# ढाका में दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ कप की शुरुआत, पहले ही मैच में आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान

> दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ चैंपियनशिप में भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से करेगी, जहां सीनियर टीम की गैरमौजूदगी में युवा स्क्वाड को 18 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरना पड़ रहा है.

**Type:** article · **Category:** फुटबॉल · **Published:** 2026-11-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/football/dhaka-men-dakshina-eshiyai-phutabola-mahasngha-kapa-ki-shuruata-pahale-hi-maicha-men-amane-samane-honge-india-aura-pakistan-56675 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय फुटबॉल, सैफ चैंपियनशिप, भारत बनाम पाकिस्तान, एआईएफएफ, आईएसएल, ढाका नेशनल स्टेडियम, नौशाद मूसा

दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ चैंपियनशिप का मंच सज चुका है और टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में ही गुरुवार को पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगे. गत विजेता होने के बावजूद इस क्षेत्रीय प्रतियोगिता में भारत अपनी मुख्य सीनियर टीम को नहीं उतार रहा है, क्योंकि मुख्य राष्ट्रीय टीम को 12 और 15 नवंबर को ऑकलैंड और क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के विरुद्ध दो अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मुकाबले खेलने हैं. सीनियर टीम के इस विदेशी दौरे के चलते सैफ प्रतियोगिता के लिए एक वैकल्पिक टीम तैयार की गई है, जिसे अपने शुरुआती मैच में खिलाड़ियों की सीमित संख्या के साथ ही तालमेल बिठाना होगा.

## शुरुआती मैच में केवल 18 खिलाड़ियों की उपलब्धता और क्लबों का रुख
शुरुआती मैच में भारतीय खेमे के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों की संख्या को लेकर खड़ी हो गई है. पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के लिए टीम प्रबंधन के पास चयन के लिए सिर्फ 18 खिलाड़ी ही मौजूद रहेंगे. इसकी मुख्य वजह यह है कि गुरुवार का यह मैच फीफा की आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय विंडो के बाहर आयोजित हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की यह निर्धारित विंडो 9 से 17 नवंबर तक चलेगी. घरेलू सत्र के बीच चल रहे इंडियन सुपर लीग के क्लब इस निर्धारित विंडो से पहले अपने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम के लिए छोड़ने को तैयार नहीं थे, जिसके चलते शुरुआती मुकाबले में स्क्वाड की पूरी ताकत नहीं मिल पाई.

## ढाका पहुंचने की चरणबद्ध योजना और ग्रुप का समीकरण
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ द्वारा घोषित योजना के मुताबिक कुल 28 सदस्यीय दल को दो अलग-अलग चरणों में बांग्लादेश भेजा जा रहा है. योजना के तहत 18 खिलाड़ी तीन नवंबर को कोलकाता के रास्ते ढाका पहुंच चुके हैं, जबकि शेष 10 खिलाड़ी अगले कुछ दिनों में वहां पहुंचकर बाकी दल से जुड़ेंगे. नौ नवंबर से फीफा विंडो लागू होते ही आईएसएल क्लबों द्वारा रोके गए खिलाड़ी भी रिलीज हो जाएंगे, जिससे भारतीय टीम को अपनी पूरी 28 खिलाड़ियों की ताकत मिल सकेगी.

ढाका के नेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे छह देशों के इस टूर्नामेंट को दो समूहों में विभाजित किया गया है. ग्रुप बी में शामिल भारतीय टीम का दूसरा लीग मुकाबला 11 नवंबर को मालदीव के खिलाफ होना तय है. दूसरी ओर ग्रुप ए में मेजबान बांग्लादेश के साथ श्रीलंका और भूटान को जगह दी गई है. तय प्रारूप के तहत दोनों समूहों से शीर्ष दो पायदान पर रहने वाली टीमें 14 नवंबर को सेमीफाइनल खेलने उतरेंगी, जबकि खिताबी मुकाबला 17 नवंबर को ढाका के इसी मैदान पर खेला जाएगा.

## कोचिंग स्टाफ की कमान और मुख्य कोच का दृष्टिकोण
इस टूर्नामेंट में भारतीय टीम के मार्गदर्शन का दायित्व अंडर-23 राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच नौशाद मूसा संभाल रहे हैं. उनके साथ सहायक कोच की जिम्मेदारी बिबियानो फर्नांडिस को सौंपी गई है, जिन्होंने हाल ही में अजरबैजान में आयोजित फीफा अंडर-15 विश्व कप और महोत्सव में भारतीय अंडर-15 पुरुष दल को कोचिंग दी थी. ढाका पहुंचने के बाद नौशाद मूसा ने अपनी रणनीति और टूर्नामेंट को लेकर विचार साझा किए. नौशाद ने कहा कि उन्हें लगता है कि बांग्लादेश इस समय टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीम है और उन्हें उम्मीद है कि वे फाइनल में उसका सामना करेंगे.

## टूर्नामेंट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड और दोनों टीमों का पिछला आमना-सामना
दक्षिण एशियाई फुटबॉल महासंघ चैंपियनशिप के इतिहास पर नजर डालें तो भारतीय टीम का दबदबा साफ दिखाई देता है. वर्ष 1993 में शुरू हुए इस टूर्नामेंट के अब तक 14 संस्करण आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें से भारत ने रिकॉर्ड नौ बार खिताब अपने नाम किया है. इसके अलावा भारतीय टीम चार मौकों पर उपविजेता रही है, जबकि एक बार टीम तीसरे स्थान पर रही थी.

दूसरी तरफ पाकिस्तान की टीम का इस क्षेत्रीय चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 1997 में आया था, जब वह तीसरे स्थान पर रहने में सफल रही थी. दोनों देशों के बीच पिछला अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ष 2023 में बेंगलुरु में आयोजित सैफ चैंपियनशिप के दौरान हुआ था. उस मुकाबले में भारत ने एकतरफा खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को 4-0 से हराया था. उस मैच में सुनील छेत्री ने शानदार हैट्रिक दर्ज की थी और बाद में मुख्य कोच इगोर स्टिमक के मार्गदर्शन में भारत ने उस संस्करण की ट्रॉफी भी जीती थी.

## इसका आप पर असर
इस टूर्नामेंट से भारतीय फुटबॉल के बेंच स्ट्रेंथ और युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का सीधा अवसर मिलेगा.

- **भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए:** मुख्य राष्ट्रीय टीम के न्यूजीलैंड दौरे पर होने के कारण प्रशंसकों को नई प्रतिभाओं और अंडर-23 स्तर के खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने को मिलेगा. इससे घरेलू फुटबॉल की अगली पीढ़ी की अंतरराष्ट्रीय क्षमता का सटीक मूल्यांकन हो सकेगा.
- **घरेलू क्लबों के लिए:** इंडियन सुपर लीग के क्लबों को टूर्नामेंट के शुरुआती हिस्से में अपने मुख्य खिलाड़ियों को गंवाना नहीं पड़ा है. इसके चलते घरेलू सत्र के मैचों में क्लबों की रणनीति और टीम संतुलन अप्रभावित बना रहेगा.
- **युवा खिलाड़ियों के लिए:** 18 सदस्यीय शुरुआती दल में शामिल युवा खिलाड़ियों को सीधे चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ दबाव वाले मैच में शुरुआत करने का मौका मिला है. यहां शानदार प्रदर्शन उनके लिए सीनियर राष्ट्रीय टीम के दरवाजे खोल सकता है.
- **प्रसारण और शेड्यूल के लिहाज से:** फुटबॉल देखने वाले प्रशंसकों को 9 से 17 नवंबर की आधिकारिक विंडो के दौरान भारत के कई अंतरराष्ट्रीय मुकाबले देखने को मिलेंगे. एक तरफ सीनियर टीम न्यूजीलैंड में खेलेगी तो दूसरी तरफ यह टीम ढाका में खिताब बचाने उतरेगी.

## ऐसा क्यों हुआ
भारत को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी दूसरी श्रेणी की टीम उतारनी पड़ी क्योंकि मुख्य राष्ट्रीय टीम का कार्यक्रम पहले से अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए तय था और क्लब मैचों के कारण खिलाड़ियों की उपलब्धता प्रभावित हुई.

- **अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मैचों का टकराव:** भारत की मुख्य सीनियर टीम को 12 और 15 नवंबर को ऑकलैंड और क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मैच खेलने हैं. इस तय दौरे की वजह से महासंघ को सैफ कप के लिए वैकल्पिक टीम बनानी पड़ी.
- **फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो की समयसीमा:** पाकिस्तान के खिलाफ होने वाला मुकाबला 9 से 17 नवंबर की आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय विंडो शुरू होने से पहले निर्धारित किया गया. नियमों के तहत क्लब इस विंडो से पहले खिलाड़ी छोड़ने के लिए बाध्य नहीं थे.
- **आईएसएल क्लबों की अनिच्छा:** घरेलू सत्र जारी होने के कारण इंडियन सुपर लीग के क्लब अपने खिलाड़ियों को समय से पहले रिलीज करने को राजी नहीं हुए. इसी वजह से शुरुआती मुकाबले के लिए केवल 18 खिलाड़ियों का दल ही ढाका पहुंच सका.

## सवाल-जवाब

### 1. भारत टूर्नामेंट में अपनी मुख्य सीनियर टीम क्यों नहीं भेज रहा है?
भारत की मुख्य सीनियर टीम 12 और 15 नवंबर को न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड और क्राइस्टचर्च में अंतरराष्ट्रीय दोस्ताना मैच खेलने जा रही है.

### 2. पाकिस्तान के खिलाफ शुरुआती मैच में भारत के पास कितने खिलाड़ी उपलब्ध रहेंगे?
पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले पहले मुकाबले के लिए भारतीय टीम प्रबंधन के पास केवल 18 खिलाड़ी ही चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे.

### 3. बाकी 10 भारतीय खिलाड़ी टीम से कब जुड़ेंगे?
फीफा अंतरराष्ट्रीय विंडो 9 नवंबर से शुरू होने के बाद आईएसएल क्लब बाकी खिलाड़ियों को छोड़ेंगे, जिसके बाद वे ढाका में टीम से जुड़ेंगे.

### 4. भारतीय टीम का मुख्य कोच कौन है और सहायक कोच की जिम्मेदारी किसे मिली है?
अंडर-23 राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच नौशाद मूसा टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं, जबकि बिबियानो फर्नांडिस सहायक कोच की भूमिका में हैं.

### 5. ग्रुप चरण में भारत का अगला मुकाबला कब और किसके खिलाफ होगा?
भारत का दूसरा ग्रुप बी मुकाबला 11 नवंबर को मालदीव के खिलाफ ढाका के नेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा.

### 6. सैफ चैंपियनशिप के इतिहास में भारतीय टीम का अब तक क्या रिकॉर्ड रहा है?
भारत ने 1993 से अब तक आयोजित 14 संस्करणों में से 9 बार खिताब जीता है, 4 बार उपविजेता रहा है और 1 बार तीसरे स्थान पर रहा है.

### 7. भारत और पाकिस्तान के बीच पिछला मैच कब हुआ था और उसका नतीजा क्या रहा?
दोनों टीमों के बीच पिछला मुकाबला 2023 में बेंगलुरु में हुआ था, जहां भारत ने सुनील छेत्री की हैट्रिक की मदद से पाकिस्तान को 4-0 से हराया था.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._