# उपवास में दिनभर चुस्त रखेगा पौष्टिक फलाहारी मखाना सूप, घर पर ऐसे करें तैयार

> उपवास के समय आलस और थकान को मात देने के लिए पोषक तत्वों से लबालब मखाना सूप एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आया है।

**Type:** article · **Category:** खानपान · **Published:** 2026-10-15 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/food/upavasa-men-dinabhara-chusta-rakhega-paushtika-phalahari-makhana-supa-ghara-para-aise-karen-taiyara-47902 · **Language:** Hindi
**Tags:** मखाना सूप, फलाहारी रेसिपी, व्रत का खाना, उपवास डाइट, हेल्दी सूप

धार्मिक अनुष्ठानों या व्रत के दिनों में अक्सर लोगों की ऊर्जा तेजी से कम होने लगती है, जिसके चलते भारी सुस्ती और लगातार नींद का अहसास घेरे रहता है। उपवास के दौरान शरीर को एक्टिव बनाए रखने के लिए पोषक खानपान चुनना सबसे अहम माना जाता है। ज्यादातर लोग तुरंत शक्ति पाने के लिए सूखे भुने हुए मखाने चबाना पसंद करते हैं, लेकिन इसी मखाने से एक स्वादिष्ट और हल्का फलाहारी सूप भी तैयार किया जा सकता है। यह गरमा-गरम सूप पेट पर भारी नहीं पड़ता और कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन व फाइबर जैसे जरूरी तत्वों से समृद्ध होने के कारण देर तक भूख और कमजोरी को दूर रखता है।

## सूप तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पौष्टिक फलाहारी सूप को बनाने के लिए घर की रसोई में मौजूद साधारण चीजों की जरूरत होती है। नीचे दी गई सामग्री जुटाकर आप इसे आसानी से बना सकते हैं

- डेढ़ (1.5) कप मखाना
- आधा (1/2) कप कच्ची मूंगफली
- एक उबला हुआ आलू
- एक मध्यम आकार का टमाटर
- तीन बड़े चम्मच शुद्ध देसी घी
- स्वादानुसार सेंधा नमक
- आधा छोटा चम्मच पिसी हुई काली मिर्च
- आधा छोटा चम्मच भुने हुए जीरे का पाउडर
- आधा इंच बारीक कद्दूकस किया हुआ ताजा अदरक
- एक बारीक कटी हुई हरी मिर्च
- दो से तीन कप साफ पानी
- एक छोटा चम्मच ताजा नींबू का रस
- सजावट के लिए बारीक कटी हुई ताजी हरी धनिया पत्ती

## स्टेप-बाय-स्टेप पकाने की विधि
इस फलाहारी सूप को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे कुछ ही मिनटों में गरमा-गरम परोसा जा सकता है। बनाने का पूरा क्रम इस प्रकार है

- सबसे पहले एक चौड़े पैन को आंच पर चढ़ाएं और उसमें एक बड़ा चम्मच देसी घी गर्म करें। अब डेढ़ कप मखाने डालकर धीमी आंच पर तब तक चलाते रहें जब तक वे पूरी तरह कुरकुरे न हो जाएं, फिर उन्हें किसी खुली प्लेट में निकाल लें।
- उसी बर्तन में दोबारा एक चम्मच देसी घी डालें और आधा कप मूंगफली डालकर लगभग दो मिनट तक हल्का सुनहरा होने तक भूनें। सिक जाने के बाद मूंगफली को भी अलग बर्तन में निकाल कर रख लें।
- इसके बाद कड़ाही में बचा हुआ एक चम्मच घी डालें और उसमें आधा चम्मच साबुत जीरा डालकर तड़काएं। जीरा चटकते ही कद्दूकस की गई अदरक और कटी हुई हरी मिर्च डालकर हल्की खुशबू आने तक भून लें।
- अब पैन में बारीक कटा टमाटर डालें और उसके नरम पड़ते ही उबले आलू के टुकड़े शामिल करें। इसी समय आवश्यकतानुसार सेंधा नमक मिला दें और करीब पांच मिनट तक सामग्री को अच्छी तरह कलछी से चलाते हुए भूनें, फिर पहले से भुनी हुई मूंगफली भी इसमें मिला दें।
- सब्जियां भुनने के बाद मिश्रण में दो कप पानी डालें। साथ ही भुना जीरा पाउडर और कुटी काली मिर्च डालकर कलछी से मिला दें और ऊपर से एक छोटा चम्मच नींबू का रस निचोड़ें।
- सूप को मध्यम आंच पर तब तक खदकने दें जब तक कि उसका रसा गाढ़ा और एकसार न हो जाए। मनचाहा गाढ़ापन आने पर आंच बंद कर दें, तुरंत रोस्ट किए हुए कुरकुरे मखाने डालकर मिलाएं और कटी हरी धनिया से सजाकर गरमा-गरम परोसें।

## इसका आप पर असर
यह फलाहारी सूप उपवास रखने वालों को कमजोरी और सिरदर्द से बचाकर दिनभर ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।

- **शारीरिक ऊर्जा पर:** व्रत में सुस्ती और थकान दूर करने के लिए यह सूप तुरंत ताकत देता है। मखाने और मूंगफली में मौजूद प्रोटीन व मैग्नीशियम लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं।
- **पाचन स्वास्थ्य पर:** हल्का और सुपाच्य होने के कारण यह सूप पेट में भारीपन नहीं होने देता। उबले आलू और टमाटर का संतुलित मिश्रण एसिडिटी की समस्या से बचाव करता है।
- **पोषक तत्वों की पूर्ति:** इसमें पर्याप्त कैल्शियम और फाइबर होने से हड्डियों तथा मांसपेशियों को कमजोरी महसूस नहीं होती। कम सामग्री में भी शरीर को जरूरी सूक्ष्म पोषक तत्व आसानी से मिल जाते हैं।
- **घर पर तैयारी में:** इसे बनाने में बहुत कम समय और सामान्य रसोई सामग्री लगती है। कामकाजी लोग भी इसे व्रत के दौरान झटपट बनाकर ताजगी महसूस कर सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
उपवास के दौरान शरीर में कार्बोहाइड्रेट और तरल पदार्थों की अचानक कमी होने से कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में सामान्य तले-भुने खानपान की जगह पोषक तरल आहार शरीर की कार्यप्रणाली को सामान्य बनाए रखता है।

- **पोषक तत्वों की आवश्यकता:** कई घंटों तक ठोस भोजन न लेने पर शरीर को तुरंत अवशोषित होने वाले पोषक तत्वों की दरकार होती है। मखाने में मौजूद कैल्शियम और फाइबर रक्त शर्करा को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
- **ऊर्जा की कमी से निपटना:** सिर्फ भुने मखाने खाने से कई बार प्यास और सूखापन महसूस होता है। तरल सूप के रूप में लेने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहता है।
- **हल्के आहार का चुनाव:** भारी फलाहारी पकवान जैसे कुट्टू की पूरी आदि पचने में समय लेते हैं और आलस बढ़ाते हैं। यह सूप सुपाच्य होने के कारण शरीर को चुस्त रखते हुए भूख मिटाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. व्रत के दौरान मखाना सूप पीना क्यों फायदेमंद माना जाता है?
यह सूप हल्का और सुपाच्य होता है, साथ ही इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, मैग्नीशियम और फाइबर भरपूर मात्रा में होते हैं जो दिनभर स्फूर्ति बनाए रखते हैं।

### 2. सूप बनाने के लिए कितनी मात्रा में मखाने और मूंगफली का उपयोग किया जाता है?
इस रेसिपी में डेढ़ कप मखाना और आधा कप मूंगफली का इस्तेमाल किया जाता है।

### 3. सूप में कौन से मुख्य मसाले और खट्टा स्वाद डाला जाता है?
इसमें सेंधा नमक, पिसी काली मिर्च, भुना जीरा पाउडर, हरी मिर्च, अदरक और खटास के लिए एक चम्मच नींबू का रस डाला जाता है।

### 4. मखानों को सूप में कब डालना चाहिए?
मखानों को पहले अलग से घी में भून लें और जब सूप पूरी तरह पककर गाढ़ा हो जाए तब गैस बंद करके उन्हें अंत में मिलाएं ताकि वे क्रंची रहें।

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