भारत की जूनियर टीम को छकाने में नाकाम रहा वो स्ट्राइकर, आज ब्राजील को धूल चटाकर बना क्वार्टर फाइनलिस्ट फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ब्राजील के खिलाफ दो गोल दागने वाले एर्लिंग हालैंड करीब एक दशक पहले भारत की जूनियर टीम के खिलाफ भी खेल चुके हैं, जहां एक रेड कार्ड ने मैच का पूरा रुख बदल दिया था. फीफा वर्ल्ड कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड ने पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील की टीम के खिलाफ दो गोल दागकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. इस जीत ने नॉर्वे को पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया. लेकिन कम ही लोगों को याद होगा कि यही एर्लिंग हालैंड करीब एक दशक पहले भारत की जूनियर फुटबॉल टीम के सामने भी मैदान में उतर चुके हैं, और उस मैच में भारतीय डिफेंस ने उन्हें लंबे समय तक गोल करने से रोके रखा था. यह किस्सा सिर्फ एक मुकाबले की याद भर नहीं, बल्कि नॉर्वे और भारत के फुटबॉल के अलग-अलग सफर की कहानी भी बताता है. ब्राजील को हराकर हालैंड ने रचा इतिहास वर्ल्ड कप के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में नॉर्वे का सामना ब्राजील से हुआ, ज्यादातर फुटबॉल विशेषज्ञ इस मैच में ब्राजील को जीत का प्रबल दावेदार मान रहे थे क्योंकि ब्राजील पांच बार की विश्व चैंपियन टीम है. लेकिन मैदान पर हालैंड ने सारी भविष्यवाणियां पलट दीं. मैच के 79वें मिनट में उन्होंने एक शानदार हेडर से नॉर्वे को बढ़त दिला दी, और उसके कुछ देर बाद मैच खत्म होने से पहले ही दूसरा गोल दागकर जीत पक्की कर दी. आखिरकार नॉर्वे ने यह मुकाबला 2-1 से अपने नाम किया, और इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही नॉर्वे की टीम पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही. दस साल पहले भारत के सामने भी था यही हालैंड आज दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकरों में गिने जाने वाले हालैंड को कभी भारत की जूनियर टीम ने भी काफी देर तक गोल करने से रोके रखा था. यह किस्सा 2016 का है, जब भारत की अंडर-17 टीम फीफा अंडर-17 वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी थी. इसी तैयारी के दौरान भारतीय टीम का सामना नॉर्वे की अंडर-16 टीम से हुआ, और उस नॉर्वे टीम में एर्लिंग हालैंड भी शामिल थे. मैच के पहले 45 मिनट तक भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद मजबूत डिफेंस दिखाया, नतीजा यह रहा कि पहला हाफ खत्म होने तक स्कोर 0-0 पर बना रहा. उस समय तक हालैंड भी गोल दागने में कामयाब नहीं हो पाए थे. एक रेड कार्ड ने बदल दी मैच की पूरी तस्वीर दूसरे हाफ में मैच का रुख अचानक बदल गया, जब भारतीय डिफेंडर संजीव स्टालिन को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा. इसके साथ ही भारत को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने पर मजबूर होना पड़ा, और यहीं से मैच का पासा पलट गया. 57वें मिनट में हालैंड ने आखिरकार अपना पहला गोल दाग दिया, और इसके बाद एरिक बोथीम ने दूसरा गोल करके नॉर्वे को 2-0 से जीत दिला दी. अगर भारतीय टीम पूरे 11 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर डटी रहती, तो शायद यह मुकाबला कहीं ज्यादा रोमांचक और करीबी हो सकता था. एक तरफ हालैंड का उभार, दूसरी तरफ भारतीय फुटबॉल की धीमी रफ्तार 2016 में नॉर्वे की उस अंडर-16 टीम का हिस्सा रहे एर्लिंग हालैंड आज पूरी दुनिया के फुटबॉल जगत के सबसे बड़े सुपरस्टार में शुमार हो चुके हैं. इंग्लिश क्लब फुटबॉल से लेकर वर्ल्ड कप तक, वह लगातार गोल पर गोल दागकर एक जीती-जागती गोल मशीन साबित हुए हैं. दूसरी तरफ, भारत की उसी अंडर-17 टीम के कई खिलाड़ी आगे चलकर सीनियर राष्ट्रीय टीम और इंडियन सुपर लीग यानी ISL तक जरूर पहुंचे, लेकिन भारतीय फुटबॉल उस मुकाम तक नहीं पहुंच सका, जिसकी उम्मीद उस दौर में की जा रही थी. गोल्डन बूट की रेस में मेसी और एमबाप्पे के बराबर खड़े हालैंड ब्राजील के खिलाफ दो गोल दागने के बाद हालैंड इस वर्ल्ड कप में अब तक कुल सात गोल कर चुके हैं. इसी के साथ वह गोल्डन बूट की दौड़ में दुनिया के दो सबसे बड़े सितारों कायलियन एमबाप्पे और लियोनेल मेसी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े नजर आ रहे हैं. महज 26 साल की उम्र में हालैंड ने नॉर्वे के फुटबॉल इतिहास में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसकी कल्पना कुछ साल पहले तक भी काफी मुश्किल मानी जाती थी. भारत के लिए अब भी वर्ल्ड फुटबॉल में वापसी का इंतजार गौर करने वाली बात यह है कि 2016 में भारत और नॉर्वे की जूनियर टीमें मैदान पर लगभग बराबरी की टक्कर देती नजर आई थीं, पहले हाफ तक भारतीय डिफेंस ने दुनिया के भविष्य के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर को गोल करने का मौका तक नहीं दिया था. लेकिन अगले दस सालों में दोनों देशों का फुटबॉल सफर बिल्कुल अलग-अलग दिशा में निकल गया. नॉर्वे ने हालैंड जैसे खिलाड़ियों के दम पर विश्व फुटबॉल में मजबूत पहचान बनाई, और अब वह वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल तक जा पहुंचा है. दूसरी ओर भारत आज भी फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर काफी पीछे खड़ा है, और विश्व फुटबॉल के बड़े मंच पर वापसी का इंतजार कर रहा है. इसका आप पर असर यह खबर सीधे तौर पर आपकी जेब या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर नहीं डालती, लेकिन फुटबॉल फैंस और भारतीय फुटबॉल से जुड़े लोगों के लिए यह जरूर दिलचस्प और सोचने वाली बात है. • फुटबॉल फैंस के लिए: हालैंड, मेसी और एमबाप्पे के बीच गोल्डन बूट की जंग वर्ल्ड कप के बाकी बचे मुकाबलों को और रोमांचक बना देगी. • भारतीय फुटबॉल के लिए: 2016 वाले इस मुकाबले की याद यह दिखाती है कि भारत की जूनियर टीमों में शुरुआती दौर में क्षमता थी, और यह किस्सा देश में युवा फुटबॉल खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी और निवेश की जरूरत की तरफ इशारा करता है. सवाल-जवाब 1. ब्राजील के खिलाफ हालैंड ने कितने गोल किए और मैच का स्कोर क्या रहा? हालैंड ने दो गोल दागे, 79वें मिनट में हेडर से बढ़त दिलाई और फिर मैच खत्म होने से पहले दूसरा गोल किया, नॉर्वे ने यह मुकाबला 2-1 से जीता. 2. भारत के खिलाफ हालैंड कब और किस टीम के लिए खेले थे? यह मुकाबला 2016 में हुआ था, जब हालैंड नॉर्वे की अंडर-16 टीम का हिस्सा थे और भारत की अंडर-17 टीम की तैयारी के मैच में उससे भिड़े थे. 3. 2016 वाले मैच में रेड कार्ड किसे मिला था और उसका क्या असर हुआ? भारतीय डिफेंडर संजीव स्टालिन को दूसरा पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा, जिसके बाद भारत 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने को मजबूर हुआ और नॉर्वे ने 2-0 से मैच जीत लिया. 4. उस मैच में नॉर्वे के लिए दूसरा गोल किसने किया था? नॉर्वे के लिए दूसरा गोल एरिक बोथीम ने किया था. 5. हालैंड फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अब तक कितने गोल कर चुके हैं? ब्राजील के खिलाफ दो गोल के बाद हालैंड इस वर्ल्ड कप में कुल सात गोल कर चुके हैं. 6. भारत की मौजूदा फीफा रैंकिंग क्या है? भारत फिलहाल फीफा रैंकिंग में 138वें स्थान पर है. 7. नॉर्वे पहली बार वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में कब पहुंचा? ब्राजील को 2-1 से हराने वाली इस जीत के साथ ही नॉर्वे पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचा. https://trendkia.com/football/bharata-ki-juniyara-tima-ko-chhakane-men-nakama-raha-vo-straikara-aja-brazil-ko-dhula-chatakara-bana-kvartara-phainalista-5268 TrendKia — Har trend, sabse pehle.