11629 TrendKia — Har trend, sabse pehle.