व्रत के दिनों में बनाएं पौष्टिक राजगीरा फ्रूट खीर, दिनभर बनी रहेगी ऊर्जा नवरात्रि या अन्य व्रतों के दौरान साबूदाना और समा के चावल की खीर से अलग कुछ नया ट्राई करना चाहते हैं, तो राजगीरा फ्रूट खीर एक बेहतरीन और ऊर्जा से भरपूर विकल्प है। व्रत के दौरान साबूदाना और समा के चावल से तैयार खीर का सेवन तो आपने कई बार किया होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी बेहद पौष्टिक, झटपट तैयार होने वाली और स्वाद से भरपूर खीर की विधि बताने जा रहे हैं, जो आपके व्रत के अनुभव को पूरी तरह बदल देगी। इस खास खीर में आपको बिल्कुल फ्रूट क्रीम जैसा शानदार स्वाद मिलेगा। इसमें ताजे फलों का इस्तेमाल करने से इसकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है। व्रत के दौरान केवल एक कटोरी इस खीर का सेवन करने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और शरीर में कमजोरी या थकान महसूस नहीं होगी। नवरात्रि के पावन दिनों में आप इस स्वादिष्ट राजगीरा फ्रूट खीर को जरूर बनाकर खाएं क्योंकि इसकी रेसिपी बेहद आसान है और यह शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करती है। बादाम और राजगीरा को भिगोने की शुरुआती प्रक्रिया इस शानदार रेसिपी को तैयार करने के लिए सबसे पहले 10 से 12 बादाम को साफ पानी में भिगोकर कुछ देर के लिए छोड़ दें। इसके बाद आपको मुख्य सामग्री के रूप में राजगीरा या अमरंथ के दाने लेने हैं। लगभग आधा कप राजगीरा लेकर उसे अच्छी तरह पानी से धो लें। अब इसे एक छन्नी में डालकर छान लें, जिससे सारा अतिरिक्त पानी अच्छी तरह से निकल जाए। पानी पूरी तरह निकल जाने के बाद इस धुले हुए राजगीरा को आधे घंटे के लिए पानी में भिगोकर अलग रख दें, ताकि यह पकने के लिए अच्छी तरह नरम हो जाए। दूध उबालना और बादाम का पेस्ट तैयार करना अगले चरण में एक भारी तले की कड़ाही में 3 कप गाढ़ा दूध लें और उसे गैस पर उबालने के लिए रख दें। इसके लिए आप उबले हुए या कच्चे दोनों में से किसी भी तरह के दूध का इस्तेमाल कर सकते हैं। अब जो बादाम आपने पानी में भिगोकर रखे थे, उन्हें छीलकर मिक्सी के जार में डालें। इसके साथ ही जार में एक चौथाई कप दूध मिलाएं और बादाम को बिल्कुल बारीक पीस लें। जब कड़ाही में रखा दूध अच्छी तरह गर्म हो जाए, तब तैयार किया गया यह बादाम वाला मिश्रण उसमें मिला दें। इसके बाद पानी में अच्छी तरह भीगा हुआ राजगीरा भी दूध में डाल दें और इसे मध्यम आंच पर पकने के लिए छोड़ दें। ड्राई फ्रूट्स और मिश्री के साथ राजगीरा पकाना अब इस मिश्रण में राजगीरा के अच्छी तरह गलने तक इसे लगातार पकाते रहें। इस दौरान आप अपनी पसंद के अनुसार अन्य ड्राई फ्रूट्स जैसे कि काजू, पिस्ता, चिरौंजी और किशमिश भी इसमें शामिल कर सकते हैं, जिससे इसका स्वाद और भी अधिक बढ़ जाएगा। इस खीर को मीठा करने के लिए चीनी की जगह मिश्री का इस्तेमाल करना सबसे अच्छा रहता है। आप मिश्री को मिक्सी में पीसकर पाउडर बना सकते हैं या फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में कूटकर इसमें मिला सकते हैं। राजगीरा को तब तक पकाना है जब तक कि यह साबूदाना की तरह बिल्कुल नरम और पारदर्शी न हो जाए। फलों और इलायची को मिलाकर ठंडा करना जब खीर अच्छी तरह गाढ़ी हो जाए और सभी सामग्रियां आपस में घुल-मिल जाएं, तो गैस का चूल्हा बंद कर दें और खीर को सामान्य तापमान पर ठंडा होने दें। जब यह पूरी तरह ठंडी हो जाए, तब इसमें ताजे फल मिलाए जाते हैं। इसके लिए सेब, अनार, खुबानी और केले को बारीक टुकड़ों में काट लें और ठंडी हो चुकी खीर में इन्हें मिला दें। इसके ऊपर से बारीक पिसी हुई हरी इलायची का पाउडर छिड़क दें ताकि एक बेहतरीन खुशबू और स्वाद आ सके। अब इस तैयार खीर को कुछ देर के लिए फ्रिज में रखकर अच्छी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। इसे एक सुंदर सर्विंग बाउल में निकालें और अपनी पसंद के अनुसार ऊपर से थोड़ी सी टूटी फ्रूटी गार्निशिंग के लिए मिला सकते हैं। इस खीर को हमेशा ठंडी-ठंडी ही परोसें। खाने में यह बेहद मजेदार स्वाद देती है और इसके सेवन से शरीर को पूरे दिन के लिए भरपूर एनर्जी भी मिलती है। जो लोग अपने खानपान में ग्लूटेन फ्री आहार शामिल करना चाहते हैं, उनके लिए यह फ्रूट खीर एक बेहद शानदार और सेहतमंद विकल्प साबित होती है। इसका आप पर असर व्रत के दौरान खानपान और पोषण को लेकर जागरूक रहने वाले लोगों के लिए यह रेसिपी विशेष महत्व रखती है। • शारीरिक ऊर्जा: व्रत के दौरान दिनभर कमजोरी महसूस नहीं होती है। इस पौष्टिक खीर के सेवन से शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहती है। • पाचन स्वास्थ्य: ग्लूटेन फ्री आहार चाहने वालों के लिए यह एक उत्तम विकल्प है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और भारीपन महसूस नहीं होने देती। ऐसा क्यों हुआ व्रत के व्यंजनों में पारंपरिक अनाज की जगह पौष्टिक तत्वों को शामिल करने की आवश्यकता को ध्यान में रखकर यह रेसिपी बनाई जाती है। • पोषण का महत्व: राजगीरा और ताजे फल शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं। सादी खीर की तुलना में इसमें फाइबर और विटामिन्स की मात्रा अधिक होती है। • व्रत की जरूरतें: लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने के लिए सूखे मेवे और दूध का मेल जरूरी होता है। यह संयोजन व्रत के लंबे घंटों के दौरान उपवास रखने वालों को कमजोरी से बचाता है। सवाल-जवाब 1. राजगीरा फ्रूट खीर में कौन-कौन से मुख्य फल मिलाए जाते हैं? इस खीर में बारीक कटे हुए सेब, अनार, खुबानी और केले का इस्तेमाल किया जाता है। 2. खीर को मीठा करने के लिए किस चीज का प्रयोग किया जाता है? खीर को मीठा करने के लिए पिसी हुई या कुटी हुई मिश्री का उपयोग किया जाता है। 3. क्या यह रेसिपी ग्लूटेन फ्री है? हाँ, राजगीरा और फलों से बनी यह खीर ग्लूटेन फ्री आहार चाहने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। 4. राजगीरा को पकाने से पहले कितनी देर भिगोना चाहिए? धोने और छानने के बाद राजगीरा को लगभग आधे घंटे के लिए पानी में भिगोकर छोड़ना चाहिए। https://trendkia.com/food/vrata-ke-dinon-men-banaen-paushtika-rajgira-fruit-kheer-dinabhara-bani-rahegi-urja-48033 TrendKia — Har trend, sabse pehle.