# भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर बनाएं खास धनिया पंजीरी, जानिए आसान विधि और सामग्री

> श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा में धनिया पंजीरी के भोग का विशेष महत्व माना जाता है। इसे बिना आटा भुने कुछ ही मिनटों में ड्राई फ्रूट्स और पिसी धनिया से आसानी से तैयार किया जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/shri-krishna-ke-janmotsava-para-banaen-khasa-dhaniya-pnjiri-janie-asana-vidhi-aura-samagri-26795 · **Language:** Hindi
**Tags:** जन्माष्टमी 2026, धनिया पंजीरी रेसिपी, श्रीकृष्ण भोग, माखन मिश्री, मथुरा वृंदावन, व्रत का खाना, प्रसाद रेसिपी

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पावन पर्व देशभर के साथ-साथ विदेशों में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मथुरा, वृंदावन और द्वारिका जैसे धार्मिक स्थलों पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां महीनों पहले से आरंभ हो जाती हैं। भक्तजन पूरे दिन उपवास रखकर मध्यरात्रि में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अपना व्रत खोलते हैं। इस पावन अवसर पर कान्हा को माखन मिश्री, पेड़ा, दही और पंजीरी जैसे उनके पसंदीदा पकवानों का भोग अर्पित किया जाता है। पूजा के विधान में धनिया पंजीरी का भोग चढ़ाना विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। सामान्य आटे की पंजीरी के मुकाबले धनिया पंजीरी स्वाद और सेहत दोनों के लिहाज से एक बेहतरीन विकल्प है।

## धनिया पंजीरी तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
स्वादिष्ट और पौष्टिक धनिया पंजीरी बनाने के लिए आपको रसोई में आसानी से उपलब्ध सामग्री की आवश्यकता होगी। नीचे दी गई मात्रा के अनुसार सामग्री एकत्र कर लें

- **धनिया पाउडर:** 2 कप
- **देसी घी:** ¼ कप (और 1 चम्मच भूनने के लिए)
- **काजू:** 10 से 12 (बारीक कटे हुए)
- **बादाम:** 10 से 12 (बारीक टुकड़ों में कटे हुए)
- **मखाना:** 1 कप
- **पिसी हुई शक्कर:** ½ कप
- **इलायची पाउडर:** ½ टीस्पून

## पंजीरी बनाने की आसान चरणबद्ध विधि
धनिया पंजीरी तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसमें गेहूं का आटा भूनने का झंझट भी नहीं होता। इसे बनाने के लिए इन चरणों का पालन करें

**पहला चरण:** सबसे पहले साबुत धनिया लें और उसे धीमी या मध्यम आंच पर बिना घी के सूखा भून लें। जब धनिया से हल्की खुशबू आने लगे तो आंच बंद कर दें। इसके साथ ही काजू, बादाम और मखाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर रख लें।

**दूसरा चरण:** एक कड़ाही या पैन में 1 चम्मच देसी घी गर्म करें। इसमें कटे हुए काजू, बादाम और मखाने डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें। भुने हुए साबुत धनिया को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें।

**तीसरा चरण:** अब एक बड़े कटोरे में पिसा हुआ दरदरा धनिया निकालें। इसमें भुने हुए मेवे और पिसी हुई शक्कर मिलाएं। इसके बाद इलायची पाउडर और बचा हुआ सारा देसी घी डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह आपस में मिला लें।

**चौथा चरण:** आपकी टेस्टी और सुगंधित धनिया पंजीरी बनकर पूरी तरह तैयार है। इसे भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को भोग के रूप में अर्पित करें और पूजा संपन्न होने के पश्चात परिवारजनों में प्रसाद के रूप में वितरित करें।

## स्वाद में बदलाव और सेहत से जुड़े फायदे
यदि आपको केवल धनिया का स्वाद थोड़ा तीखा या अलग लगता है, तो आप अपनी पसंद के अनुसार इसमें थोड़ा सा भुना हुआ गेहूं का आटा भी मिला सकते हैं। इससे पंजीरी का स्वाद और अधिक सौम्य हो जाता है। धनिया पंजीरी न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से शुभ मानी जाती है, बल्कि यह सेहत के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। धनिया पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और उपवास के दौरान शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में मदद करता है।

## इसका आप पर असर
जन्माष्टमी व्रत के दौरान धनिया पंजीरी का सेवन श्रद्धालुओं को तुरंत ऊर्जा देने के साथ पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

- **त्वरित तैयारी:** यह रेसिपी बिना आटा भुने बेहद कम समय में बन जाती है। इससे पूजा की व्यस्तता के दौरान रसोई में समय की भारी बचत होती है।
- **पाचन में राहत:** धनिया पेट को ठंडा रखने और गैस की समस्या दूर करने में असरदार है। दिनभर उपवास के बाद इसका सेवन पाचन तंत्र पर दबाव नहीं डालता।
- **समान गुणवत्ता:** घर पर बनी यह पंजीरी पूरी तरह शुद्ध और रसायन मुक्त होती है। इससे बाजार के मिलावटी प्रसादों से बचाव संभव होता है।
- **पोषक तत्वों से भरपूर:** ड्राई फ्रूट्स और मखाने की मौजूदगी शरीर को आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रदान करती है। यह उपवास खोलने के बाद की थकान को तुरंत दूर करती है।

## सवाल-जवाब

### 1. धनिया पंजीरी बनाने के लिए कौन-कौन सी मुख्य सामग्री की आवश्यकता होती है?
इसके लिए 2 कप धनिया पाउडर, ¼ कप देसी घी, ½ कप पिसी शक्कर, ½ टीस्पून इलायची पाउडर, 1 कप मखाना और 10-12 कटे हुए काजू-बादाम की आवश्यकता होती है।

### 2. क्या इस पंजीरी में गेहूं का आटा मिलाया जा सकता है?
हाँ, यदि आप सिर्फ धनिया का स्वाद पसंद नहीं करते हैं तो इसमें भुना हुआ गेहूं का आटा मिलाकर स्वाद को संतुलित कर सकते हैं।

### 3. जन्माष्टमी व्रत में धनिया पंजीरी का क्या महत्व है?
जन्माष्टमी के व्रत में अन्न वर्जित होने के कारण धनिया की पंजीरी भगवान कृष्ण को अर्पित की जाती है, जो स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है।

### 4. धनिया पंजीरी बनाने में कितना समय लगता है और क्या आटा भूनना पड़ता है?
यह पंजीरी कुछ ही मिनटों में बन जाती है और इसके लिए आटा भूनने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है।

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