उदयपुर में फलों के असली स्वाद और शहद-गुड़ की मिठास से बनी नेचुरल आइसक्रीम की धूम झीलों की नगरी उदयपुर में 'किसान घर' की प्राकृतिक आइसक्रीम लोगों को खूब लुभा रही है, जिसमें सीताफल, जामुन और अमरूद जैसे ताजे फलों के साथ शहद और गुड़ का प्रयोग किया गया है। झीलों, ऐतिहासिक महलों और अनूठे खान-पान के लिए मशहूर उदयपुर शहर में इन दिनों एक नई मिठास चर्चा का केंद्र बनी हुई है। यहां के स्थानीय बाशिंदे हमेशा से नए और लजीज व्यंजनों के शौकीन रहे हैं, लेकिन इस बार लोगों का ध्यान एक खास नेचुरल आइसक्रीम ने खींचा है। 'किसान घर' के नाम से पेश की जा रही यह आइसक्रीम पूरी तरह से प्राकृतिक फलों और पारंपरिक मिठास के साथ तैयार की जा रही है, जिसे चखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। सीताफल, जामुन और अमरूद के प्राकृतिक स्वाद का संगम बाजार में मिलने वाली सामान्य आइसक्रीम में जहां कृत्रिम फ्लेवर का चलन ज्यादा दिखता है, वहीं इस खास पेशकश में फलों के मूल स्वाद को बरकरार रखा गया है। इसमें ग्राहकों को सीताफल, आम, जामुन और अमरूद जैसे मौसमी और देसी फलों का असली स्वाद मिल रहा है। फलों के असली पल्प से तैयार होने के कारण इसका स्वाद बिल्कुल अलग और ताजगी भरा अहसास देता है। इन सभी वैरायटी में सीताफल आइसक्रीम की मांग सबसे ज्यादा देखी जा रही है, जिसका लाजवाब स्वाद हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। शहद और गुड़ की मिठास, केमिकल और एडिटिव्स से दूरी इस नेचुरल आइसक्रीम की सबसे बड़ी विशेषता इसे तैयार करने की विधि में छिपी है। पारंपरिक आइसक्रीम में रिफाइंड चीनी का इस्तेमाल होता है, जबकि इसे मीठा करने के लिए शुद्ध शहद और पारंपरिक गुड़ का सहारा लिया जा रहा है। इसके साथ ही इसे बनाने की प्रक्रिया में किसी भी तरह के हानिकारक केमिकल या अलग से कृत्रिम एडिटिव्स नहीं मिलाने का दावा किया गया है। यही कारण है कि सेहत और कुदरती खान-पान को प्राथमिकता देने वाले लोगों के बीच यह एक बेहतरीन और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प बनकर उभरी है। सांसद मेले के स्टॉल पर उमड़ रही भारी भीड़ उदयपुर शहर में आयोजित सांसद मेले के दौरान लगे 'किसान घर' के स्टॉल पर इस आइसक्रीम को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। मेले की रौनक देखने आए लोग खास तौर पर इस स्टॉल का रुख कर रहे हैं और विभिन्न स्वादों का आनंद ले रहे हैं। रोजमर्रा की पारंपरिक आइसक्रीम की जगह फलों के वास्तविक अर्क वाली यह आइसक्रीम बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी आयु वर्ग के लोगों को बेहद पसंद आ रही है। परिवार के साथ घूमने पहुंचे लोग अलग-अलग फ्लेवर का स्वाद चखने में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सीताफल फ्लेवर की मलाईदार बनावट बनी पहली पसंद विभिन्न फलों के बीच सीताफल फ्लेवर सबसे अलग और खास साबित हुआ है। सीताफल का प्राकृतिक गूदा अपनी स्वाभाविक मिठास और गाढ़ी मलाईदार बनावट के लिए जाना जाता है। जब इस गूदे को आइसक्रीम का रूप दिया जाता है, तो यह मुंह में घुलने वाला एक नया और समृद्ध स्वाद अनुभव कराता है। इस अनूठी क्रीमी बनावट की वजह से ही यह फ्लेवर लोगों की सबसे पहली पसंद बन गया है। पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए बना नया आकर्षण उदयपुर में घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक यहां के पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए हमेशा उत्सुक रहते हैं। ऐसे में 'किसान घर' की यह अनूठी पहल स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी तेजी से आकर्षित कर रही है। ताजे फलों के मेल और गुड़-शहद की प्राकृतिक मिठास से तैयार यह उत्पाद खान-पान के शौकीनों को एक नया जायका प्रदान कर रहा है। सांसद मेले में सजा यह स्टॉल शहर के फूड लवर्स के लिए आकर्षण का एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इसका आप पर असर यह नई पहल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों को बिना रासायनिक मिलावट के प्राकृतिक मीठे का एक शुद्ध और देसी विकल्प उपलब्ध कराती है। • भारत में: प्राकृतिक फलों और गुड़-शहद से बनी आइसक्रीम का बढ़ता चलन देश भर में पारंपरिक चीनी और केमिकल युक्त डेजर्ट्स के प्रति एक स्वस्थ बदलाव को दर्शाता है। इससे आने वाले समय में अन्य शहरों के फूड स्टार्टअप्स भी देसी सामग्रियों के इस्तेमाल को बढ़ावा दे सकते हैं। • उदयपुर में: शहर के स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सांसद मेले में 'किसान घर' के स्टॉल पर ताजे फलों से बनी इस आइसक्रीम का सीधा अनुभव मिल रहा है। लोग अपने पूरे परिवार के साथ बिना किसी कृत्रिम फ्लेवर की चिंता किए शुद्ध और पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ खान-पान में शुद्धता और प्राकृतिक तत्वों की बढ़ती मांग ने पारंपरिक चीनी और कृत्रिम स्वादों के बजाय असली फलों और देसी मिठास के इस विकल्प को जन्म दिया है। • प्राकृतिक अवयवों का चयन: ग्राहकों की स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम एडिटिव्स और रिफाइंड चीनी को हटाकर सीधे फलों के पल्प, शहद और गुड़ का इस्तेमाल किया गया। इससे उत्पाद का स्वाद बाजार की आम आइसक्रीम से बिल्कुल भिन्न और आकर्षक बन गया। • सीताफल और स्थानीय फलों की लोकप्रियता: सीताफल, जामुन और अमरूद जैसे फलों में स्वाभाविक रूप से समृद्ध स्वाद और मलाईदार गूदा होता है। इन खूबियों का सही उपयोग करके एक अनूठी क्रीमी बनावट तैयार करना संभव हो सका। • मेले में मंच मिलना: उदयपुर में चल रहे सांसद मेले ने 'किसान घर' को व्यापक जनसमूह तक पहुंचने का अवसर दिया। यहां मिले मंच की वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने इसे चखा और इसकी लोकप्रियता तेजी से फैल गई। सवाल-जवाब 1. उदयपुर में किस नाम से यह नेचुरल आइसक्रीम पेश की जा रही है? यह नेचुरल आइसक्रीम 'किसान घर' के नाम से उपलब्ध कराई जा रही है। 2. इस आइसक्रीम में कौन-कौन से फलों के फ्लेवर मिल रहे हैं? इसमें सीताफल, आम, जामुन और अमरूद जैसे ताजे फलों के फ्लेवर शामिल हैं। 3. आइसक्रीम में मिठास के लिए किन चीजों का उपयोग किया गया है? इस आइसक्रीम को मीठा करने के लिए पारंपरिक गुड़ और शुद्ध शहद का इस्तेमाल किया जा रहा है। 4. क्या इस आइसक्रीम को बनाने में केमिकल मिलाए जाते हैं? इसे तैयार करने में किसी भी प्रकार के केमिकल या अलग से आर्टिफिशियल एडिटिव्स का इस्तेमाल न करने का दावा किया गया है। 5. उदयपुर में यह आइसक्रीम किस जगह लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है? उदयपुर में आयोजित सांसद मेले के स्टॉल पर यह आइसक्रीम लोगों के बीच मुख्य आकर्षण बनी हुई है। 6. ग्राहकों द्वारा सबसे ज्यादा कौन सा फ्लेवर पसंद किया जा रहा है? अपनी प्राकृतिक मिठास और मलाईदार बनावट के कारण सीताफल फ्लेवर लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है। https://trendkia.com/food/udaipur-men-phalon-ke-asali-svada-aura-shahada-gura-ki-mithasa-se-bani-nechurala-aisakrima-ki-dhuma-45978 TrendKia — Har trend, sabse pehle.