6-4 के रोमांचक मुकाबले में खत्म हुआ दिदिएर देशम्प्स का 14 साल का सफर, एफएफएफ अध्यक्ष ने की तारीफ फ्रांस के मुख्य कोच दिदिएर देशम्प्स का 14 साल लंबा कार्यकाल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड के हाथों 6-4 की हार के साथ खत्म हुआ। फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष फिलिप डियालो ने खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और फैंस को धन्यवाद कहते हुए देशम्प्स की उपलब्धियों को याद किया। फ्रांस के मुख्य कोच दिदिएर देशम्प्स का 14 साल लंबा सफर आखिरकार उसी अंदाज़ में खत्म हुआ, जैसा यह पूरा फीफा वर्ल्ड कप 2026 अब तक रहा है, यानी रोमांच और उठापटक से भरा। शनिवार को तीसरे स्थान के मुकाबले में फ्रांस को इंग्लैंड के हाथों 6-4 से हार का सामना करना पड़ा, और इसके तुरंत बाद फ्रेंच फुटबॉल फेडरेशन (एफएफएफ) के अध्यक्ष फिलिप डियालो ने खिलाड़ियों, कोच देशम्प्स और पूरी टीम को धन्यवाद कहा। डियालो ने एक्स पर लिखा भावुक संदेश मैच खत्म होने के कुछ ही मिनट बाद फिलिप डियालो ने एक्स पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने पूरे टूर्नामेंट से जुड़े हर शख्स का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि फ्रांस का यह सफर एक बेहद कड़े मुकाबले वाले वर्ल्ड कप में चौथे स्थान पर खत्म हुआ है, और इंग्लैंड यानी थ्री लायंस को जीत की बधाई दी। इसके बाद उन्होंने टीम की तरफ रुख किया। डियालो ने लिखा, "मैं अपने खिलाड़ियों, दिदिएर देशम्प्स और पूरे स्टाफ को सलाम करना चाहता हूं, जिन्होंने हमारे रंगों को सम्मान के साथ ढोया और अपना सर्वश्रेष्ठ दिया।" उन्होंने फ्रांस और दुनियाभर में मौजूद फैंस का भी आभार जताया, जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में हर कदम पर टीम का साथ दिया, और कहा कि उनके जुनून, वफादारी और जोश ने टीम को ताकत दी। 14 साल में बदल गई फ्रांस की तस्वीर इंग्लैंड से मिली यह हार सिर्फ इस टूर्नामेंट का अंत नहीं थी, बल्कि यह देशम्प्स के पूरे कोचिंग कार्यकाल पर भी पूर्णविराम लगा गई। देशम्प्स ने 2012 में फ्रांस की टीम की कमान संभाली थी, और इसके बाद फ्रांस के पूर्व कप्तान रहे देशम्प्स ने टीम को दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शुमार करा दिया। उनकी कोचिंग में फ्रांस ने 2018 का फीफा वर्ल्ड कप खिताब जीता, 2022 के वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंची, और 2021 में यूएफा नेशंस लीग का खिताब भी अपने नाम किया। डियालो ने इस हार को फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के इतिहास का एक बड़ा अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 14 साल में देशम्प्स ने अनुशासन, विनम्रता और जीत की एक ऐसी संस्कृति के साथ टीम को गढ़ा, जिसे वे एक स्थायी मानक बताते हैं, और इसी दौरान उन्होंने कई नए खिलाड़ियों को निखारा, अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों को साझा मूल्यों पर एकजुट रखा, और फ्रांस की जनता तथा राष्ट्रीय टीम के बीच के रिश्ते को और गहरा किया। 7 बड़े टूर्नामेंट, 3 फाइनल डियालो ने देशम्प्स की उपलब्धियों का पूरा हिसाब भी गिनाया, सात बड़े टूर्नामेंट, तीन फाइनल, 2018 का वर्ल्ड चैंपियन खिताब और 2021 की नेशंस लीग ट्रॉफी। उन्होंने कहा कि इस रिकॉर्ड ने फ्रांस को दुनिया की सबसे बड़ी फुटबॉल ताकतों में स्थायी रूप से शामिल कर दिया है। एफएफएफ और फ्रांस के तमाम फैंस की ओर से अपनी बात खत्म करते हुए डियालो ने कहा कि देशम्प्स की छाप फ्रांस टीम के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज रहेगी। रोमांच से भरी रही विदाई का मुकाबला देशम्प्स के कोच रहते फ्रांस का आखिरी मैच टूर्नामेंट के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक बन गया। इंग्लैंड ने तेज शुरुआत करते हुए हाफ टाइम तक 4-0 की बढ़त बना ली थी, जिसमें डेक्लन राइस और एज़्री कोंसा के अलावा बुकायो साका ने दो गोल दागे थे। दूसरे हाफ में फ्रांस ने जोरदार वापसी की कोशिश की, काइलियन एम्बाप्पे ने दो गोल दागे, जबकि ब्रैडली बार्कोला और उस्मान डेम्बेले ने भी गोल किए, जिससे फ्रांस मुकाबले में लौट आया। लेकिन आखिर में बाजी इंग्लैंड के हाथ ही रही। साका ने पेनल्टी स्पॉट से गोल कर अपनी हैट्रिक पूरी की, और स्टॉपेज टाइम में जूड बेलिंघम के गोल ने मैच का फैसला पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में कर दिया, जिससे इंग्लैंड ने 6-4 से जीत दर्ज की। एम्बाप्पे के नाम बना ऐतिहासिक रिकॉर्ड टीम की हार के बावजूद काइलियन एम्बाप्पे के लिए यह टूर्नामेंट यादगार बनकर खत्म हुआ। इंग्लैंड के खिलाफ दागे गए दो गोलों के साथ 2026 वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 10 पहुंच गई, जिससे वे गोल्डन बूट की रेस में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी से आगे निकल गए। इन दो गोलों ने उनके कुल वर्ल्ड कप गोलों की संख्या को महज 22 मैचों में 22 तक पहुंचा दिया, जिससे वे टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए और मेसी के पहले के 21 गोल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसका आप पर असर • फुटबॉल फैंस के लिए: दिदिएर देशम्प्स के जाने के बाद अब फ्रांस को नया मुख्य कोच खोजना होगा, जबकि काइलियन एम्बाप्पे की गोल्डन बूट की रेस और उनका नया गोल स्कोरिंग रिकॉर्ड आने वाले समय में फुटबॉल की बड़ी चर्चा का विषय बना रहेगा। सवाल-जवाब 1. फ्रांस को इंग्लैंड से तीसरे स्थान के मुकाबले में हार क्यों मिली? इंग्लैंड ने डेक्लन राइस, एज़्री कोंसा और बुकायो साका की जोड़ी के दम पर हाफ टाइम तक 4-0 की बढ़त बना ली थी, और भले ही काइलियन एम्बाप्पे (2 गोल), ब्रैडली बार्कोला और उस्मान डेम्बेले के गोलों से फ्रांस ने वापसी की, साका की पेनल्टी हैट्रिक और स्टॉपेज टाइम में जूड बेलिंघम के गोल ने इंग्लैंड को 6-4 से जीत दिला दी। 2. क्या यह दिदिएर देशम्प्स का फ्रांस के कोच के तौर पर आखिरी मैच था? हां, इंग्लैंड से मिली 6-4 की हार के साथ ही उनका 2012 में शुरू हुआ 14 साल लंबा कोचिंग कार्यकाल खत्म हो गया। 3. देशम्प्स ने फ्रांस के कोच रहते क्या-क्या हासिल किया? उन्होंने फ्रांस को 2018 का फीफा वर्ल्ड कप खिताब, 2022 के वर्ल्ड कप का फाइनल और 2021 की यूएफा नेशंस लीग ट्रॉफी दिलाई, और कुल सात बड़े टूर्नामेंट में तीन फाइनल तक पहुंचाया। 4. एफएफएफ अध्यक्ष फिलिप डियालो ने देशम्प्स के बारे में क्या कहा? डियालो ने देशम्प्स को उनके 14 साल के अनुशासन, विनम्रता और जीत की संस्कृति के लिए धन्यवाद कहा और बताया कि उनकी छाप फ्रांस टीम के इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज रहेगी। 5. काइलियन एम्बाप्पे ने 2026 वर्ल्ड कप में कितने गोल किए? इंग्लैंड के खिलाफ दो गोल दागने के बाद 2026 वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 10 हो गई, जिससे वे गोल्डन बूट रेस में लियोनेल मेसी से आगे निकल गए। 6. क्या एम्बाप्पे अब वर्ल्ड कप के इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं? हां, इंग्लैंड के खिलाफ दागे गए दो गोलों से उनके कुल वर्ल्ड कप गोलों की संख्या 22 मैचों में 22 पहुंच गई, जिससे उन्होंने मेसी के 21 गोल के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। 7. फ्रांस 2026 वर्ल्ड कप में कौन से स्थान पर रहा? इंग्लैंड से तीसरे स्थान के मुकाबले में 6-4 से हारने के बाद फ्रांस टूर्नामेंट में चौथे स्थान पर रहा। प्रेरणा और सबक दिदिएर देशम्प्स के 14 साल के कोचिंग सफर से कुछ साफ सबक सीखे जा सकते हैं कि कोई भी बड़ी चीज कैसे लंबे समय तक टिकाऊ बनाई जाती है। • सिर्फ एक बड़ी जीत नहीं, निरंतरता जरूरी: देशम्प्स की विरासत 14 साल और सात बड़े टूर्नामेंट में बनी, न कि किसी एक संयोगवश मिली सफलता से। • नतीजों से ज्यादा जरूरी है संस्कृति: डियालो ने उन्हें अनुशासन, विनम्रता और जीत की ऐसी संस्कृति गढ़ने का श्रेय दिया, जिसे एफएफएफ आगे भी एक मानक के तौर पर बनाए रखना चाहता है। • नए खिलाड़ियों को लगातार तैयार करना: अपने कार्यकाल में देशम्प्स ने कई नए इंटरनेशनल खिलाड़ी तैयार किए, जिससे टीम हमेशा तरोताजा बनी रही। • साझा मूल्यों पर लोगों को एकजुट रखना: उन्होंने अलग-अलग पीढ़ियों के खिलाड़ियों को बिखरने देने के बजाय साझा मूल्यों पर एकजुट रखा। • अपने समर्थकों से जुड़ाव मजबूत करना: डियालो के मुताबिक देशम्प्स ने फ्रांस की जनता और राष्ट्रीय टीम के बीच के रिश्ते को और गहरा किया, जो याद दिलाता है कि ट्रॉफी जितना ही जरूरी होता है लगातार मिलने वाला समर्थन। https://trendkia.com/football/6-4-ke-romanchaka-mukabale-men-khatma-hua-didier-deschamps-ka-14-sala-ka-saphara-fff-adhyaksha-ne-ki-taripha-8735 TrendKia — Har trend, sabse pehle.