# उत्तर प्रदेश के बलिया में पनीर लिट्टी का अनोखा जायका, ग्रेवी में दोबारा पककर बनती है खास

> उत्तर प्रदेश के बलिया में पनीर लिट्टी का नया रूप खाने के शौकीनों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। सत्तू से तैयार होने वाली पारंपरिक लिट्टी को यहां ग्रेवी और पनीर के साथ फिर से पकाया जाता है, जिसे चखने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/unique-paneer-litti-in-ballia-uttar-pradesh-cooked-twice-in-gravy-creates-food-buzz-50136 · **Language:** Hindi
**Tags:** पनीर लिट्टी, बलिया फूड, उत्तर प्रदेश व्यंजन, ओडीओपी योजना, सत्तू लिट्टी, स्ट्रीट फूड

उत्तर प्रदेश के बलिया शहर में इन दिनों एक बेहद अनोखा फूड एक्सपेरिमेंट तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। यहां मिलने वाली पनीर लिट्टी का स्वाद खाने के शौकीनों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। पारंपरिक लिट्टी को जब मसालेदार ग्रेवी और मक्खन जैसे नरम पनीर के साथ मिलाकर दोबारा पकाया जाता है, तो इसका जायका पूरी तरह बदल जाता है और यह लोगों की जुबान पर छा जाता है।

बलिया रेलवे स्टेशन के नजदीक शीश महल के पास स्थित इस दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। दुकान संचालक गोविंद कुमार माली इस लजीज व्यंजन को तैयार करने की अनोखी प्रक्रिया के बारे में बताते हैं। सबसे पहले आटे के अंदर सत्तू भरकर उसे पारंपरिक ढंग से पकाया जाता है। इसके बाद उस पकी हुई लिट्टी को प्याज की खुशबूदार मसालेदार ग्रेवी और पनीर के टुकड़ों के साथ कढ़ाई में डालकर फिर से पकाया जाता है। इस दोहरी पकाने की प्रक्रिया की वजह से लिट्टी बेहद मुलायम हो जाती है और मुंह में जाते ही घुल जाती है।

इस लजीज व्यंजन की ख्याति अब सिर्फ बलिया तक ही सीमित नहीं रही है, बल्कि एनएच-31 पर स्थित इस दुकान पर आसपास के कई जिलों से लोग स्वाद लेने पहुंचते हैं। बनारस, बक्सर, गाजीपुर, सीवान, गोपालगंज के अलावा बलिया की सातों विधानसभा क्षेत्रों से आने वाले लोग इस जायके का लुत्फ उठाते हैं। मात्र पचास रुपए प्रति प्लेट मिलने वाले इस भोजन की दीवानगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां खाने वालों का तांता लगा रहता है। टकरसन से खास तौर पर पनीर लिट्टी का स्वाद लेने पहुंचे रितिक ने इस अनोखे व्यंजन की तारीफ करते हुए इसके स्वाद को बेजोड़ बताया।

बलिया की पारंपरिक लिट्टी वैसे भी देश-दुनिया में अपनी एक अलग पहचान रखती है और इसे सरकार की ओडीओपी योजना के तहत भी स्थान मिला हुआ है। लेकिन इस नए अंदाज ने इस पारंपरिक व्यंजन को एक बिल्कुल अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है। जो लोग भी एक बार इस ग्रेवी वाली पनीर लिट्टी का स्वाद चख लेते हैं, वे इसकी सोंधी खुशबू और लाजवाब स्वाद के कारण बार-बार यहां खिंचे चले आते हैं।

## इसका आप पर असर
यह अनोखा व्यंजन खाने के शौकीनों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद किफायती दाम पर एक नया स्वाद लेकर आया है।

- **बलिया में:** स्थानीय लोगों और आसपास के जिलों से आने वाले यात्रियों को सिर्फ पचास रुपए में एक नया और अनूठा स्वाद मिल रहा है।
- **भारत में:** पारंपरिक व्यंजनों में किए जा रहे ऐसे प्रयोग देश भर के स्थानीय बाजारों और फूड स्टार्टअप्स को नई पहचान दे रहे हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
इस अनोखी रेसिपी के पीछे पारंपरिक खाद्य पदार्थों में नए प्रयोग करने की सोच और स्थानीय खानपान को आधुनिक पसंद के अनुसार ढालने की प्रवृत्ति है।

- **पारंपरिक आधार:** बलिया की मूल लिट्टी और सत्तू का इस्तेमाल इस रेसिपी का मुख्य आधार है जिसे ओडीओपी योजना से भी बल मिला है।
- **ग्राहक मांग:** खाने के शौकीनों के बीच कुछ नया और अलग आजमाने की चाहत ने दुकानदारों को इस तरह के प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया है।

## सवाल-जवाब

### 1. बलिया में यह विशेष पनीर लिट्टी कहां मिलती है?
यह दुकान बलिया रेलवे स्टेशन के पास शीश महल के नजदीक और एनएच-31 पर स्थित है।

### 2. इस पनीर लिट्टी की एक प्लेट की कीमत कितनी है?
इस पनीर लिट्टी की एक प्लेट की कीमत पचास रुपए है।

### 3. इस लिट्टी को बनाने की प्रक्रिया क्या है?
पहले आटे में सत्तू भरकर लिट्टी पकाई जाती है और फिर उसे प्याज की मसालेदार ग्रेवी व पनीर के साथ दोबारा पकाया जाता है।

### 4. इस दुकान पर किन-किन इलाकों से लोग आते हैं?
यहां बलिया के अलावा बनारस, बक्सर, गाजीपुर, सीवान और गोपालगंज से लोग खाने आते हैं।

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