सुबह के भोजन में प्रोटीन बढ़ाने के लिए बनाएं बेसन और पनीर का खास पराठा सादे पराठे की जगह बेसन मिले आटे और कद्दूकस किए पनीर की स्टफिंग से तैयार यह व्यंजन शरीर को प्रोटीन की दोहरी खुराक देता है। इसे दही या चटनी के साथ खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है। सुबह के नाश्ते की थाली में पराठा हमेशा से अधिकांश लोगों का पसंदीदा विकल्प रहा है। यह न सिर्फ जल्दी और सरलता से तैयार हो जाता है बल्कि खाने में भी बेहद स्वादिष्ट होता है। लोग अक्सर अपनी पसंद के मुताबिक इसे ताजी दही, गर्म चाय, सूखी सब्जी, चटपटी चटनी या तीखे अचार के साथ खाना पसंद करते हैं। सामान्य तौर पर बनने वाला सादा पराठा शरीर को मुख्य रूप से कार्बोहाइड्रेट देता है, जबकि दिन की पहली खुराक में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल होना बेहद आवश्यक माना जाता है। इसी संतुलन को बेहतर बनाने के लिए सादे पराठे को एक पौष्टिक और प्रोटीन से भरपूर स्वरूप दिया जा सकता है। इसके लिए गूंथे जाने वाले आटे में बेसन का प्रयोग किया जाता है और भीतर पनीर की स्वादिष्ट स्टफिंग भरी जाती है। आटा तैयार करने का सही अनुपात और तरीका इस पौष्टिक पराठे को बनाने का पहला चरण उसका आटा गूंथना है। साधारण गेहूं के आटे में उचित मात्रा में बेसन मिलाकर गूंथने से इसका पोषण मूल्य काफी बढ़ जाता है। सही अनुपात बनाए रखने के लिए यदि आप एक कप गेहूं का आटा ले रहे हैं, तो उसमें आधा कप बेसन मिला लें। इसके बाद मिश्रण में स्वादानुसार हल्का नमक डालें। पानी की मदद से इसे काफी नरम गूंथें, ताकि बाद में बेलते समय पराठा किनारों से फटे नहीं और स्टफिंग बाहर न निकले। आटा गूंथने के बाद उसे किसी कपड़े या बर्तन से ढककर कुछ देर सेट होने के लिए अलग रख दें। पनीर की मसालेदार स्टफिंग बनाने की विधि आटा सेट होने के दौरान पराठे के भीतर भरने वाली सामग्री तैयार की जाती है। इसके लिए ताजा पनीर लेकर उसे अच्छी तरह कद्दूकस कर लें। कद्दूकस किए गए पनीर में अपने स्वाद के हिसाब से जरूरी मसाले मिलाएं। इसके साथ ही इसमें बारीक कटी हरी मिर्च और ताजा हरा धनिया शामिल करें। कई लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इस मिश्रण में बारीक कटा प्याज भी डालना पसंद करते हैं, परंतु प्याज से निकलने वाली नमी के कारण बेलते वक्त पराठे के फटने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इसे छोड़ना भी एक सुरक्षित विकल्प रहता है। बेलने और तवे पर सेंकने की आसान प्रक्रिया जब आटा और भरावन दोनों तैयार हो जाएं, तब आटे की मध्यम आकार की लोई तोड़ लें। इस लोई को थोड़ा फैलाकर इसके बीच में भरपूर मात्रा में तैयार की गई पनीर की स्टफिंग भरें और किनारों को समेटते हुए अच्छी तरह बंद कर दें। इसके बाद चकले पर हल्के हाथों से पराठे को धीरे-धीरे बेलें। गर्म तवे पर डालकर इसे दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक अच्छी तरह सेंक लें। इसी प्रक्रिया को दोहराते हुए परिवार के सभी सदस्यों की जरूरत के अनुसार गरमा-गरम पराठे तैयार किए जा सकते हैं। परोसते समय इसे गाढ़े दही, चटनी, अचार या गर्म चाय के साथ परोसें। सेहत और ऊर्जा के लिहाज से फायदे पनीर और बेसन दोनों ही प्राकृतिक रूप से प्रोटीन के बेहतरीन और समृद्ध स्रोत माने जाते हैं। जब इस पराठे को ताजी दही के साथ खाया जाता है, तो यह शरीर में दैनिक प्रोटीन की जरूरत को बहुत आसानी से पूरा कर देता है। सुबह के समय प्रोटीन युक्त भोजन करने से पाचन धीमा रहता है, जिससे जल्दी-जल्दी भूख नहीं सताती, पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है और दिनभर काम करने के लिए शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसका आप पर असर सुबह के नाश्ते में साधारण आटे के पराठे की जगह बेसन और पनीर का मेल शामिल करने से आपकी रोजमर्रा की सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। • दैनिक पोषण: यह सादे कार्बोहाइड्रेट वाले नाश्ते को प्रोटीन के समृद्ध विकल्प में बदल देता है। इससे शरीर को दिन की शुरुआत में ही जरूरी अमीनो एसिड मिल जाते हैं। • भूख नियंत्रण: बेसन और पनीर का मिश्रण पाचन क्रिया को संतुलित रखता है। नतीजतन दोपहर के भोजन तक बार-बार अस्वास्थ्यकर स्नैक्स खाने की इच्छा नहीं होती। • रसोई का बजट: इसके लिए किसी महंगे प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट की आवश्यकता नहीं पड़ती। घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही पोषण स्तर सुधारा जा सकता है। • नाश्ते की विविधता: साधारण पराठों से ऊब चुके लोगों के लिए यह एक आसान और पौष्टिक विकल्प है। इसे बच्चे और बड़े दोनों ही चाव से खा सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अक्सर लोग नाश्ते में केवल गेहूं के आटे या आलू से बने पराठे खाते हैं, जिससे शरीर को केवल कार्बोहाइड्रेट प्राप्त होता है और प्रोटीन की कमी बनी रहती है। इस कमी को दूर करने के लिए आटे में बेसन मिलाने और पनीर भरने की विधि एक स्वाभाविक समाधान प्रस्तुत करती है। • पोषण का असंतुलन: आम भारतीय नाश्ते में कार्बोहाइड्रेट की अधिकता और प्रोटीन की कमी देखी जाती है। इसी असंतुलन को पाटने के लिए रसोई में उपलब्ध प्रोटीन युक्त सामग्रियों को आपस में मिलाया गया है। • बेसन और पनीर की भूमिका: बेसन वनस्पति आधारित प्रोटीन और पनीर दुग्ध आधारित प्रोटीन का बेहतरीन माध्यम है। दोनों को एक साथ मिलाने से पराठे का पोषण मूल्य दोगुना हो जाता है। • लंबे समय तक ऊर्जा की जरूरत: सुबह जल्दी पचने वाला खाना खाने से कुछ ही देर में ऊर्जा का स्तर गिर जाता है। प्रोटीन युक्त नाश्ता शरीर में लंबे समय तक ऊर्जा का संचार बनाए रखने में मदद करता है। सवाल-जवाब 1. बेसन और गेहूं के आटे का अनुपात क्या होना चाहिए? यदि आप एक कप गेहूं का आटा ले रहे हैं, तो उसमें आधा कप बेसन मिलाना सबसे सही अनुपात रहता है। 2. पराठे को फटने से बचाने के लिए आटा कैसा गूंथना चाहिए? आटे में हल्का नमक डालकर उसे पर्याप्त पानी से नरम गूंथें और भरने से पहले थोड़ी देर ढककर सेट होने दें। 3. पनीर की स्टफिंग में प्याज डालने से क्यों बचना चाहिए? प्याज से पानी छूटने लगता है, जिससे स्टफिंग गीली हो जाती है और बेलते समय पराठा फटने का डर रहता है। 4. इस पराठे को किसके साथ खाना सबसे फायदेमंद रहता है? इसे ताजी दही के साथ खाना सबसे अच्छा माना जाता है, जिससे प्रोटीन की मात्रा और अधिक बढ़ जाती है। https://trendkia.com/food/subaha-ke-bhojana-men-protina-barhane-ke-lie-banaen-besan-aura-paneer-ka-khasa-paratha-40892 TrendKia — Har trend, sabse pehle.