स्कूल टिफिन के लिए 10 मिनट में बनाएं पौष्टिक सूजी-बेसन चीला, जानें आसान विधि सुबह बच्चों के लंच बॉक्स की चिंता दूर करने के लिए सूजी, बेसन और ताजी सब्जियों से तैयार चीला एक बेहतरीन, स्वादिष्ट और सेहतमंद विकल्प है। सुबह के समय बच्चों को स्कूल भेजने की हड़बड़ी के बीच माता-पिता के सामने सबसे बड़ी चुनौती उनके लंच बॉक्स की होती है। हर कोई चाहता है कि नाश्ता झटपट तैयार हो जाए, खाने में बच्चों को स्वादिष्ट लगे और साथ ही सेहत के लिहाज से पूरी तरह पौष्टिक भी हो। रांची की फूड एक्सपर्ट ज्योति इस उलझन को सुलझाने के लिए सूजी और बेसन से तैयार वेज चीला बनाने का सुझाव देती हैं। यह व्यंजन न केवल पोषक तत्वों से भरपूर है, बल्कि बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं। झटपट तैयारी और सामग्री का सही अनुपात फूड एक्सपर्ट ज्योति के अनुसार, यह नाश्ता महज 10 मिनट के भीतर बनकर तैयार हो जाता है, जिससे सुबह का कीमती वक्त बचता है। इसका बेस तैयार करने का तरीका बेहद सीधा और आसान है। सबसे पहले एक बर्तन या कटोरी में दो चम्मच सूजी निकाल लें। इसके बाद इसमें एक चम्मच बेसन मिलाना चाहिए। बेसन मिलाने से चीले के घोल को बेहतरीन बाइंडिंग मिलती है, जिससे वह तवे पर टूटता नहीं है और इसका स्वाद भी काफी निखर कर आता है। दोनों सूखी सामग्रियों को पहले एक साथ निकाल कर रख लेना चाहिए। रंग-बिरंगी सब्जियों का मेल घोल का बेस तैयार करने के बाद इसमें अपनी पसंद की ढेर सारी मौसमी और रंग-बिरंगी सब्जियां मिलाई जा सकती हैं। जितनी ज्यादा सब्जियां इसमें शामिल की जाएंगी, यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए उतना ही गुणकारी साबित होगा। बारीक कटी हुई बीन्स, कद्दूकस किया हुआ गाजर, बारीक कटा प्याज और टमाटर इसमें डाले जा सकते हैं। अगर बच्चे थोड़ा चटपटा पसंद करते हैं तो इसमें थोड़ी सी हरी मिर्च भी काटी जा सकती है। हरी मिर्च बच्चों के स्वाद पर निर्भर करती है, इसलिए तीखा पसंद न होने पर इसे पूरी तरह हटाया भी जा सकता है। मसाले, घोल और पकाने का सही तरीका सब्जियों को मिलाने के बाद मिश्रण में स्वादानुसार नमक और थोड़ा सा पिसा हुआ काला मिर्च पाउडर डालना चाहिए। यदि बच्चे तीखा नहीं खाते हैं तो काली मिर्च और हरी मिर्च को छोड़ देना बेहतर रहता है। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी मिलाते हुए एक गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है। ध्यान रखना जरूरी है कि चीले का घोल पतला न हो, बल्कि पूरी तरह गाढ़ा रहे ताकि तवे पर सब्जियां अच्छे से सेट हो सकें। इसके बाद तवे पर हल्का सा तेल लगाकर घोल फैलाएं और धीमी आंच पर ढक कर पकने दें। दोनों तरफ पलटकर अच्छी तरह सेकने में 5 मिनट से अधिक का समय नहीं लगता है। परोसने के तरीके और विकल्प सुनहरा और कुरकुरा सिकने के बाद यह चीला खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाता है। इसे सुबह के पारिवारिक ब्रेकफास्ट में शामिल किया जा सकता है या फिर छोटे-छोटे आकार के चीले बनाकर बच्चों के स्कूल लंच बॉक्स में पैक किया जा सकता है। इसे हरी चटनी या सॉस के साथ परोसा जा सकता है, हालांकि सब्जियों के ताजे स्वाद और मसालों के कारण यह बिना किसी चटनी के भी उतना ही स्वादिष्ट लगता है। इसका आप पर असर यह त्वरित नाश्ता सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों के माता-पिता के समय की बचत करने के साथ-साथ संतुलित पोषण सुनिश्चित करता है। • तैयारी का समय: यह पूरी रेसिपी केवल 10 मिनट के अंदर तैयार हो जाती है। कामकाजी अभिभावक बिना किसी अतिरिक्त झंझट के सुबह की जल्दबाजी में इसे आसानी से बना सकते हैं। • बच्चों की सेहत: इसमें गाजर, बीन्स, टमाटर और प्याज जैसी हरी सब्जियां शामिल की जाती हैं। बच्चे जो सब्जियां खाने से कतराते हैं, वे इस चीले के जरिए जरूरी विटामिन्स और फाइबर आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। • बजट और उपलब्धता: सूजी और बेसन हर भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध होने वाली सामग्री हैं। इसके लिए बाजार से किसी महंगे प्रोसेस्ड फूड या रेडी-टू-ईट पैकेट को खरीदने की आवश्यकता नहीं पड़ती। • टिफिन सुविधा: यह चीला ठंडा होने के बाद भी नरम और स्वादिष्ट बना रहता है। स्कूल के लंच बॉक्स में बच्चे इसे बिना किसी बिखराव और बिना झिझक के पूरा खा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ सुबह के समय बच्चों को पौष्टिक भोजन खिलाने और टिफिन तैयार करने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के समाधान के रूप में यह रेसिपी सुझाई गई है। • सुबह के समय की कमी: स्कूल जाने से पहले सुबह का समय माता-पिता के लिए बेहद व्यस्त और तनावपूर्ण होता है। लंबे समय तक पकने वाले पारंपरिक व्यंजनों के मुकाबले 10 मिनट में बनने वाले विकल्पों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। • बच्चों में पोषण की कमी की चिंता: अक्सर बच्चे सादी सब्जियां खाने में आनाकानी करते हैं, जिससे उनके पोषण पर असर पड़ता है। चीले के घोल में बारीक कटी सब्जियां मिलाने से उनका स्वाद बेहतर हो जाता है और बच्चे आसानी से खा लेते हैं। • बेसन और सूजी का रासायनिक संतुलन: केवल सूजी से बना चीला तवे पर टूट सकता है, जबकि बेसन उसे मजबूती और बाइंडिंग देता है। इसी पाक विज्ञान के कारण दोनों सामग्रियों का दो और एक के अनुपात में उपयोग किया गया है। सवाल-जवाब 1. सूजी और बेसन का सही अनुपात क्या होना चाहिए? इस रेसिपी के लिए कटोरी में दो चम्मच सूजी और एक चम्मच बेसन मिलाने की सलाह दी गई है। 2. इस चीले में कौन-कौन सी सब्जियां डाली जा सकती हैं? इसमें बारीक कटी बीन्स, कद्दूकस किया गाजर, प्याज, टमाटर और इच्छा अनुसार हरी मिर्च डाली जा सकती है। 3. यह चीला तैयार होने में कुल कितना समय लेता है? इस चीले को बनाने में कुल 10 मिनट लगते हैं, जिसमें तवे पर दोनों तरफ सेकने में लगभग 5 मिनट का समय लगता है। 4. चीले का घोल किस तरह का होना चाहिए? चीले का घोल पतला नहीं होना चाहिए, बल्कि सब्जियों को अच्छी तरह पकड़ने के लिए एकदम गाढ़ा रखा जाना चाहिए। https://trendkia.com/food/skula-tiphina-ke-lie-10-minata-men-banaen-paushtika-suji-besana-chila-janen-asana-vidhi-36213 TrendKia — Har trend, sabse pehle.