सुआल आलू से लेकर खस्ता कचौड़ी तक, बरेली के इन मशहूर ठिकानों पर मिलता है सबसे बेहतरीन नाश्ता बरेली के बिहारीपुर के सुआल आलू, त्यागी रेस्टोरेंट की विशेष चाय और प्रवेश के समोसे जैसे ऐतिहासिक और लोकप्रिय नाश्ता ठिकानों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करें। उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक शहर बरेली का ज़िक्र आते ही सबसे पहले इसके अनूठे और लज़ीज़ ज़ायके की तस्वीर आँखों के सामने आ जाती है। यहाँ के स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक नाश्तों का स्वाद न केवल स्थानीय लोगों के दिलों में बसा है, बल्कि बाहर से आने वाले मुसाफिर भी इसके दीवाने हैं। बरेली की सड़कों और गलियों में मिलने वाले बेहतरीन सुबह के नाश्ते और शाम के स्ट्रीट फूड के ऐसे कई मशहूर ठिकाने हैं, जहाँ मिलने वाली चीज़ें स्वाद के मामले में बेमिसाल हैं। सुआल आलू की सोंधी खुशबू से लेकर गरमा गरम खस्ता कचौड़ी और कुल्हड़ वाली चाय तक, बरेली का खान पान हर मौसम में लोगों को अपनी ओर खींचता है। खासकर बरसात और सर्दियों के दिनों में यहाँ के ज़ायके का मज़ा दोगुना हो जाता है। आइए जानते हैं बरेली शहर के उन चुनिंदा और सबसे ज्यादा लोकप्रिय फूड पॉइंट्स के बारे में, जहाँ का नाश्ता चखे बिना आपकी बरेली यात्रा अधूरी मानी जाएगी। बिहारीपुर का पारंपरिक सुआल आलू बरेली का सबसे अनोखा और पुराना पारंपरिक नाश्ता सुआल आलू माना जाता है। यह मैदा से तैयार की गई एक बहुत ही कुरकुरी, परतदार और सूखी पापड़ी होती है, जिसे यहाँ के लोग स्थानीय भाषा में सुआल कहते हैं। इस खस्ता सुआल को उबले हुए आलू की बेहद तीखी, चटपटी और मसालेदार सूखी सब्ज़ी के साथ परोसा जाता है। जब इन दोनों का मेल होता है, तो मुँह में स्वाद का एक अनोखा धमाका होता है। बरेली के बिहारीपुर इलाके में मिलने वाले सुआल आलू पूरे शहर में सबसे ज़्यादा प्रसिद्ध हैं। सुबह के समय, खासकर जब आसमान में काले बादल छाए हों और हल्की बरसात हो रही हो, तो इस हल्के और स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद लेना बरेली वासियों को बेहद पसंद है। बिहारीपुर की पुरानी गलियों में सुबह सुबह इस पारंपरिक नाश्ते को खाने वालों का ताँता लग जाता है। नोवेल्टी चौराहे का ऐतिहासिक त्यागी रेस्टोरेंट बरेली के पुराना बस स्टैंड के नज़दीक स्थित नोवेल्टी चौराहे पर त्यागी रेस्टोरेंट एक अत्यंत लोकप्रिय और पुराना भोजन स्थल है। यह रेस्टोरेंट सुबह के वक्त मिलने वाले अपने बेहतरीन छोले समोसे और कड़क चाय के लिए पूरे शहर में प्रसिद्ध है। यहाँ मिलने वाले समोसे बेहद कुरकुरे होते हैं और उन्हें मसालेदार छोले के साथ परोसा जाता है। सुबह के नाश्ते के बाद भी यहाँ ग्राहकों का आना जाना लगा रहता है, क्योंकि यहाँ दिनभर गरमा गरम छोले भटूरे और पूड़ी आलू की थाली का मज़ा लिया जा सकता है। इसके अलावा, यहाँ आने वाले ग्राहकों के लिए कई तरह की पारंपरिक मिठाइयाँ भी उपलब्ध रहती हैं। लेकिन जो चीज़ इस रेस्टोरेंट को सबसे खास बनाती है, वह है यहाँ की चाय। यहाँ आने वाले नियमित ग्राहकों का कहना है कि त्यागी रेस्टोरेंट की कड़क चाय का स्वाद बेहद लाजवाब और ताज़गी से भर देने वाला होता है। सोशल मीडिया पर छाई बरेली चाय वाली चाय के शौकीनों के लिए बरेली में एक और नया और बेहद लोकप्रिय अड्डा है जिसे लोग बरेली चाय वाली के नाम से जानते हैं। यह पॉइंट सोशल मीडिया पर अपनी ख़ास पहचान बना चुका है और यहाँ युवाओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस चाय प्वाइंट के शहर में दो अलग अलग स्थानों पर काउंटर संचालित किए जाते हैं। पहला काउंटर बरेली कॉलेज के पास स्थित है, जो छात्रों का पसंदीदा अड्डा है, और दूसरा काउंटर राजेंद्र नगर में चलाया जाता है। चाय प्रेमियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है, क्योंकि इनके पास चाय के कई तरह के अनोखे वेरिएंट्स उपलब्ध हैं। चाहे आपको अदरक इलायची वाली कड़क चाय पसंद हो या फिर कुछ नया आज़माना हो, यहाँ हर स्वाद की चाय मिल जाती है। कॉलेज के छात्र और शहर के कामकाजी युवा शाम के समय यहाँ सुस्ताने और चाय की चुस्कियाँ लेने आते हैं। एयरफोर्स गेट के पास प्रवेश के समोसे समोसे तो आपने कई जगह खाए होंगे, लेकिन बरेली के एयरफोर्स गेट स्थित नैनीताल रोड पर मिलने वाले प्रवेश के समोसे का ज़ायका कुछ अलग ही है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों की ज़ुबान तक, प्रवेश के समोसों की तारीफ हर तरफ सुनी जा सकती है। दुकान पर सुबह से लेकर शाम तक लगने वाली ग्राहकों की भारी भीड़ इस बात का सबूत है कि इनका स्वाद सचमुच लाजवाब है। यहाँ समोसे इतनी भारी मात्रा में तैयार किए जाते हैं कि कड़ाही से उतरते ही वे तुरंत बिक जाते हैं। इन गरमा गरम समोसों को गाढ़े और तीखे छोले के साथ परोसा जाता है, जिसके ऊपर खट्टी मीठी चटनी डाली जाती है। यह चटपटा कॉम्बिनेशन लोगों को बेहद पसंद आता है। बरसात के सुहावने मौसम में यहाँ प्लेट परोसने की गति देखते ही बनती है और दुकान पर पैर रखने की भी जगह नहीं बचती। बरेली स्टेशन का पंजाबी मार्केट स्टॉल रेलवे स्टेशन के नज़दीक स्थित पंजाबी मार्केट के कोने पर लगने वाला एक छोटा सा स्टॉल अपने ज़ायकेदार तले हुए व्यंजनों के लिए बेहद मशहूर है। यह स्टॉल खास तौर पर अपनी बेहद मुलायम पनीर की पकौड़ी, करारी आलू की टिक्की, मिक्स पकौड़ी, मसालेदार समोसे और ब्रेड पकौड़े के लिए जाना जाता है। सर्दियों के मौसम में और बरसात की फुहारों के बीच इस दुकान पर मिलने वाले गरम स्नैक्स का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। चूँकि यह दुकान पूरे दिन चलती है और रेलवे स्टेशन के बेहद करीब है, इसलिए यहाँ केवल स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि सफर करने वाले यात्री भी ट्रेन से उतरकर या चढ़ने से पहले यहाँ के व्यंजनों का स्वाद लेने पहुँचते हैं। चाय और गरम पकौड़ियों का यह तालमेल यात्रियों की थकान को पल भर में दूर कर देता है। बिहारीपुर की खस्ता कचौड़ी और जलेबी यदि आप सुबह के समय कुछ भारी और पारंपरिक नाश्ता करना चाहते हैं, तो बिहारीपुर की पुरानी गलियों का रुख करें। यहाँ मिलने वाली मशहूर खस्ता कचौड़ी का कोई मुकाबला नहीं है। कचौड़ी को बेहद सावधानी से तैयार किया जाता है ताकि वह बाहर से पूरी तरह खस्ता रहे। इस गरम कचौड़ी के साथ परोसी जाने वाली आलू की तीखी सब्ज़ी का स्वाद बेमिसाल होता है। लेकिन असली मज़ा तब आता है जब इस नमकीन नाश्ते के बाद गरमा गरम, चाशनी से सराबोर जलेबियाँ परोसी जाती हैं। कचौड़ी का तीखापन और जलेबी की मिठास का यह पारंपरिक मेल सर्दियों और बरसात के दिनों में सुबह के नाश्ते के रूप में सबसे उत्तम माना जाता है। यदि आप बरेली में हैं, तो बिहारीपुर की ऐतिहासिक तंग गलियों में घूमकर इस अद्भुत नाश्ते का स्वाद ज़रूर लें। मथुरा रोड पर चांडपुर के प्रसिद्ध समोसे और लस्सी बरेली से बदायूं होते हुए मथुरा रोड की तरफ जाते समय, चांडपुर नामक स्थान पर मिलने वाले समोसे, लस्सी और मिठाइयाँ यात्रियों के लिए एक बड़ा आकर्षण हैं। यहाँ मिलने वाले ताज़े समोसे, ठंडी मलाईदार लस्सी, पारंपरिक मिठाइयाँ, कड़क चाय, ब्रेड पकौड़ा और मिक्स पकौड़ी यात्रियों के सफर को बेहद खुशनुमा बना देते हैं। यह स्थान अब केवल एक साधारण हाईवे स्टॉप नहीं रह गया है, बल्कि कई फूड लवर्स तो खास तौर पर यहाँ की गाढ़ी लस्सी और गरमा गरम ब्रेड पकौड़े का लुत्फ उठाने के लिए ही यहाँ तक का सफर तय करते हैं। मानसून और कड़ाके की ठंड के दिनों में इस हाईवे पॉइंट पर गाड़ियों की लंबी कतारें और लोगों की भीड़ यहाँ के ज़ायके की लोकप्रियता को साफ दर्शाती है। नवाबगंज के शंकर की लस्सी और मूंग दाल की पकौड़ी बरेली शहर की सीमा से लगभग 22 किलोमीटर दूर, पीलीभीत मार्ग पर स्थित नवाबगंज तहसील के भीतर एक बेहद प्रसिद्ध दुकान है, जिसे लोग शंकर वाले के नाम से जानते हैं। यदि आप नवाबगंज कस्बे के अंदर से गुज़र रहे हैं, तो शंकर की गाढ़ी और स्वादिष्ट लस्सी तथा उनके यहाँ मिलने वाली मूंग की दाल की लाजवाब पकौड़ी को चखना बिल्कुल न भूलें। इसके अतिरिक्त, यहाँ के गरमा गरम समोसे, पनीर की पकौड़ी और ब्रेड पकौड़े भी लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। यहाँ मिलने वाली मिठाइयों और स्नैक्स की बेहतरीन गुणवत्ता के कारण नवाबगंज तहसील के प्रत्येक व्यक्ति की ज़ुबान पर शंकर का नाम रहता है। बरसात और सर्दियों के ठंडे मौसम में दूर-दूर से लोग खास तौर पर यहाँ की मूंग दाल की पकौड़ी और लस्सी का अनोखा स्वाद लेने खिंचे चले आते हैं। इसका आप पर असर • खास तौर पर खाद्य प्रेमियों के लिए: यह विस्तृत मार्गदर्शिका बरेली आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को शहर के सबसे ऐतिहासिक और स्वादिष्ट नाश्ता ठिकानों की खोज करने में मदद करेगी ताकि वे प्रामाणिक क्षेत्रीय स्वाद का आनंद ले सकें। सवाल-जवाब 1. बरेली का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक नाश्ता कौन सा है? बरेली का सुआल आलू सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक नाश्ता है, जिसमें मैदा से बनी कुरकुरी पापड़ी (सुआल) को तीखे और मसालेदार उबले आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है। 2. बिहारीपुर किस नाश्ते के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है? बिहारीपुर मुख्य रूप से अपनी लाजवाब खस्ता कचौड़ी और पारंपरिक सुआल आलू के लिए जाना जाता है, जिसे लोग सुबह के समय गरमा-गरम खाना पसंद करते हैं। 3. बरेली चाय वाली के काउंटर शहर में कहाँ-कहाँ स्थित हैं? बरेली चाय वाली के शहर में दो काउंटर हैं। पहला काउंटर बरेली कॉलेज के पास है और दूसरा राजेंद्र नगर में स्थित है। 4. प्रवेश के समोसे कहाँ मिलते हैं और इनकी क्या विशेषता है? प्रवेश के समोसे नैनीताल रोड पर एयरफोर्स गेट के पास मिलते हैं। ये समोसे गरमा-गरम छोले और खट्टी-मीठी चटनी के साथ भारी मात्रा में परोसे जाते हैं। 5. नवाबगंज में पीलीभीत जाते समय किस प्रसिद्ध दुकान की लस्सी और पकौड़ी मिलती है? बरेली से 22 किलोमीटर दूर नवाबगंज में 'शंकर वाले' की प्रसिद्ध लस्सी और उनकी मूंग दाल की पकौड़ी बहुत लोकप्रिय हैं। https://trendkia.com/food/sual-aloo-se-lekara-khasta-kachauri-taka-bareilly-ke-ina-mashahura-thikanon-para-milata-hai-sabase-behatarina-nashta-10590 TrendKia — Har trend, sabse pehle.