# शाहजहांपुर के अग्रसेन चौक पर बना 'मक्खन छेना', मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाने वाली इस मिठाई का स्वाद चखने दूर-दूर से आते हैं लोग

> शाहजहांपुर के अग्रसेन चौक पर शुभ दिया स्वीट्स के गोविंद गुप्ता की खुद की ईजाद की हुई 'मक्खन छेना' मिठाई की रोजाना 200 से 250 प्लेट बिकती हैं, जिसकी एक प्लेट की कीमत महज 50 रुपए है।

**Category:** खानपान · **Published:** 2026-06-13 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/shahajahanpura-ke-agrasena-chauka-para-bana-makkhana-chhena-mitti-ke-kulhara-men-446

## क्रांतिकारियों के शहर की नई मीठी पहचान
शाहजहांपुर का नाम अब तक लोगों के जेहन में ऐतिहासिक इमारतों और आज़ादी के क्रांतिकारियों के साथ जुड़ता रहा है। लेकिन अब इस शहर की एक नई पहचान इसके स्वाद से बन रही है। अग्रसेन चौक पर बिकने वाली एक खास मिठाई — मक्खन छेना — इन दिनों पूरे शहर की जुबान पर है। जिसने भी इसे एक बार चख लिया, वह इसके अनोखे जायके का कायल हुए बिना नहीं रह पाया।

## एक दुकानदार की अपनी ईजाद की रेसिपी
इस लाजवाब मिठाई को तैयार करने का श्रेय जाता है शुभ दिया स्वीट्स के मालिक गोविंद गुप्ता को। खास बात यह है कि यह कोई पीढ़ियों पुरानी परंपरागत मिठाई नहीं है, बल्कि गोविंद गुप्ता ने इसे खुद ईजाद किया है। वे इसे अपने ही एक अलग और पारंपरिक अंदाज़ में बनाते हैं, और यही तरीका इसे बाकी मिठाइयों से जुदा बनाता है।

गोविंद गुप्ता पिछले 6 वर्षों से इस मक्खन छेना को बना और बेच रहे हैं। इतने सालों में उन्होंने अपने स्वाद की गुणवत्ता को जस का तस बनाए रखा, और शायद यही वजह है कि आज यह मिठाई ग्राहकों की पहली पसंद बन चुकी है। शुरुआत के दिनों से लेकर अब तक इसके चाहने वालों की तादाद लगातार बढ़ती ही चली जा रही है।

## कैसे बनती है यह मिठाई
इसके बनने का तरीका भी उतना ही दिलचस्प है जितना इसका स्वाद। सबसे पहले शुद्ध दूध को धीमी आंच पर देर तक पकाया जाता है। इसके बाद इसी दूध से छेना तैयार किया जाता है, जिसे फिर एक खास मक्खन वाले दूध में डाल दिया जाता है। उसी दूध में स्वाद के मुताबिक चीनी और ताज़ा मक्खन मिलाया जाता है, और कुछ घंटों के इंतज़ार के बाद यह मिठाई परोसने के लिए तैयार हो जाती है।

## मिट्टी की खुशबू और Rooh Afza का तड़का
स्वाद के साथ-साथ इसे परोसने का अंदाज़ भी पूरी तरह देसी है। शुभ दिया स्वीट्स पर ग्राहकों को यह मक्खन छेना मिट्टी के कुल्हड़ या प्लेट में दिया जाता है। मिट्टी की वह भीनी-भीनी महक मिठाई के स्वाद को और गहरा कर देती है — एक ऐसा अनुभव जो आज के दौर में बहुत कम जगह देखने को मिलता है।

प्लेट में छेना निकालने के बाद उसके ऊपर गाढ़ा दूध और थोड़ा अतिरिक्त मक्खन डाला जाता है। आखिर में इसे ताज़गी भरा और और भी शानदार बनाने के लिए ऊपर से Rooh Afza डाला जाता है, जो इसे एकदम अलग रंग और लुक दे देता है। और इस सबकी कीमत? सिर्फ 50 रुपए प्रति प्लेट।

## शाहजहांपुर से बाहर तक फैली दीवानगी
इस मिठाई की लोकप्रियता अब सिर्फ शाहजहांपुर तक सीमित नहीं रही। गोविंद गुप्ता बताते हैं कि आसपास के कई जिलों से लोग खासतौर पर इस मक्खन छेना का स्वाद लेने के लिए अग्रसेन चौक तक पहुंचते हैं। कई ग्राहक तो इसे अपने परिवार और रिश्तेदारों के लिए पैक करवाकर साथ ले जाते हैं।

दुकान पर रोज़ाना 200 से 250 प्लेट मक्खन छेना आसानी से बिक जाती है। खास बात यह कि पैकिंग के लिए ग्राहकों से कोई अलग से चार्ज नहीं लिया जाता। गोविंद गुप्ता का कहना है कि वे स्वाद के साथ-साथ पैकिंग के दौरान साफ-सफाई और शुद्धता का सबसे कड़ा ध्यान रखते हैं।

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