सुलतानपुर की सविता श्रीवास्तव ने बताए सर्दियों में घर पर 5 आसान अचार तैयार करने के तरीके सर्दियों की ताजी सब्जियों और फलों से घर पर आसानी से स्वादिष्ट अचार तैयार किए जा सकते हैं। जानिए गाजर, मूली, आंवला, हरी मिर्च और मिक्स अचार बनाने की आसान विधियां। सुलतानपुर में अक्सर यह धारणा देखने को मिलती है कि अचार डालने का सही वक्त सिर्फ गर्मी का मौसम होता है। असलियत में ठंड के दिनों में बाजार में आने वाली ताजी सब्जियां और फल घर पर बेहद लजीज और चटपटे अचार तैयार करने का बेहतरीन मौका देते हैं। इन मौसमी अचारों को तैयार करने में न तो बहुत ज्यादा मेहनत लगती है और न ही किसी महंगी सामग्री की दरकार होती है। घरेलू रसोई में मौजूद मसालों के साथ इन्हें झटपट बनाकर भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ाया जा सकता है। ताजी लाल गाजर का चटपटा अचार अचार स्पेशलिस्ट सविता श्रीवास्तव के अनुसार, सर्दियों में मिलने वाली लाल और रसीली गाजर से बहुत ही स्वादिष्ट अचार तैयार किया जा सकता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले गाजर को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद गाजर को लंबे टुकड़ों में काटें और थोड़ी देर के लिए सूखने के लिए रख दें, ताकि उसकी बाहरी नमी कम हो जाए। अब एक बर्तन में कटे हुए गाजर के टुकड़ों के साथ सरसों का तेल, पिसी राई, मेथी दाना, सौंफ, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च और स्वादानुसार नमक अच्छी तरह मिलाएं। जब मसाले गाजर पर पूरी तरह लिपट जाएं, तब इसे एक साफ और सूखे कांच के जार में भर लें। यह चटपटा अचार सादे पराठे और दाल-चावल के साथ खाने में बहुत पसंद किया जाता है। धूप में सुखाकर बनाएं तीखा मूली का अचार सर्दियों के भोजन में मूली केवल सलाद या पराठों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका अचार भी एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। मूली का अचार बनाने के लिए मूली को छीलकर लंबे टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों को कुछ देर धूप में फैलाकर रखें, जिससे मूली का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकल जाए और अचार खराब न हो। इसके बाद इसमें सरसों के दाने, अजवाइन, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक और कच्चा सरसों का तेल अच्छी तरह मिला दें। जार में रखने के कुछ ही दिनों के भीतर यह अचार पूरी तरह तैयार हो जाता है और इसका तीखा व चटपटा स्वाद खाने का मजा दोगुना कर देता है। गोभी और शलजम का खट्टा-मीठा मिक्स अचार यदि खाने में कई सब्जियों का मिला-जुला स्वाद पसंद है, तो गोभी और शलजम का मिक्स अचार एक उम्दा पसंद है। इसे तैयार करने के लिए फूलगोभी के छोटे फूल अलग करें और शलजम को भी छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें। इन दोनों सब्जियों को हल्के गर्म पानी में हल्का उबालें और फिर धूप या हवा में अच्छी तरह सुखा लें। इसके बाद इसमें बारीक कटा अदरक, लहसुन की कलियां, सरसों का तेल, सिरका, थोड़ा सा गुड़ और पारंपरिक अचार के मसाले मिलाएं। गुड़ और सिरके का यह मेल अचार को एक अनोखा खट्टा-मीठा और तीखा स्वाद देता है, जो ठंड के दिनों में खूब भाता है। आंवला और भरवां हरी मिर्च के पारंपरिक अचार सर्दियों में आसानी से मिलने वाला आंवला सेहत और स्वाद दोनों में लाजवाब माना जाता है। आंवले का अचार डालने के लिए इसे पहले पानी में हल्का उबाल लें और फिर ठंडा करके इसकी फांकों यानी कलियों को बीज से अलग कर लें। इन कलियों में पिसी राई, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें। दूसरी तरफ, तीखेपन के शौकीनों के लिए हरी मिर्च का अचार भी बेहद आसानी से बनता है। इसके लिए ताजी हरी मिर्च में बीच से चीरा लगाकर उसमें सौंफ, राई, आमचूर पाउडर और नमक का सूखा मसाला भर दें और ऊपर से सरसों का तेल डालें। ये दोनों अचार सर्दियों की साधारण थाली को भी बेहद खास बना देते हैं। इसका आप पर असर सर्दियों में मौसमी सब्जियों के आसान अचार बनाकर आप घर पर ही खाने का स्वाद और पोषण दोनों बढ़ा सकते हैं। • घरेलू बचत: बाजार से महंगे पैकेटबंद अचार खरीदने के बजाय मौसमी सब्जियों से सस्ता अचार घर पर तैयार किया जा सकता है। इससे घरेलू बजट संभलता है और ताजगी बनी रहती है। • आहार में विविधता: साधारण दाल-चावल या सादे पराठों के साथ ये अचार भोजन में नया स्वाद जोड़ते हैं। परिवार के सदस्य सर्दियों में भोजन का भरपूर आनंद ले सकते हैं। • सेहत और स्वच्छता: घर पर बने इन अचारों में सिरका, सरसों का तेल और खड़े मसाले उचित मात्रा में इस्तेमाल होते हैं। बाहर मिलने वाले रसायनों से बचकर सुरक्षित खानपान सुनिश्चित होता है। • बनाने में सरलता: इन अचारों को डालने के लिए किसी जटिल उपकरण या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। रसोई में मौजूद साधारण बर्तनों और धूप की मदद से इन्हें आसानी से बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ यह जानकारी इसलिए सामने आई क्योंकि आमतौर पर लोग अचार डालने का काम गर्मियों तक सीमित मानते हैं, जबकि सर्दियों की उपज अचार के लिए पूरी तरह अनुकूल होती है। • गर्मी के मौसम का भ्रम: पारंपरिक रूप से तेज धूप के कारण लोग गर्मी को ही अचार का मुख्य मौसम मानते हैं। जागरूकता की कमी से कई लोग सर्दियों की रसीली सब्जियों के अचार का लाभ नहीं उठा पाते। • सर्दियों की भरपूर पैदावार: ठंड के महीनों में गाजर, मूली, फूलगोभी, शलजम और आंवला जैसी फसलें ताजा और सस्ती मिलती हैं। यह मौसम इन सब्जियों को संरक्षित करने और अचार बनाने के लिए सबसे उपयुक्त समय प्रदान करता है। • विशेषज्ञ का मार्गदर्शन: सुलतानपुर की अचार विशेषज्ञ सविता श्रीवास्तव ने इन पारंपरिक घरेलू विधियों को साझा किया ताकि लोग कम खर्च में ताजा भोजन तैयार कर सकें। यह मार्गदर्शन आम घरों में आसान रेसिपी पहुंचाने के उद्देश्य से सामने आया। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में कौन सी सब्जियों और फलों के अचार आसानी से बनाए जा सकते हैं? सर्दियों में गाजर, मूली, गोभी, शलजम, आंवला और हरी मिर्च के स्वादिष्ट अचार घर पर आसानी से बनाए जा सकते हैं। 2. गाजर का अचार बनाने के लिए किन मसालों की आवश्यकता होती है? गाजर के अचार में सरसों का तेल, राई, मेथी, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च और नमक का उपयोग किया जाता है। 3. मूली के अचार को खराब होने से बचाने के लिए क्या करना चाहिए? मूली को लंबे टुकड़ों में काटकर कुछ देर धूप में सुखाना चाहिए, जिससे उसका अतिरिक्त पानी पूरी तरह निकल जाए। 4. गोभी और शलजम के मिक्स अचार का स्वाद खट्टा-मीठा कैसे बनता है? उबली और सूखी सब्जियों में सिरका और गुड़ मिलाने से यह अचार तीखे और खट्टे-मीठे स्वाद का बेहतरीन मेल बनता है। 5. आंवले का अचार तैयार करने का क्या तरीका है? आंवले को हल्का उबालकर उसकी कलियां अलग की जाती हैं और फिर राई, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च व सरसों का तेल मिलाया जाता है। 6. हरी मिर्च का अचार किस तरह भरा जाता है? हरी मिर्च में चीरा लगाकर सौंफ, राई, आमचूर और नमक का सूखा मसाला भरा जाता है और फिर तेल डाला जाता है। https://trendkia.com/food/sultanpur-ki-savita-srivastava-ne-batae-sardiyon-men-ghara-para-5-asana-achara-taiyara-karane-ke-tarike-56395 TrendKia — Har trend, sabse pehle.