तुरई और मूंग दाल की यह नई रेसिपी बदल देगी खाने का स्वाद, जानिए बनाने का आसान तरीका अगर आप बोरिंग तुरई की सब्जी से थक चुके हैं, तो धौलपुर की इस पारंपरिक और पौष्टिक रेसिपी को जरूर ट्राई करें जो झटपट बनकर तैयार हो जाती है। बरसात के मौसम में अक्सर कुछ नया और सेहतमंद खाने की इच्छा होती है। यदि आप भी घर में बनने वाली आम सब्जियों से बोर हो चुके हैं, तो तुरई और मूंग दाल का मेल आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। आमतौर पर तुरई की सादी सब्जी हर घर में बनाई जाती है, लेकिन जब इसमें धुली हुई मूंग दाल को शामिल किया जाता है, तो इसका स्वाद और पौष्टिकता दोनों ही कई गुना बढ़ जाते हैं। राजस्थान के धौलपुर क्षेत्र के गांवों में यह पारंपरिक डिश काफी लोकप्रिय है। इसे हल्का मसालेदार और चटपटा तैयार किया जाता है और इसे बनाने में अधिक समय की आवश्यकता भी नहीं पड़ती है। धौलपुर की रहने वाली प्रभा शर्मा का कहना है कि इस रेसिपी को बनाने की शुरुआत बाजार से लाई गई ताजी तुरई को गुनगुने पानी से अच्छी तरह धोने से करनी चाहिए। इससे सब्जी पर मौजूद किसी भी प्रकार की गंदगी या धूल साफ हो जाती है। इसके बाद तुरई के छिलके उतारकर उसे छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें। साथ ही, कुछ ताजी हरी मिर्च और टमाटर को साफ करके या तो बारीक काट लें या फिर मिक्सी में पीसकर एक चिकना पेस्ट बना लें। इसके बाद चूल्हे पर एक कढ़ाई चढ़ाएं और उसमें जरूरत के अनुसार सरसों का तेल डालें। जब तेल पूरी तरह गर्म हो जाए, तब उसमें एक चुटकी हींग और जीरा तड़काएं। जीरा चटकने के बाद उसमें टमाटर और हरी मिर्च का तैयार किया हुआ पेस्ट मिला दें। अब इस मिश्रण में अपनी पसंद के अनुसार लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हल्दी और हल्का सा गरम मसाला डालकर धीमी आंच पर भूनें। मसालों को तब तक पकाना चाहिए जब तक वे तेल छोड़ने लगें और उनसे सोंधी खुशबू आने लगे। मूंग दाल के साथ इस तरह पकाएं सब्जी जब मसाले अच्छी तरह भुन जाएं, तब कढ़ाई में कटे हुए तुरई के टुकड़े डाल दें और उन्हें मसालों के साथ अच्छे खासे ढंग से मिला लें। इसके बाद एक कटोरी धुली हुई मूंग दाल को साफ पानी से धोकर कढ़ाई में उड़ेल दें। इसके साथ ही, ग्रेवी को ठीक करने के लिए लगभग एक कटोरी पानी भी मिला दें। अब कढ़ाई को किसी ढक्कन से बंद कर दें और मध्यम से धीमी आंच पर इसे पांच से दस मिनट तक पकने दें। भाप की गर्मी से तुरई और मूंग दाल बहुत कम समय में नरम हो जाती हैं। जब यह लजीज व्यंजन पूरी तरह पक जाए, तब गैस की आंच बंद कर दें और ऊपर से बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर इसकी गार्निशिंग करें। यह हल्का तीखा और चटपटा व्यंजन बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बहुत भाता है। कम वक्त में जल्दी तैयार हो जाने के कारण, यदि घर में कोई मेहमान अचानक आ जाए तब भी इसे आसानी से परोसा जा सकता है। इस शानदार डिश को गरमागरम चपाती, पूरी या पराठों के साथ परोसा जाए तो इसका स्वाद और बढ़ जाता है। इसका आप पर असर भारत में: यह पौष्टिक और झटपट बनने वाली रेसिपी देश के किसी भी हिस्से में आसानी से उपलब्ध सामग्रियों से बनाई जा सकती है, जिससे रोज के भोजन में विविधता आती है।,धौलपुर में: स्थानीय निवासियों के लिए यह पारंपरिक और मौसमी सब्जी आसानी से बनने वाला एक किफायती और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प है। सवाल-जवाब 1. तुरई और मूंग दाल की सब्जी बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है? इस रेसिपी के लिए ताजी तुरई, धुली हुई मूंग दाल, टमाटर, हरी मिर्च, सरसों का तेल और बुनियादी मसालों की आवश्यकता होती है। 2. इस सब्जी को पकाने में कितना समय लगता है? कढ़ाई में मसाले भूनने और भाप में पकने के बाद इस सब्जी को तैयार होने में कुल 5 से 10 मिनट का समय लगता है। 3. यह सब्जी किस चीज के साथ सबसे अच्छी लगती है? इस हल्की चटपटी सब्जी को गर्मागर्म रोटी, पूरी या पराठे के साथ परोसा जाता है। 4. इस रेसिपी में तुरई को कैसे तैयार किया जाता है? तुरई को गुनगुने पानी से धोकर साफ किया जाता है, छिलका उतारा जाता है और छोटे चौकोर टुकड़ों में काटा जाता है। प्रेरणा और सबक पारंपरिक तरीकों को अपनाएं: स्थानीय और पारंपरिक खान-पान में स्वाद और सेहत का बेहतरीन संतुलन होता है जिसे रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल किया जा सकता है।,सादा भोजन बनाएं: कम समय और सीमित सामग्री के साथ भी बेहतरीन और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जा सकते हैं।,मौसमी सब्जियों का उपयोग: मौसम के अनुसार उपलब्ध ताजी सब्जियों और दालों का मेल शरीर को पोषण देने में मदद करता है। https://trendkia.com/food/turai-aura-munga-dala-ki-yaha-nai-resipi-badala-degi-khane-ka-svada-janie-banane-ka-asana-tarika-20942 TrendKia — Har trend, sabse pehle.