ट्रेंडकिया की रिपोर्ट: केमिकल और पेस्टिसाइड वाली सब्जियों की ऐसे करें पहचान, जानें साफ करने का सही तरीका बाजार में मिलने वाली अत्यधिक चमकदार और बड़ी सब्जियां आपकी सेहत बिगाड़ सकती हैं। जानिए कैसे करें केमिकल और पेस्टिसाइड्स वाली सब्जियों की पहचान और इन्हें घर पर साफ करने के सही तरीके। सेहतमंद रहने के लिए डॉक्टरों से लेकर पोषण विशेषज्ञ तक हमें हरी ताजी सब्जियां खाने की सलाह देते हैं। प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये सब्जियां हमारे शरीर को ऊर्जा देती हैं और बीमारियों से बचाती हैं। लेकिन मुनाफे की अंधी दौड़ में आज बाजार का नजारा पूरी तरह बदल चुका है। ट्रेंडकिया की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, कई मुनाफाखोर सब्जी विक्रेता सब्जियों को रातों-रात बड़ा करने, उन्हें ज्यादा आकर्षक और चमकदार दिखाने के लिए विभिन्न प्रकार के रसायनों, ग्रोथ हॉर्मोन और खतरनाक पेस्टिसाइड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। फ्रेश समझकर खरीदी जाने वाली ये सब्जियां धीरे-धीरे हमारे शरीर को अंदर से खोखला कर रही हैं। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि हम जो खा रहे हैं, वह कितना सुरक्षित है। इन खास इशारों से समझें सब्जियों में केमिकल का खेल यदि आप थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो बाजार में ही मिलावटी और जहरीली सब्जियों की आसानी से पहचान कर सकते हैं। ट्रेंडकिया ने कुछ बेहद आसान और प्रभावी तरीके साझा किए हैं, जिनकी मदद से आप सही चुनाव कर सकते हैं। असामान्य चमक से रहें सावधान: अगर ठेले या दुकान पर रखी शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन या खीरा बहुत ज्यादा चमकदार दिख रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। प्राकृतिक सब्जियों में ऐसी चमक नहीं होती। अमूमन इन्हें चमकीला बनाने के लिए इन पर सिंथेटिक वैक्स या हानिकारक रसायनों का लेप लगाया जाता है। आकार और रंग की एकरूपता: कुदरती तौर पर उगाई गई सब्जियों के आकार, रंग और रूप में थोड़ा-बहुत अंतर जरूर होता है। यदि आपको दुकान पर रखे सारे टमाटर, बैंगन या खीरे बिल्कुल एक ही साइज और एक जैसे गहरे रंग के दिखाई दें, तो समझ लें कि इन्हें कृत्रिम तरीकों से तैयार किया गया है। बेमौसम मिलने वाली सब्जियां: हर सब्जी का अपना एक खास मौसम होता है। ऑफ-सीजन में मिलने वाली सब्जियों को फ्रेश रखने और सड़ने से बचाने के लिए व्यापारी अत्यधिक प्रिजर्वेटिव्स और ग्रोथ रेगुलेटर्स का छिड़काव करते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हैं। जरूरत से बड़ा आकार: कई बार बाजार में सामान्य से काफी बड़ी लौकी, बैंगन या भिंडी दिखाई देती हैं। ऐसी सब्जियां प्राकृतिक रूप से नहीं बढ़तीं, बल्कि इन्हें बड़ा करने के लिए ग्रोथ हॉर्मोन के इंजेक्शन और भारी मात्रा में रासायनिक खादों का प्रयोग किया जाता है। इनसे पूरी तरह दूरी बनाएं। सब्जियों का लंबे समय तक न मुरझाना: प्राकृतिक रूप से तोड़ी गई सब्जियां एक या दो दिन में मुरझाने लगती हैं। इसके विपरीत, केमिकल और वैक्स की कोटिंग वाली सब्जियां कई दिनों तक वैसी की वैसी ही ताजी और कड़क बनी रहती हैं। यह इस बात का साफ संकेत है कि इसमें प्रिजर्वेटिव का भारी इस्तेमाल हुआ है। काटते समय रंग का निकलना: कुछ सब्जियों को काटते समय या धोते समय अगर आपके हाथों में लाल, मैरून, बैगनी या हरा रंग लग जाता है, तो समझ लें कि उन पर बाहरी तौर पर नकली रंग चढ़ाया गया है। ऐसी सब्जियों का सेवन बिल्कुल न करें। रसोई में अपनाने वाले बेहद आसान सफाई के उपाय बाजार से सब्जियां लाने के बाद उन्हें सीधे पकाने या खाने की गलती कभी न करें। सब्जियों से हानिकारक कीटनाशकों और रासायनिक अवशेषों को पूरी तरह साफ करने के लिए इन घरेलू नुस्खों को आजमाएं। • नमक के पानी का इस्तेमाल: सब्जियों से कीटनाशक हटाने का सबसे आसान तरीका यह है कि उन्हें थोड़ी देर के लिए गुनगुने पानी में थोड़ा सा नमक मिलाकर छोड़ दें। इसके बाद सब्जियों को दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। • बेकिंग सोडा का जादुई घोल: पानी में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाएं और इस मिश्रण में अपनी हरी सब्जियों को लगभग 15 मिनट के लिए डुबोकर रख दें। समय पूरा होने के बाद इन्हें नल के साफ पानी से रगड़कर धो लें, जिससे ऊपरी सतह पर जमे केमिकल साफ हो जाएंगे। • छिलका उतारना है सबसे सुरक्षित: जिन सब्जियों को छीलकर पकाया जा सकता है, उनके छिलके जरूर उतारें। खीरा, लौकी, गाजर और चुकंदर जैसी सब्जियों के छिलकों पर रसायनों का असर सबसे ज्यादा होता है, इसलिए इन्हें अच्छी तरह छीलकर ही इस्तेमाल में लाएं। खरीदारी के वक्त गांठ बांध लें ये जरूरी बातें सब्जियां खरीदते समय हमेशा स्थानीय, ताजी और केवल मौसमी सब्जियों का ही चयन करें। किसी भी अनजान विक्रेता के बजाय अपने आसपास के विश्वसनीय और जाने-पहचाने सब्जी वाले से ही खरीदारी करें। अगर संभव हो तो पूरी तरह से प्राकृतिक या ऑर्गेनिक खेती से उगाई गई सब्जियों को ही प्राथमिकता दें। कभी भी जरूरत से ज्यादा बड़ी और बहुत ज्यादा पॉलिश की हुई चमकदार सब्जियां खरीदने के लालच में न पड़ें। इसका आप पर असर • उपभोक्ताओं के लिए: बाजार से सब्जियां खरीदते समय उनके प्राकृतिक रूप और मौसम का ध्यान रखकर आप अपनी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले रसायनों से बच सकते हैं। • घरेलू स्वच्छता: बेकिंग सोडा या नमक के पानी का उपयोग करके सब्जियों को साफ करने से भोजन में पेस्टिसाइड का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। सवाल-जवाब 1. सब्जियों पर पेस्टिसाइड और वैक्स क्यों लगाया जाता है? विक्रेता सब्जियों को जल्दी बड़ा करने, उन्हें ताजा दिखाने और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए वैक्स और रसायनों का उपयोग करते हैं। 2. हम कृत्रिम रंगों की पहचान कैसे कर सकते हैं? यदि सब्जियां काटने पर आपके हाथों पर लाल, बैगनी, मैरून या हरा रंग लग जाता है, तो समझें कि उन पर कृत्रिम रंग चढ़ाया गया है। 3. सब्जियों से कीटनाशकों को साफ करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? सब्जियों को नमक वाले पानी या फिर बेकिंग सोडा मिले पानी में 15 मिनट के लिए भिगोकर रखें, और फिर साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। 4. खरीदते समय किन सब्जियों के छिलके उतारने की सलाह दी जाती है? खीरा, लौकी, गाजर और चुकंदर जैसी सब्जियों के छिलकों पर कीटनाशक जमा हो सकते हैं, इसलिए इन्हें छीलकर ही खाना चाहिए। https://trendkia.com/food/trendkia-ki-riporta-kemikala-aura-pestisaida-vali-sabjiyon-ki-aise-karen-pahachana-janen-sapha-karane-ka-sahi-tarika-2084 TrendKia — Har trend, sabse pehle.