त्योहारी सीजन में घर पर तैयार करें मुंह में घुल जाने वाला बंगाली संदेश, बेहद सरल है विधि दिवाली के पावन अवसर पर पारंपरिक व्यंजनों के साथ कुछ अलग मिठास शामिल करने के लिए बंगाल की लोकप्रिय मिठाई संदेश को ताजे छेने और इलायची की खुशबू से घर पर ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। रोशनी और खुशियों के महापर्व दिवाली की तैयारियां हर घर में जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। इस बड़े त्योहार की रौनक तरह-तरह के पकवानों और मिठाइयों के बिना हमेशा अधूरी मानी जाती है। आमतौर पर लोग त्योहारों पर पुरानी और गिनी-चुनी पारंपरिक मिठाइयों को ही प्राथमिकता देते हैं, लेकिन इस बार अपने उत्सव की थाली में बंगाली मिठास को जोड़कर त्योहार का आनंद दोगुना किया जा सकता है। पश्चिम बंगाल की बेहद लोकप्रिय और प्रतिष्ठित मिठाई संदेश अपने लाजवाब स्वाद और मुंह में घुल जाने वाली बनावट के लिए जानी जाती है। ताजे छेने की मदद से इसे घर पर बेहद कम समय में और बहुत ही आसानी से तैयार किया जा सकता है। आवश्यक सामग्री घर पर शुद्ध और स्वादिष्ट संदेश तैयार करने के लिए बहुत सीमित रसोई सामग्रियों की आवश्यकता होती है • 1 लीटर फुल क्रीम दूध • 2 से 3 बड़े चम्मच नींबू का रस या आवश्यकतानुसार सफेद सिरका • 4 से 5 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी • आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर • गार्निशिंग के लिए बारीक कटे हुए पिस्ता या बादाम छेना तैयार करने का प्राथमिक चरण एक उत्कृष्ट संदेश बनाने का पूरा दारोमदार ताजे और सही तरह से फटे हुए छेने पर टिका होता है। सबसे पहले एक भारी तले वाले बर्तन में 1 लीटर फुल क्रीम दूध डालकर गर्म करें। जब दूध में पहला उबाल आ जाए, तो आंच को तुरंत धीमा कर दें। अब उबलते दूध में 2 से 3 बड़े चम्मच नींबू का रस थोड़ा-थोड़ा करके डालें। यदि नींबू का रस न हो, तो आप सफेद सिरके का उपयोग भी कर सकते हैं। चम्मच से हल्के हाथ से हिलाते रहें, जिससे कुछ ही क्षणों में हरा पानी अलग हो जाएगा और दूध पूरी तरह फट जाएगा। इसके तुरंत बाद गैस बंद कर दें। दूध फटने के पश्चात एक छलनी के ऊपर साफ सूती कपड़ा या मलमल का कपड़ा रखें और फटे हुए दूध को छान लें। छेने से नींबू या सिरके के खट्टेपन को पूरी तरह निकालने के लिए इसे साफ और ठंडे पानी से दो से तीन बार अच्छी तरह धोना आवश्यक है। धोने के बाद कपड़े को हल्के हाथ से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें और इसे कुछ देर के लिए यूं ही छोड़ दें ताकि बचा हुआ पानी भी पूरी तरह निथर जाए। मिश्रण को गूंथना और पकाना पानी पूरी तरह निकल जाने के बाद तैयार छेने को एक चौड़ी प्लेट में निकालें। अपनी हथेलियों के पिछले हिस्से से छेने को कम से कम पांच से सात मिनट तक अच्छी तरह मसलें। छेने को जितना बढ़िया और चिकना मसला जाएगा, बनने वाला संदेश उतना ही ज्यादा कोमल और मखमली तैयार होगा। जब छेना एकदम मक्खन जैसा मुलायम हो जाए, तब इसमें 4 से 5 बड़े चम्मच पिसी हुई चीनी और आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं और पूरे मिश्रण को एकसार कर लें। अब एक नॉनस्टिक पैन को धीमी आंच पर रखें और उसमें तैयार किया गया छेने का यह मिश्रण डाल दें। मिश्रण को लगातार चलाते हुए धीमी आंच पर लगभग 5 से 10 मिनट तक पकाएं। ध्यान रखें कि आंच तेज न हो और छेना पैन के तले पर चिपके नहीं। जब मिश्रण हल्का गाढ़ा होने लगे और पैन छोड़ने लगे, तो गैस तुरंत बंद कर दें। इसे अधिक समय तक नहीं पकाना चाहिए, अन्यथा छेना कड़ा हो सकता है। आकार देना और परोसना पके हुए मिश्रण को तुरंत एक प्लेट में निकालें और सामान्य तापमान पर ठंडा होने के लिए रख दें। जब मिश्रण छूने लायक हल्का गुनगुना या ठंडा हो जाए, तो अपनी हथेलियों को चिकना करके इसकी छोटी-छोटी गोल लोइयां बना लें। आप चाहें तो इन्हें मनपसंद गोल या चपटे पेड़े का आकार दे सकते हैं। इसके बाद प्रत्येक टुकड़े के ऊपर बारीक कटे हुए बादाम या पिस्ता लगाकर सजाएं। आपकी शुद्ध, ताजा और मुंह में घुल जाने वाली बंगाली मिठाई संदेश परोसने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसे त्योहार पर आए मेहमानों को गर्व से खिलाया जा सकता है। इसका आप पर असर त्योहारों के दौरान बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचते हुए घर पर शुद्ध और ताजी बंगाली मिठाई तैयार करना सेहत और जेब दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है। • सामग्रियों की सुलभता: केवल दूध, नींबू, पिसी चीनी और इलायची जैसी आम रसोई सामग्रियों से यह स्वादिष्ट व्यंजन तैयार हो जाता है। इसके लिए किसी विशेष सांचे या फैंसी बेकिंग सामग्री की खरीदारी करने की जरूरत नहीं पड़ती है। • आर्थिक बचत: बाजार से महंगी और मिलावटी मिठाइयां खरीदने के मुकाबले घर पर एक लीटर दूध से शुद्ध मिठाई बनाई जा सकती है। इससे त्योहार के बजट पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। • स्वास्थ्य और शुद्धता: ताजे छेने और सीमित चीनी से बनने के कारण यह बाजार में मिलने वाली तली और खोया आधारित भारी मिठाइयों से कहीं अधिक सुरक्षित है। इसमें किसी कृत्रिम रंग या प्रिजर्वेटिव की मिलावट का खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाता है। • समय का प्रबंधन: इस पूरी रेसिपी को तैयार करने में मुश्किल से 20 से 25 मिनट का समय लगता है। व्यस्त त्योहारी दिनचर्या के बीच भी इसे बिना अधिक झंझट के तुरंत बनाया जा सकता है। ऐसा क्यों हुआ पारंपरिक त्योहारी सीजन में लोग बाजार की मिलावटी मिठाइयों के विकल्प के रूप में घर पर बनने वाली सरल और ताजी पारंपरिक व्यंजनों की ओर रुख करते हैं। • त्योहारी मांग और शुद्धता की चिंता: दिवाली जैसे बड़े अवसरों पर बाजार में मावा और खोया में मिलावट के मामले काफी बढ़ जाते हैं। इसी कारण उपभोक्ता ताजे दूध से बनने वाली सुरक्षित और घरेलू मिठाइयों को प्राथमिकता देने लगे हैं। • सरल प्रक्रिया और न्यूनतम सामग्री: संदेश बनाने में जटिल चाशनी बनाने या गहरे तलने की जरूरत नहीं पड़ती है। सिर्फ दूध को फाड़कर छेना पकाने का सरल तरीका नौसिखिए रसोइयों को भी इसे आसानी से बनाने का विश्वास देता है। • क्षेत्रीय स्वादों की बढ़ती लोकप्रियता: पारंपरिक उत्तर भारतीय मिठाइयों के साथ-साथ अब विभिन्न राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों को राष्ट्रीय स्तर पर घरों में आजमाया जाने लगा है। बंगाल की दूध आधारित मिठाइयां अपनी हल्की मिठास और ताजगी के कारण हर क्षेत्र में पसंद की जा रही हैं। सवाल-जवाब 1. संदेश बनाने के लिए किस प्रकार के दूध का उपयोग करना चाहिए? संदेश तैयार करने के लिए 1 लीटर फुल क्रीम दूध का उपयोग करना सबसे अच्छा रहता है, ताकि पर्याप्त और मखमली छेना प्राप्त हो सके। 2. दूध फाड़ने के लिए नींबू के रस के अलावा क्या विकल्प है? दूध फाड़ने के लिए 2 से 3 बड़े चम्मच नींबू के रस की जगह सफेद सिरके का उपयोग भी किया जा सकता है। 3. छेने को ठंडे पानी से धोना क्यों आवश्यक है? छेने को साफ पानी से अच्छी तरह धोने से दूध फाड़ते समय डाले गए नींबू या सिरके का खट्टा स्वाद पूरी तरह निकल जाता है। 4. पैन में छेने और चीनी के मिश्रण को कितनी देर तक पकाना चाहिए? नॉनस्टिक पैन में धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए मिश्रण को केवल 5 से 10 मिनट तक ही पकाना चाहिए ताकि वह ज्यादा कड़ा न हो। 5. संदेश को गार्निश करने के लिए किन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है? तैयार लोइयों के ऊपर बारीक कटे हुए बादाम या पिस्ता लगाकर इसे खूबसूरती से सजाया जाता है। https://trendkia.com/food/tyohari-sijana-men-ghara-para-taiyara-karen-munha-men-ghula-jane-vala-bengali-sandesh-behada-sarala-hai-vidhi-53364 TrendKia — Har trend, sabse pehle.