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  "title": "फीफा की विश्व कप शेयर योजना पर भड़का यूरोपीय फुटबॉल, अलेक्जेंडर सेफ़रिन ने बुलाई 55 देशों की आपात बैठक",
  "summary": "फीफा द्वारा विश्व कप प्रतियोगिताओं में 20 प्रतिशत व्यावसायिक हिस्सेदारी निजी निवेशकों को बेचने की विवादित योजना के बाद यूईएफए ने 55 सदस्य देशों की आपात बैठक बुलाई है।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ की ओर से विश्व कप की 20 प्रतिशत व्यावसायिक हिस्सेदारी निजी निवेश कंपनियों को बेचने के विवादास्पद प्रस्ताव पर यूरोपीय फुटबॉल संस्था में भारी रोष देखा जा रहा है। यूरोपीय फुटबॉल संघ के अध्यक्ष अलेक्जेंडर सेफ़रिन ने इस गंभीर मुद्दे पर साझा रणनीति तैयार करने के लिए अपने सभी 55 सदस्य संघों की गुरुवार दोपहर एक आपातकालीन वर्चुअल बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह कदम तब उठाया गया है जब फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो द्वारा संचालित इस परियोजना को लेकर वैश्विक स्तर पर फुटबॉल प्रशासकों, खिलाड़ियों के संगठनों और घरेलू लीगों में तीव्र विरोध शुरू हो गया है।\n\nप्रस्ताव की शर्तें और वित्तीय दबाव का आरोप\nविवाद की मुख्य वजह फीफा द्वारा दुनिया भर के 211 सदस्य संघों को भेजा गया एक आधिकारिक पत्र है। इस पत्र के जरिए सभी सदस्य देशों को 19 सितंबर तक इस वाणिज्यिक सौदे को स्वीकार करने का अल्टीमेटम दिया गया है। जो संघ इस समय सीमा के भीतर प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, उन्हें 40 मिलियन डॉलर यानी लगभग 30 मिलियन पाउंड के शुरुआती पैकेज में से 20 मिलियन डॉलर यानी लगभग 15 मिलियन पाउंड की पहली किश्त का भुगतान किया जाएगा। निर्धारित समय सीमा तक समर्थन न देने पर इस वित्तीय पेशकश को वापस लेने की चेतावनी दी गई है।\n\nयूईएफए ने इस वित्तीय दबाव वाली रणनीति पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि इस समय सीमा से ही फीफा की इस पूरी परियोजना की वास्तविक मंशा उजागर हो जाती है। इससे पहले जारी अपने शुरुआती बयान में यूरोपीय निकाय ने स्पष्ट किया था कि फीफा ने खेल के प्रशासन में अपनी सीमाओं को लांघा है। कई राष्ट्रीय संघ, जिनमें इंग्लैंड का फुटबॉल एसोसिएशन भी शामिल है, इस बात से बेहद नाराज हैं कि उन्हें इतना बड़ा फैसला किसी आधिकारिक चर्चा के बजाय मीडिया माध्यमों के जरिए पता चला। इंग्लैंड की एफए अध्यक्ष डेबी हेविट, जो स्वयं फीफा की उपाध्यक्ष हैं, उन्हें भी इस प्रस्ताव के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इस मुद्दे पर केवल यूरोप ही नहीं, बल्कि एशियाई, दक्षिण अमेरिकी और उत्तरी एवं मध्य अमेरिकी फुटबॉल परिसंघों ने भी गहरी चिंता जताई है।\n\nनिजी इक्विटी फर्म और राजनीतिक संबंध\nफीफा का यह विवादास्पद प्रस्ताव निजी वित्त पोषण वाहन थ्राइव इटरनल के नेतृत्व वाले एक कंसोर्टियम पर केंद्रित है। इस निवेश संस्था का स्वामित्व अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के पति के भाई जोशुआ कुश्नर के पास है। विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में किसी निजी इक्विटी फर्म को मालिकाना हक देने की कोशिशों ने खेल के वाणिज्यिक भविष्य को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।\n\nयूईएफए की संभावित कार्रवाई और सदस्य देशों के विचार\nवर्चुअल बैठक में यूईएफए के पास मौजूद विभिन्न विकल्पों पर चर्चा की जाएगी। 2026 विश्व कप के चार में से तीन सेमीफाइनल प्रतिभागी यूईएफए के ही सदस्य देश हैं। यदि यूरोपीय संघ के सदस्य देश एकजुट होकर इस प्रतियोगिता का बहिष्कार करने जैसा कड़ा फैसला लेते हैं, तो इससे पूरे विश्व कप की वित्तीय और खेल संबंधी प्रासंगिकता को गहरा झटका लग सकता है। हालांकि, खेल प्रशासक इस कदम को एक अत्यंत अंतिम विकल्प के रूप में देख रहे हैं। यूईएफए के भीतर सभी सदस्यों की राय एक समान नहीं है। उदाहरण के तौर पर चेक गणराज्य फुटबॉल संघ के अध्यक्ष डेविड ट्रुंडा ने इस योजना का व्यावहारिक समर्थन करते हुए कहा कि वे चेक फुटबॉल के हित में इसके व्यावहारिक लाभों को देख सकते हैं।\n\nफीफा का बचाव और जियानी इन्फेंटिनो की दलीलें\nदुनिया भर में हो रही व्यापक आलोचना के बीच फीफा ने बुधवार शाम एक 8 पन्नों का दस्तावेज जारी कर अपनी योजना का बचाव किया। फीफा का तर्क है कि फुटबॉल के बढ़ते व्यावसायिक मूल्य का पर्याप्त हिस्सा उन क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। कई छोटे सदस्य देशों के लिए यह प्रस्तावित राशि उनके वार्षिक बजट से भी अधिक है। हालांकि, पहले से दी जाने वाली फीफा वित्तीय सहायता के ऑडिट पर भी सवाल उठते रहे हैं।\n\nफीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस योजना को एक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यह कोई अनिवार्यता नहीं बल्कि एक स्वैच्छिक प्रस्ताव है, जो लोकतांत्रिक परामर्श प्रक्रिया का हिस्सा है। इन्फेंटिनो के अनुसार, यह धनराशि विश्व स्तरीय खेल मैदानों के निर्माण, मजबूत राष्ट्रीय टीमों के गठन, युवा खिलाड़ियों के विकास और महिला फुटबॉल के विस्तार में काम आएगी। फीफा ने केप वर्डे, कुराकाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान जैसे देशों के पहली बार विश्व कप के लिए अर्हता प्राप्त करने का हवाला देते हुए अपने वैश्विक प्रयासों का बचाव किया, भले ही यह आंशिक रूप से 48 टीमों के विस्तार के कारण हुआ हो। इसके अलावा फीफा ने फॉर्मूला 1, ला लीगा, लीग 1 और बुंडेसलीगा जैसे खेल संगठनों का उदाहरण देते हुए कहा कि निजी निवेशक विश्व कप के खेल संचालन पर कोई प्रभाव नहीं डालेंगे।\n\nवैश्विक फुटबॉल जगत से तीखी प्रतिक्रियाएं\nफीफा के इन तर्कों के बावजूद खेल जगत के प्रमुख हितधारकों ने इस योजना को खारिज कर दिया है। यूरोपियन लीग्स संगठन ने एक कड़ा बयान जारी कर कहा कि विश्व कप बिक्री के लिए नहीं है और यह फीफा अध्यक्ष की निजी इक्विटी संपत्ति नहीं हो सकती। खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन फिफप्रो ने फीफा से इस प्रस्ताव पर तुरंत पुनर्विचार करने की मांग की। फिफप्रो का कहना है कि विश्व कप जैसी प्रतियोगिताओं को निजी पूंजी के लिए निवेश योग्य संपत्ति में बदलना खेल के पूरे ढांचे को स्थायी रूप से बदल देगा, और इतने बड़े फैसले को बंद कमरों में तैयार करना चिंताजनक है।\n\nला लीगा के अध्यक्ष जेवियर टेबास ने जियानी इन्फेंटिनो पर मार्च में होने वाले आगामी फीफा कांग्रेस से पहले वोट खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाया। टेबास ने कहा कि यह कोई सुधार नहीं बल्कि फुटबॉल के भविष्य के पैसे से वित्तपोषित एक चुनावी अभियान लगता है। विकास के नाम पर वोट या चुप्पी नहीं खरीदी जा सकती। इसी तरह जर्मन फुटबॉल संघ डीएफबी के उपाध्यक्ष और बोरूसिया डॉर्टमुंड के अध्यक्ष हंस-जोआचिम वाट्ज़के ने कहा कि फीफा की यह योजना फुटबॉल के मूल सिद्धांतों पर एक बड़ा हमला है और यदि यूरोपीय फुटबॉल इसके खिलाफ एकजुट होता है तो इसका दूरगामी असर होगा।\n\nइसका आप पर असर\nफुटबॉल प्रशंसकों के लिए: विश्व कप प्रतियोगिताओं में निजी निवेशकों की प्रविष्टि से मैचों के प्रसारण, टिकट दरों और व्यावसायिक व्यावसायिकता पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।\n\nअंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संघों के लिए: छोटे और विकासशील देशों के फुटबॉल निकायों को वित्तीय सहायता मिल सकती है, जबकि बड़े यूरोपीय संघों को अपनी स्वायत्तता और राजस्व में कमी का खतरा दिख रहा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूईएफए ने आपातकालीन बैठक क्यों बुलाई है?\nयूईएफए ने विश्व कप प्रतियोगिताओं में 20 प्रतिशत व्यावसायिक हिस्सेदारी एक निजी निवेश फर्म को बेचने के फीफा के विवादास्पद प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए अपने 55 सदस्य संघों की आपात बैठक बुलाई है।\n\n2. फीफा ने सदस्य संघों को क्या वित्तीय पेशकश की है?\nफीफा ने 19 सितंबर की समय सीमा तक प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सदस्य संघों को 40 मिलियन डॉलर के पैकेज में से 20 मिलियन डॉलर की शुरुआती राशि देने की पेशकश की है।\n\n3. इस वाणिज्यिक सौदे में कौन सी निजी इक्विटी फर्म शामिल है?\nयह सौदा थ्राइव इटरनल नामक निवेश वाहन से जुड़ा है, जिसका स्वामित्व जोशुआ कुश्नर के पास है।\n\n4. फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने इस योजना के पक्ष में क्या तर्क दिया है?\nजियानी इन्फेंटिनो का कहना है कि यह एक स्वैच्छिक अवसर है जो दुनिया भर में मैदानों के निर्माण, महिला फुटबॉल के विकास और युवा खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए धन जुटाएगा।\n\n5. यूरोपीय लीगों और खिलाड़ियों के संघ फिफप्रो की क्या प्रतिक्रिया रही?\nयूरोपीय लीगों और फिफप्रो दोनों ने इस योजना की कड़ी आलोचना की है, यह कहते हुए कि विश्व कप बिक्री के लिए नहीं है और इसे निजी संपत्ति में बदलना खेल के ढांचे को नुकसान पहुंचाएगा।",
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  "category": "फुटबॉल",
  "publishedAt": "2026-07-30",
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