# उकडीचे मोदक भाप में फटने से कैसे बचाएं, जानें सही आटा और स्टफिंग तैयार करने की विधि

> चावल के आटे में बराबर मात्रा में दूध मिलाने और सही समय तक भाप देने से उकडीचे मोदक बिना टूटे बेहद मुलायम बनते हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/ukadiche-modak-bhapa-men-phatane-se-kaise-bachaen-janen-sahi-ata-aura-staphinga-taiyara-karane-ki-vidhi-34492 · **Language:** Hindi
**Tags:** उकडीचे मोदक, मोदक रेसिपी, चावल का आटा, गणेश चतुर्थी, पारंपरिक मिठाई, कुकिंग टिप्स

घर की रसोई में उकडीचे मोदक तैयार करना कई बार काफी झंझट भरा काम लगने लगता है, खासकर जब चावल की बाहरी परत भाप लगते ही चटकने लगे या फिर सांचे से निकालते वक्त बिखर जाए। मोदक का सारा जायका और खूबसूरती उसकी पतली, रेशमी और लचीली बाहरी सतह पर ही टिकी होती है। कई बार अच्छी सामग्री चुनने के बाद भी वैसी नफासत नहीं आ पाती जैसी पारंपरिक हलवाइयों के बनाए मोदक में दिखती है। इसकी मुख्य वजह सामग्री की कमी नहीं, बल्कि चावल की उकड यानी आटा पकाने और गूंथने की तकनीक में होने वाली बारीक गलतियां होती हैं। सही तापमान पर तरल को उबालना, आटे का उचित अनुपात रखना और भाप के दबाव को समझना ही मोदक को फटने से बचाने का असली फॉर्मूला है।

## दूध और पानी के सही अनुपात से तैयार करें उकड
उकडीचे मोदक की बाहरी परत को लचीला और कोमल बनाए रखने के लिए तरल का सटीक मिश्रण बनाना पहला जरूरी कदम है। जब आटा बहुत कड़ा रह जाता है, तो उसे सांचे में पतली परत के रूप में फैलाना मुश्किल होता है और भाप में पकते ही उसमें दरारें आ जाती हैं। इसके उलट जरूरत से ज्यादा गीला आटा अपना आकार नहीं संभाल पाता। इसके समाधान के लिए एक गहरे बर्तन में आधा कप साफ पानी और आधा कप सादा दूध एक साथ लें। इसी बर्तन में आधा छोटा चम्मच घी, एक चुटकी सादा नमक और एक चुटकी चीनी मिला लें। इस पूरे घोल को मध्यम आंच पर तब तक रखें जब तक कि इसमें बढ़िया उबाल न आने लगे। दूध मिलाने से मोदक की परत बेहद मुलायम बनती है, जबकि घी आटे को भीतर से रूखा और बेजान होने से रोकता है।

## चावल का आटा मिलाने और भाप में पकाने का तरीका
जैसे ही दूध और पानी के मिश्रण में तेज उबाल दिखने लगे, गैस की आंच को तुरंत धीमा कर दें। अब इसमें 1 कप बारीक पिसा हुआ चावल का आटा धीरे-धीरे डालें। इस दौरान किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचें। आटा डालते ही किसी चौड़े चम्मच अथवा लकड़ी के बेलन के पिछले हिस्से से मिश्रण को तेजी से चारों तरफ चलाएं ताकि आटे में जरा सी भी गुठली या सूखापन न बचे। जब पूरा आटा तरल को सोख ले, तब बर्तन पर ढक्कन लगाएं और बहुत ही धीमी आंच पर इसे लगभग 3 से 4 मिनट तक भाप में पकने दें। निर्धारित समय पूरा होने के बाद गैस का चूल्हा बंद कर दें, लेकिन बर्तन का ढक्कन तुरंत बिल्कुल न हटाएं। आटे को गर्म भाप के बीच ही करीब 5 मिनट तक ढका रहने दें। भाप के इसी असर से चावल का कण-कण अच्छी तरह फूल जाता है और आटा बाद में गूंथते समय एकदम लचीला बनता है।

## नारियल और गुड़ की रसीली भरावन बनाने का नियम
मोदक का असली स्वाद उसके भीतर भरी जाने वाली नारियल और गुड़ की स्टफिंग पर निर्भर करता है। भरावन तैयार करने के लिए एक कड़ाही में एक छोटा चम्मच घी गर्म करें। घी पिघलने पर इसमें 1 कप कद्दूकस किया हुआ ताजा गीला नारियल और आधा कप बारीक कद्दूकस किया हुआ गुड़ डाल दें। आंच को धीमा रखें और लगातार चमचे से चलाते हुए गुड़ को पिघलने दें। जैसे ही गुड़ पूरी तरह पिघलकर नारियल के लच्छों में एकसार मिल जाए, गैस तुरंत बंद कर दें। इस मिश्रण को ज्यादा देर तक आंच पर पकाने की गलती न करें, क्योंकि जरूरत से ज्यादा पकाने पर चाशनी गाढ़ी हो जाती है और ठंडा होने के बाद भरावन एकदम सख्त और सूखा हो जाता है। तैयार भरावन को कड़ाही से निकालकर एक अलग थाली में फैला दें ताकि वह कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडी हो जाए।

## आटे को हथेलियों से मसलकर चिकना करना जरूरी
जब पकाया हुआ आटा हल्का गर्म रह जाए, तब उसे किसी चौड़ी परात या बड़ी थाली में निकाल लें। अपने दोनों हाथों पर हल्का सा घी या हल्का गुनगुना पानी लगाएं और आटे को गूंथना शुरू करें। लगभग 3 से 4 मिनट तक अपनी हथेलियों के निचले हिस्से से दबाव बनाते हुए आटे को लगातार मसलें। यह प्रक्रिया जितनी अच्छी तरह की जाएगी, आटे की सतह उतनी ही अधिक चमकदार और चिकनी होती जाएगी। इस चरण में लापरवाही बरतने से मोदक के किनारों पर महीन दरारें पड़ने की आशंका बनी रहती है। जितना चिकना आटा तैयार होगा, सांचे के भीतर उसकी उतनी ही महीन और मजबूत दीवार बनाई जा सकेगी।

## सांचे में भरावन भरने और भाप में पकाने की सही तकनीक
मोदक के सांचे का इस्तेमाल करने से पहले उसके अंदरूनी हिस्से पर उंगलियों से हल्का सा घी लगा लें। अब तैयार आटे में से एक छोटी लोई तोड़ें, उसे सांचे के खांचे में रखें और उंगलियों के सहारे अंदर की सभी दीवारों पर एकसमान फैलाएं। ध्यान रहे कि आटे की यह परत न तो बहुत मोटी हो और न ही इतनी पतली कि फट जाए। बीच के हिस्से में भरावन डालने के लिए पर्याप्त खाली जगह रखें। अब इस खाली जगह में पहले से ठंडी हो चुकी नारियल और गुड़ की स्टफिंग भरें। इसके बाद थोड़ा सा आटा लेकर नीचे के खुले हिस्से को हल्के हाथों से दबाते हुए पूरी तरह सील कर दें। अब सांचे को बहुत ही सावधानी से धीरे-धीरे खोलें ताकि मोदक की बारीक कलियां बिना टूटे सुरक्षित बाहर निकल आएं।

अब किसी बड़े स्टीमर या गहरे भगोने में पानी उबालने के लिए चढ़ाएं। स्टीमर की छलनी के ऊपर केले का साफ पत्ता बिछाएं या फिर छलनी पर हल्का सा घी मल दें, जिससे मोदक नीचे की सतह पर न चिपकें। तैयार मोदक को छलनी पर थोड़ी-थोड़ी दूरी बनाकर रखें ताकि भाप हर एक मोदक के चारों तरफ बराबर लग सके। बर्तन का ढक्कन अच्छी तरह बंद करें और मध्यम से तेज आंच के बीच इन्हें करीब 7 से 8 मिनट तक भाप में पकने दें। मोदक को तय समय से ज्यादा देर तक भाप में न रखें, अन्यथा उनकी बाहरी परत सख्त और रूखी हो जाती है। जब मोदक की सतह पर एक हल्की सी स्वाभाविक चमक दिखने लगे, तब समझें कि वे पूरी तरह पक चुके हैं और उन्हें तुरंत स्टीमर से बाहर निकाल लें।

## इसका आप पर असर
घर पर पारंपरिक उकडीचे मोदक बनाते समय फटने और टूटने की समस्या से बचने के लिए यह तरीका बेहद कारगर है।

- **सामग्री की बचत:** दूध और पानी का सही संतुलन रखने से मोदक भाप में फटने से बचते हैं। इससे त्योहारों पर महंगी सामग्री जैसे नारियल, घी और गुड़ की बर्बादी नहीं होती।
- **बनावट में सुधार:** चावल के आटे में आधा दूध मिलाने से मोदक की बाहरी परत लंबे समय तक मुलायम रहती है। सामान्य पानी से बना मोदक ठंडा होने पर जल्दी कड़ा हो जाता है।
- **समय का प्रबंधन:** आटे को 5 मिनट भाप में सेट करने और 7 से 8 मिनट पकाने का नियम याद रखें। सही समय पर गैस बंद करने से मोदक की परत सूखने से बच जाती है।
- **सुविधाजनक तैयारी:** नारियल और गुड़ की स्टफिंग को पहले से बनाकर ठंडा कर लेने से भरावन आसान होता है। गर्म स्टफिंग से आटा पिघलने का खतरा हमेशा के लिए खत्म हो जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
उकडीचे मोदक के भाप में चटकने या सांचे में टूटने की मुख्य वजह चावल के आटे में रूखापन और नमी के असंतुलन का होना है।

- **दूध और वसा की कमी:** केवल सादे पानी में चावल पकाने से आटे में लचीलापन कम रह जाता है। दूध और घी की मौजूदगी आटे के स्टार्च को नरम करके टूटने से बचाती है।
- **गुठलियां और कम मथाई:** उबलते तरल में आटा डालते समय तेजी से न चलाने पर भीतर सूखे दाने रह जाते हैं। बाद में हथेलियों से पर्याप्त न मसलने पर ये दाने भाप लगते ही दरार बन जाते हैं।
- **अधिक देर तक पकाना:** नारियल और गुड़ की भरावन को ज्यादा पकाने से वह ठंडी होकर सख्त हो जाती है। इसके अलावा मोदक को 8 मिनट से ज्यादा भाप देने पर बाहरी परत की नमी पूरी तरह उड़ जाती है।

## सवाल-जवाब

### 1. उकडीचे मोदक का आटा बनाते समय पानी और दूध का अनुपात क्या होना चाहिए?
आटे के लिए आधा कप पानी और आधा कप दूध का मिश्रण लेना चाहिए, जिसमें आधा छोटा चम्मच घी, चुटकी भर नमक और चीनी मिलाई जाती है।

### 2. चावल का आटा डालने के बाद उसे कितनी देर भाप में पकाना चाहिए?
आटा मिलाने के बाद धीमी आंच पर 3 से 4 मिनट ढककर पकाएं और फिर गैस बंद करके 5 मिनट तक भाप में ही सेट होने दें।

### 3. नारियल और गुड़ की स्टफिंग को कितनी देर पकाना सही रहता है?
धीमी आंच पर गुड़ के पिघलकर नारियल में अच्छी तरह मिलते ही गैस बंद कर देनी चाहिए, ज्यादा पकाने से स्टफिंग सूखकर सख्त हो जाती है।

### 4. मोदक को स्टीमर में कुल कितनी देर तक भाप में पकाना चाहिए?
मोदक को मध्यम से तेज आंच पर करीब 7 से 8 मिनट भाप में पकाना चाहिए, जब तक कि उन पर हल्की चमक न दिखने लगे।

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