# सुबह की डाइट में शामिल करें पालक और पनीर का पराठा, जानें तैयार करने की विधि

> नाश्ते में पोषण और स्वाद का संतुलन बनाने के लिए हरी पालक और पनीर से बना पराठा एक शानदार विकल्प साबित होता है। इसे आसान रसोई सामग्री के साथ बेहद कम समय में पकाया जा सकता है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-10 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/subaha-ki-daita-men-shamila-karen-spinach-aura-paneer-ka-paratha-janen-taiyara-karane-ki-vidhi-45746 · **Language:** Hindi
**Tags:** पालक पराठा, नाश्ता रेसिपी, हेल्दी ब्रेकफास्ट, पनीर पराठा, पौष्टिक आहार

दिन की शुरुआत अगर पोषक तत्वों से भरपूर आहार के साथ हो, तो पूरे दिन शरीर में चुस्ती और ताजगी बनी रहती है। अक्सर भोर के समय लोगों के सामने यह उलझन रहती है कि कम समय में ऐसा क्या पकाया जाए जो घर के सदस्यों को पसंद भी आए और सेहत के लिहाज से मुफीद भी हो। हरी पत्तेदार सब्जियों और प्रोटीन के गुणों को एक साथ समेटे हुए पालक-पनीर पराठा इस जरूरत को बखूबी पूरा करता है। हरी पालक में विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट और आयरन के साथ प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जबकि पनीर इसे अतिरिक्त ताकत प्रदान करता है।

## तैयारी के लिए जरूरी सामग्री
इस पौष्टिक व्यंजन को तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी मसालों और अनाजों की आवश्यकता होती है

- गेहूं का आटा: दो कप
- पालक: दो कप (बारीक कटी हुई पत्तियां या फिर उबालकर तैयार की गई प्यूरी)
- पनीर: आधा कप (कद्दूकस किया हुआ)
- बेसन: दो बड़े चम्मच
- अदरक और हरी मिर्च का पिसा हुआ पेस्ट: एक छोटा चम्मच
- अजवाइन: आधा छोटा चम्मच
- हींग: एक चुटकी
- गरम मसाला: आधा छोटा चम्मच
- अमचूर पाउडर: आधा छोटा चम्मच
- नमक: स्वादानुसार
- देशी घी अथवा तेल: तवे पर सेकने के वास्ते

## आटा लगाने और मिश्रण तैयार करने का चरण
सबसे पहले ताजी पालक की पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर लगी मिट्टी निकल जाए। इसके बाद आप चाहें तो चाकू से उन्हें बारीक कतर लें या फिर हल्का उबालने के पश्चात मिक्सी में पीसकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। अब एक चौड़े बर्तन अथवा परात में गेहूं का आटा निकालें। इसी परात में दो चम्मच बेसन, कद्दूकस किया पनीर, कटी या पिसी पालक, हरी मिर्च-अदरक का पेस्ट, अजवाइन, हींग, गरम मसाला, अमचूर तथा नमक मिला लें।

इन सभी चीजों को हाथों से आपस में अच्छी तरह मसलते हुए मिलाएं। पालक के पत्तों और ताजे पनीर में प्राकृतिक नमी मौजूद रहती है, इसलिए शुरुआत में अतिरिक्त पानी मिलाने से बचें। जब मिश्रण आपस में बंधने लगे, तब जरूरत के मुताबिक बहुत हल्का पानी डालकर एक चिकना और मुलायम आटा गूंध लें। अंत में आटे की ऊपरी सतह पर थोड़ा सा घी चुपड़ें और इसे गीले कपड़े या ढक्कन से 10 से 15 मिनट तक ढककर रख दें, जिससे आटा अच्छी तरह सेट हो जाए।

## बेलने और सेकने की प्रक्रिया
तय समय बीतने के बाद गूंथे हुए आटे से मध्यम आकार के पेड़े या लोइयां काट लें। चकले पर थोड़ा सा सूखा आटा छिड़कें और लोई को रखकर बेलन की मदद से गोल या मनचाहे त्रिकोण आकार में बेल लें। दूसरी तरफ गैस चूल्हे पर तवे को मध्यम आंच पर चढ़ाकर गर्म होने दें।

जब तवा पर्याप्त गर्म हो जाए, तब उस पर बेला हुआ पराठा डालें। निचली सतह के हल्का सा सिकते ही उसे पलट दें और चम्मच से देसी घी या तेल लगाएं। पराठे को दोनों तरफ पलटते हुए करछुल से हल्का दबाव दें ताकि वह भीतर तक पक जाए और बाहर से सुनहरी रंगत के साथ क्रिस्पी बन जाए। कुरकुरा होने पर इसे तवे से उतारें और गरमा-गरम परोसें।

## इसका आप पर असर
नाश्ते में इस पौष्टिक व्यंजन को शामिल करने से शरीर को आवश्यक खनिज और ऊर्जा एक साथ प्राप्त होती है।

- **दैनिक पोषण में:** इस पराठे से शरीर को विटामिन ए, सी, आयरन और प्रोटीन की अच्छी खुराक मिलती है। यह दिनभर ऊर्जा बनाए रखने और कार्यक्षमता बढ़ाने में सीधे तौर पर मददगार है।
- **रसोई की सुविधा में:** इसे बनाने में केवल 15 से 20 मिनट का समय और बुनियादी रसोई सामग्री लगती है। व्यस्त सुबह में बिना लंबी तैयारी के परिवार के लिए पौष्टिक भोजन तैयार किया जा सकता है।
- **पाचन स्वास्थ्य में:** अजवाइन, हींग और पालक का फाइबर पेट के पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है। भारीपन महसूस हुए बिना लंबे समय तक पेट भरा रहता है।
- **बच्चों के आहार में:** पालक न खाने वाले बच्चों को हरी सब्जियों का पोषण आसानी से दिया जा सकता है। टिफिन बॉक्स में रखने पर भी यह पराठा लंबे समय तक नरम बना रहता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सुबह के समय शरीर को तुरंत ईंधन और संतुलित पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसके चलते पारंपरिक पराठे में बदलाव किया गया है।

- **ऊर्जा की जरूरत:** रातभर के उपवास के बाद शरीर को दिन की शुरुआत के लिए निरंतर रिलीज होने वाले ग्लूकोज और प्रोटीन की जरूरत होती है। सादे पराठे की तुलना में पालक और पनीर का यह संयोजन रक्त शर्करा को अचानक बढ़ाए बिना लंबे समय तक ऊर्जा देता है।
- **सब्जियों का समावेश:** व्यस्त जीवनशैली के कारण लोग अक्सर सुबह हरी सब्जियों का सेवन छोड़ देते हैं। आटे में ही पालक और मसालों को गूंथने से बिना अलग सब्जी पकाए संतुलित आहार तैयार हो जाता है।
- **स्वाद और सेहत का मेल:** सूखा आटा और साधारण रोटी कई बार नाश्ते में नीरस लगती है। अमचूर, गरम मसाले और भुने बेसन के मेल से बिना अतिरिक्त तेल के स्वाद बढ़ जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. पालक पराठा बनाने में प्रोटीन का मुख्य स्रोत क्या है?
इस रेसिपी में आधा कप कद्दूकस किया हुआ पनीर और दो बड़े चम्मच बेसन मुख्य रूप से प्रोटीन की मात्रा बढ़ाते हैं।

### 2. आटा गूंथते समय पानी की कम आवश्यकता क्यों होती है?
पालक के पत्तों और ताजे पनीर में प्राकृतिक नमी होती है, इसलिए आटा गूंथते वक्त अतिरिक्त पानी की जरूरत बहुत कम पड़ती है।

### 3. क्या पालक को उबालना अनिवार्य है?
नहीं, आप चाहें तो पालक को बारीक काटकर सीधे आटे में मिला सकते हैं या फिर हल्का उबालकर प्यूरी बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

### 4. आटा गूंथने के बाद 10 से 15 मिनट क्यों रखा जाता है?
आटे पर हल्का घी लगाकर ढकने से वह नरम हो जाता है और पराठे बेलते समय फटते नहीं हैं।

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